पहले रेप फिर हत्या...बांग्लादेश हिंदू परिवार हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा! परिजनों ने खोली पुलिस की पोल, सामने आई खौफनाक कहानी

Bangladesh Hindu Family Murder Row: बांग्लादेश के रंगपुर में हिंदू शिक्षक गणपति चक्रवर्ती समेत परिवार के 4 सदस्यों की हत्या के मामले में नया सनसनीखेज दावा सामने आया है। परिजनों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं, जबकि रेप के आरोपों को लेकर भी विवाद बढ़ गया है।

Update:2026-08-26 09:16 IST

Bangladesh Hindu Family Murder Row: बांग्लादेश के रंगपुर इलाके में हुई एक रूह कंपा देने वाली वारदात ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। एक ही हिंदू परिवार के 4 मासूम और बेकसूर सदस्यों की जघन्य हत्या के बाद पूरे बांग्लादेश में तनाव का माहौल बन गया है। इस दिल दहलाने वाली घटना को लेकर वहां के अल्पसंख्यक हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए हैं और वर्तमान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पीड़ितों के अपनों का सीधा और गंभीर आरोप है कि स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले में बड़े अपराधियों को बचाने और मामले के अहम सबूतों को जानबूझकर छिपाने का घिनौना काम कर रही है।

शिक्षक के पूरे परिवार का खात्मा

रंगपुर के रहने वाले पेशे से स्कूल शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी, मासूम बेटी और छोटे बेटे के बेजान शव शनिवार को उनके ही घर के अलग-अलग कमरों से संदिग्ध हालत में बरामद किए गए थे। इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। मामले की शुरुआती जांच में पुलिस ने गणपति के ही 2 रिश्तेदारों, मुग्धो दास और सिद्धार्थ दास को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इन्हीं दोनों ने गले में गमछा घोंटकर पूरे परिवार का खात्मा कर दिया। हालांकि, स्थानीय नागरिकों का साफ कहना है कि इस नरसंहार के पीछे कोई बड़ा और संगठित गिरोह शामिल है, जिसे बचाए जाने की साजिश हो रही है।

रेप की आशंका और फॉरेंसिक जांच पर उठे गंभीर सवाल

पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया है कि परिवार के सभी 4 सदस्यों की मौत सिर्फ दम घुटने और गला घोंटने की वजह से हुई है। पुलिस ने घर की महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न या दुष्कर्म की बात को साफ खारिज कर दिया है। लेकिन, स्थानीय मीडिया द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में शवगृह के एक कर्मचारी ने दावा किया है कि महिलाओं के शरीर से गंभीर साक्ष्य और सीमन के नमूने पाए गए थे। इस खुलासे के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा है और वे पुलिस की नीयत और जांच रिपोर्ट पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

नशा किया, खाना खाया और फिर आराम से नहाए कातिल

'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 20 और 21 अगस्त की दरमियानी रात को अंजाम दी गई। आरोपी पड़ोसी की छत के रास्ते गणपति के मकान में दाखिल हुए और वहां नशा करने लगे। आहट पाकर जब गणपति छत पर पहुंचे, तो आरोपियों ने गमछे से उनका गला घोंट दिया। इसके बाद बचाने आईं उनकी पत्नी, बेटी और छोटे बेटे प्रियम को भी एक-एक कर मौत के घाट उतार दिया गया। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद कातिल भागे नहीं, बल्कि 6 से 7 घंटे तक उसी घर में मौजूद रहे। उन्होंने वहां सबूत मिटाने की कोशिश की, फ्रिज से खाना निकालकर खाया, काफी देर तक नहाए और घर का कीमती सामान लूटकर आराम से फरार हो गए।

दूतावासों के बाहर प्रदर्शन की तैयारी

मामला लगातार तूल पकड़ता देख जांच को पुलिस से छीनकर डिटेक्टिव ब्रांच (DB) को सौंप दिया गया है। तारिक रहमान सरकार के 6 महीने पूरे होने के मौके पर हुई इस घटना ने सरकार की पोल खोलकर रख दी है। हिंदू संगठनों का कहना है कि नई सरकार में भी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पूरी तरह राम भरोसे है। इस भयंकर जुल्म और पुलिस की लीपापोती के विरोध में आने वाले गुरुवार को दुनिया के तमाम देशों में स्थित बांग्लादेशी दूतावासों के बाहर विशाल प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई गई है।

Tags:    

Similar News