North Korea: उत्तर कोरिया ने फिर किया मिसाइल परीक्षण, किम जोंग उन रहे मौजूद
North Korea: उत्तर कोरिया ने नए हल्के बहुउद्देश्यीय मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम और सामरिक क्रूज मिसाइलों का सफल परीक्षण किया है। किम जोंग उन ने इसे देश की रक्षा क्षमता मजबूत करने की बात कही।
Kim Jong Un
North Korea: उत्तर कोरिया ने एक नए हल्के बहुउद्देश्यीय मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम और कई सामरिक क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया है। दावा है कि ये मिसाइलें दुश्मनों के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर हैं। यह कदम प्योंगयांग के लगातार जारी हथियार आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा माना जा रहा है। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बुधवार को यह जानकारी दी। इससे एक दिन पहले दक्षिण कोरिया की सेना ने उत्तर कोरिया के नॉर्थ प्योंगान प्रांत के जोंगजू इलाके से पीला सागर (येलो सी) की ओर कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों (सीआरबीएम) और आर्टिलरी रॉकेट दागे जाने का पता लगाया था। सीआरबीएम यानी ऐसी बैलिस्टिक मिसाइलें जिनकी मारक क्षमता 300 किलोमीटर से कम होती है।
सैन्य आधुनिकीकरण योजना के तहत परीक्षण
केसीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार का यह परीक्षण “राष्ट्रीय रक्षा विकास की पांच वर्षीय योजना” के तहत मिसाइल और तोपखाना बलों के आधुनिकीकरण का हिस्सा था। रिपोर्ट में कहा गया कि परीक्षण के दौरान सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों के विशेष वारहेड की क्षमता, 240 मिमी नियंत्रित आर्टिलरी रॉकेट की विश्वसनीयता और एआई-आधारित मार्गदर्शन प्रणाली से लैस सामरिक क्रूज मिसाइल की सटीक निशानेबाजी का मूल्यांकन किया गया। बताया गया कि किम जोंग-उन ने इस परीक्षण पर "बहुत संतोष" व्यक्त किया और इसे उत्तर कोरिया की बढ़ती सैन्य क्षमता और तकनीकी प्रगति का स्पष्ट संकेत बताया। उन्होंने खास तौर पर नई सामरिक क्रूज मिसाइल की तारीफ की, जिसे दक्षिणी सीमा के पास लंबी दूरी की आर्टिलरी यूनिट्स में तैनात किया जाना है। रिपोर्ट के अनुसार, यह मिसाइल टेरेन-मैपिंग और एआई-आधारित टारगेटिंग जैसी कई आधुनिक नेविगेशन तकनीकों से लैस है, जिससे यह 100 किलोमीटर के भीतर किसी भी लक्ष्य को बेहद सटीकता से निशाना बना सकती है।
परमाणु नीति पर किम जोंग उन का रुख
किम जोंग उन ने यह भी दोहराया कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु और पारंपरिक हथियारों को मजबूत करने की नीति पर कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि देश अपनी सैन्य संप्रभुता और आत्मरक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए और अधिक स्पष्ट कदम उठाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और आर्टिलरी रॉकेटों का एक साथ परीक्षण असामान्य माना जाता है। इसे उत्तर कोरिया की ऐसी क्षमता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें वह दुश्मन की एयर डिफेंस प्रणाली को चकमा देकर हमले कर सकता है। यह इस साल उत्तर कोरिया का आठवां मिसाइल परीक्षण था। इससे पहले 19 अप्रैल को उसने सिनपो इलाके से पूर्वी सागर की ओर सतह से सतह पर मार करने वाली सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।
दक्षिण कोरिया की तैयारी
दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को घोषणा की कि वह परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियां विकसित और निर्मित करेगा। लक्ष्य है कि 2030 के दशक के आखिर तक इन्हें सेना में शामिल कर लिया जाए। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आह्न ग्यू-बैक ने कहा, “परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियां लंबे समय तक पानी के भीतर रहने और अधिक गतिशीलता की वजह से उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल खतरों का मुकाबला करने में अहम भूमिका निभाएंगी।”