Yogi Cabinet Decision: यूपी में बुजुर्गों को बड़ी राहत, देखभाल न करने पर संतान होगी संपत्ति से बेदखल
Yogi Cabinet Decision: योगी कैबिनेट ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए नियम बदले, शिकायत पर 30 दिन में सुनवाई और जल्द टोलफ्री नंबर जारी होगा।
प्रदेश कैबिनेट निर्णय: यूपी में बुजुर्गों को बड़ी राहत, देखभाल न करने पर संतान होगी संपत्ति से बेदखल (Photo- Social Media)
Yogi Cabinet Decision: योगी कैबिनेट ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक जीवन और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि मंत्रिमंडल ने ‘उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014’ में संशोधन करते हुए नियम 22 में 22क, 22ख और 22ग जोड़ने का निर्णय लिया है।
बुजुर्गों की देखभाल नहीं करने पर संतान होगी संपत्ति से बेदखल
नए प्रावधानों के तहत मां-बाप अपने बच्चों को संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे। इसके लिए बेदखली की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है। यदि किसी भी वरिष्ठ नागरिक की संतान या उनके अन्य आश्रित रिश्तेदार उनका भरण-पोषण नहीं कर रहे हैं अथवा उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार कर रहे हैं तो पीड़ित बुजुर्ग उन्हें अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे।
वित्त मंत्री ने बताया कि बुजुर्गों को इस व्यवस्था का लाभ आसानी से मिल सके, इसके लिए बेदखली की प्रक्रिया को स्पष्ट और समयबद्ध बनाया गया है। साथ ही, जल्द ही सरकार एक टोल नंबर भी जारी करेगी ताकि यदि कोई वरिष्ठ नागरिक स्वयं जाकर शिकायत करने में सक्षम न हो, तो उसे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मजिस्ट्रेट के पास शिकायत की जा सकेगी
नए प्रावधानों के अनुसार ऐसे मामलों में जिला मजिस्ट्रेट के पास शिकायत की जा सकेगी और उन्हें इस प्रकार के सभी मामलों की मासिक रिपोर्ट सरकार को देनी होगी। शिकायतों की सुनवाई 30 दिन के अंदर की जाएगी, ताकि बुजुर्गों को न्याय के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
सरकार द्वारा किए गए इस बदलाव का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके अधिकारों की रक्षा करना और उनके साथ होने वाले अत्याचार एवं दुर्व्यवहार में कमी लाना है। साथ ही, यह व्यवस्था परिवार के सदस्यों को अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल और उनके सम्मान के प्रति प्रेरित करेगी।