‘एक शर्त पर बंद हो जाएंगे प्रोटेस्ट...’, लंदन पहुंचे ध्रुव राठी ने किया ऐलान! क्या है मास्टर प्लान?
Dhruv Rathee in London: ध्रुव राठी ने लंदन में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि ऐसा होने पर आज ही विरोध प्रदर्शन खत्म हो जाएंगे। उन्होंने नए चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को लेकर भी अपनी मांग रखी।
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Dhruv Rathee in London: यूट्यूबर ध्रुव राठी ने लंदन पहुंचकर भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच बड़ा ऐलान किया है। राठी ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा करवा दिया जाए तो ये प्रदर्शन आज ही खत्म हो जाएंगे। उन्होंने साथ ही ऐसे चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की मांग की, जिसे प्रधानमंत्री और नेता विपक्ष दोनों की सहमति से चुना जाए।
भारत से लंदन तक पहुंचा विरोध
ध्रुव राठी कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पिछले दिनों जर्मनी से भारत आए थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया, जिसके चलते वह भारत में होने वाले प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके। इसके बाद राठी लंदन चले गए और वहां संसद के सामने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में हुए प्रदर्शन में राठी मुख्य वक्ता के तौर पर पहुंचे। वहां उनके समर्थन में लोगों की भीड़ जुटी, जबकि गांधी प्रतिमा के दूसरी ओर एक छोटे समूह ने ‘मोदी, मोदी’ के नारे लगाए। दोनों समूहों के बीच तनाव बढ़ने पर मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें अलग रखा।
‘अपने देश में प्रोटेस्ट की इजाजत नहीं’
लंदन में लोगों को संबोधित करते हुए ध्रुव राठी ने भारत में हुए विरोध प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “अपने देश में हमें प्रोटेस्ट करने की इजाजत नहीं दी जा रही और जिस देश ने हम पर राज किया, उसके संसद के बाहर खड़े हैं। इसे कहते हैं लोकतंत्र।”
राठी ने दावा किया कि दिल्ली में 35 हजार से ज्यादा सीएपीएफ और दिल्ली पुलिस के जवान लगाए गए थे, ताकि लोग प्रदर्शन न कर सकें। उन्होंने यह भी दावा किया कि सात हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया और पत्रकारों के साथ मारपीट की गई।
राठी ने अपनी हिरासत का जिक्र करते हुए कहा, “मुझे भी पुलिस ने किडनैप किया।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घर जाकर अपने परिवार वालों को बताएं कि देश में क्या चल रहा है और उनके मुताबिक वोट चोरी (Vote Chori) कैसे की जा रही है।
‘ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा करवा दो, आज ही खत्म होंगे प्रोटेस्ट’
ध्रुव राठी ने अपने संबोधन में कहा कि कई लोग यह मानने को तैयार नहीं हैं कि देश में हालात कितने खराब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ बीजेपी समर्थकों को लगता है कि अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है।
राठी ने कहा, “अराजकता तो तुम लोग ला रहे हैं। आज ही प्रोटेस्ट बंद हो जाएंगे। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा करवा दो और एक ऐसे चुनाव आयुक्त को अप्वाइंट करो जिन्हें पीएम मोदी और नेता विपक्ष दोनों ने साथ में मिलकर चुना हो।”
उन्होंने कहा कि उनकी मांग सिर्फ जवाबदेही यानी अकाउंटेबिलिटी (Accountability) की है और हर इंसान को वोट देने का बराबर मौका मिलना चाहिए।
इसके बाद राठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी एक दावा किया। उन्होंने कहा कि मोदी को पता है कि अगर सही तरीके से चुनाव करवाए जाएं तो उनकी आज 100 सीटें भी नहीं आएंगी। इसके बाद उन्होंने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे भी लगाए।
‘हम विदेशी हस्तक्षेप नहीं चाहते’
लंदन के इस प्रदर्शन के दौरान राठी ने यह भी साफ किया कि वे विदेशी हस्तक्षेप नहीं चाहते। उन्होंने कहा, “हम विदेशी हस्तक्षेप नहीं चाहते। मैं यहां पार्लियामेंट स्क्वायर में भारतीयों और प्रवासी भारतीयों को संबोधित करने आया हूं।”
उन्होंने कहा कि भारत में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ संदेश फैलाना महत्वपूर्ण है। लंदन में हुए इस प्रदर्शन के जरिए राठी ने भारत में चल रहे एसआईआर (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी मांग को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उठाया।
दोनों गुटों के बीच बढ़ा तनाव
प्रदर्शन के दौरान एक तरफ ध्रुव राठी को सुनने के लिए लोग जुटे थे, वहीं दूसरी तरफ एक छोटा समूह मोदी के समर्थन में नारे लगा रहा था। दोनों तरफ से एक-दूसरे की आवाज को दबाने के लिए नारेबाजी तेज होने लगी।
स्थिति को देखते हुए मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने दोनों समूहों को अलग रखा। इस दौरान प्रदर्शन का केंद्र मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवाल रहे।
ध्रुव राठी के लंदन पहुंचकर दिए गए बयान के बाद अब सीजेपी से जुड़े इस विरोध प्रदर्शन का दायरा भारत से बाहर भी दिखाई देने लगा है। राठी ने साफ तौर पर कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होता है और प्रधानमंत्री तथा नेता विपक्ष की सहमति से नए चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की जाती है तो उनके मुताबिक विरोध प्रदर्शन खत्म किए जा सकते हैं।