UP DGP: राजीव कृष्ण, रेणुका मिश्रा या फिर कोई और...कौन बनेगा LUP का स्थायी डीजीपी? 4 साल बाद खत्म होगा सस्पेंस
UP DGP: उत्तर प्रदेश को लगभग चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अब जल्द ही स्थायी पुलिस महानिदेशक मिलने जा रहा है। इसको लेकर दिल्ली में आज संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की अहम बैठक आयोजित होने वाली है।
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UP DGP: उत्तर प्रदेश को लगभग चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अब जल्द ही स्थायी पुलिस महानिदेशक मिलने जा रहा है। इसको लेकर दिल्ली में आज संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की अहम बैठक आयोजित होने वाली है। बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य सचिव एसपी गोयल शामिल होंगे। बैठक में यूपीएससी तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों पर अंतिम मुहर लगाएगा, जिनके पैनल में से उत्तर प्रदेश सरकार को नया स्थायी डीजीपी चुनना होगा। सूत्रों के अनुसार वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्णा का नाम इस दौड़ में सबसे मजबूत माना जा रहा है। हालांकि वरिष्ठता सूची के हिसाब से 1990 बैच की आईपीएस अफसर रेणुका मिश्रा के नाम की चर्चा सबसे ज्यादा है। इसके अलावा 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अफसर पीयूष आनंद भी इस रेस में आगे चल रहे हैं।
2022 के बाद नहीं हुई स्थायी डीजीपी की नियुक्ति
मई 2022 में उत्तर प्रदेश में तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल के हटने के बाद से स्थायी डीजीपी की तैनाती नहीं हो पाई है। तब से यूपी में कार्यवाहक डीजीपी ही पुलिस विभाग का संचालन कर रहे हैं। यूपीएससी की बैठक के बाद यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और अब प्रदेश को नया स्थायी डीजीपी मिल सकता है। रेणुका मिश्रा का नाम वरिष्ठता के आधार पर आगे चल रहा है, लेकिन हालिया रिकॉर्ड उनके लिए चुनौती बन सकता है।
उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के बाद उन्हें नई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई। आईपीएस रेणुका मिश्रा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। पेपर लीक विवाद के बाद सरकार ने भर्ती बोर्ड की जिम्मेदारी उनसे लेकर राजीव कृष्ण को सौंप दी थी। रेणुका मिश्रा ने बीकॉम और इकोनॉमिक्स की पढ़ाई के साथ पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन में एमए किया है। वह पहले भी डीजीपी पद की दावेदार रही थीं, लेकिन वरिष्ठ अफसरों की मौजूदगी के कारण उनका चयन नहीं हो सका था।
वहीं, पीयूष आनंद वर्तमान में केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने 1 अप्रैल 2024 से इस पद की जिम्मेदारी संभाली है और हाल ही में उनका कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है। इससे पहले वह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में एडीजी और विशेष डीजी जैसे अहम पदों पर भी काम कर चुके हैं। वह 11 जिलों में एसपी और एसएसपी पद की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। पीयूष आनंद ने सीबीआई में भी सात वर्षों तक सेवाएं दे दी हैं। फिलहाल अब सभी की नजर यूपीएससी की बैठक पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश को नया स्थायी डीजीपी मिल जाएगा।