Uttarakhand News: टीएचडीसी टनल में रेस्क्यू अभियान जारी, एक श्रमिक सुरक्षित बाहर निकला; एक अब भी लापता
Uttarakhand News: चमोली के हाट-सियासैंण स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हादसे के बाद रेस्क्यू अभियान जारी है। एक और श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया, जबकि एक श्रमिक की तलाश युद्धस्तर पर चल रही है।
Uttarakhand News (Image Credit-Social Media)
चमोली, 18 अगस्त। उत्तराखंड के चमोली जिले में हाट-सियासैंण, मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद लापता श्रमिकों की तलाश और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है। रेस्क्यू अभियान के दौरान मंगलवार को एक और श्रमिक को टनल से बाहर निकाल लिया गया। उसे तत्काल जिला चिकित्सालय, गोपेश्वर भेजा गया है।
एक श्रमिक के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद अब एक श्रमिक की तलाश शेष है। रेस्क्यू टीमें टनल के भीतर संभावित स्थानों पर लगातार सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। लापता श्रमिक तक पहुंचने के लिए अभियान को युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है।
स्लज और पानी हटाने का काम तेज
रेस्क्यू अभियान में सबसे बड़ी चुनौती टनल के भीतर जमा स्लज यानी कीचड़ और मलबा तथा पानी है। बचाव दल लगातार स्लज हटाने में जुटे हैं। इसके साथ ही टनल में जमा पानी की निकासी का काम भी तेजी से किया जा रहा है।
सक्शन पंपों समेत अन्य आवश्यक उपकरणों की मदद से पानी और मलबे को हटाया जा रहा है, ताकि रेस्क्यू टीमों की आवाजाही आसान हो सके। संभावित स्थानों तक पहुंचने के लिए टनल के भीतर रास्ता साफ करने का काम लगातार जारी है।
एसडीआरएफ और एनडीआरएफ समेत कई टीमें जुटीं
रेस्क्यू अभियान में जिला प्रशासन और पुलिस के साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा संबंधित विभागों की टीमें संयुक्त रूप से काम कर रही हैं। सभी टीमें आपसी समन्वय के साथ टनल के भीतर संभावित स्थानों की बारीकी से जांच कर रही हैं।
अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन एवं उपकरण मौके पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता लापता श्रमिक तक जल्द से जल्द पहुंचना है।
एक श्रमिक की तलाश सर्वोच्च प्राथमिकता
रेस्क्यू टीमों द्वारा टनल के अंदर सभी संभावित स्थानों पर सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। पानी और स्लज हटाने के साथ-साथ बचाव दल सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि लापता एक श्रमिक की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमें पूरी तत्परता के साथ लगातार काम कर रही हैं।