कौन हैं पूजा पाल? कभी बसपा से मिली थी ‘सजा’, अब सपा ने दिखाया बाहर का रास्ता

Who is Pooja Pal: यह पहली बार नहीं है जब पूजा पाल किसी दल से निकाली गयी हो। इससे पहले साल 2018 में बहुजन समाज पार्टी से भी पूजा पाल को निष्कासित किया जा चुका है।

Update:2025-08-14 16:45 IST

SP MLA Pooja Pal

Who is Pooja Pal: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद की चायल विधानसभा सीट से विधायक पूजा पाल को समाजवादी पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पूजा पाल को विधानसभा सदन में योगी सरकार की तारीफ करने का खामियाजा उठाना पड़ा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में पूजा पाल पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया गया है। उन्हें सपा के सभी पदों से भी बेदखल कर दिया गया है। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब पूजा पाल किसी दल से निकाली गयी हो। इससे पहले साल 2018 में बहुजन समाज पार्टी से भी पूजा पाल को निष्कासित किया जा चुका है।

पार्टी लाइन से हटकर काम कर रही थीं पूजा पाल

बीते कई माह से विधायक पूजा पाल समाजवादी पार्टी की रडार पर थी। साल 2024 के फूलपुर उपचुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार दीपक पटेल को खुलेआम समर्थन किया था। दीपक पटेल के पक्ष में वह घर-घर पहुंची थीं और वोट मांगा था। यहीं नहीं पूजा पाल ने राज्यसभा चुनाव में भी क्रॉस वोटिंग की थी और भाजपा प्रत्याशी का समर्थन किया था।

बसपा से पहली बार बनीं विधायक

इलाहाबाद शहर पश्चिमी सीट से विधायक रहे राजू पाल की पूजा पाल के साथ 15 जनवरी, 2005 को विवाह हुआ था। विवाह के महज दस दिन बाद ही उनकी हत्या कर दी गयी। उस समय बसपा ने पूजा पाल का साथ दिया और उन्हें उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया। हालांकि अतीक अहमद के सामने वह हार गयी थीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और फिर साल 2007 में बसपा के टिकट पर वह दोबारा विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरीं और इस बार उन्हें जीत मिली। वह पहली बार विधायक बनीं। 2012 में वह एक बार फिर विधायक चुनी गयीं। हालांकि साल 2017 में पूजा पाल भाजपा उम्मीदवार सिद्धार्थनाथ सिंह के आगे हार गयीं।

2018 में बसपा ने दिखाया बाहर का रास्ता

साल 2017 के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के कुछ समय बाद पूजा पाल ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से भेंट की। जिसके बाद फरवरी 2018 बसपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया। उस समय बसपा की तरफ से कहा गया कि वह पार्टी बदलने की तैयारी में हैं। वहीं तब पूजा पाल ने कहा था कि वह पति के हत्यारों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से केशव प्रसाद मौर्य से मिली थीं।

बसपा के बाद सपा से बनीं विधायक

बसपा से निकाले जाने के बाद पूजा पाल ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। वह साल 2022 में सपा के टिकट पर कौशांबी जनपद के चायल विधानसभा सीट से विधायक चुनी गयीं। बीते एक साल से उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप लग रहे थे।

2005 में हुई थी पति की हत्या

प्रयागराज जनपद में 25 जनवरी, 2005 को विधायक पूजा पाल के पति और तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की सरेराह हत्या कर दी गई थी। उनके पति की हत्या का आरोप अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ पर लगाया गया था। पूजा पाल ने पति के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए काफी लंबी लड़ाई लड़ी थी।

बीते बुधवार को विधानसभा सदन में उन्होंने योगी सरकार की जमकर तारीफ की और उनका धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा था कि योगी सरकार ने उन्हें न्याय दिलाया। उन्होंने कहा था कि सभी यह जानते थे कि उनके पति की हत्या किसने की। योगी सरकार ने उनके साथ न्याय किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मेरी बात को उन्होंने तब सुना। जब किसी ने भी मेरी बात को नहीं सुना था।

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