तुम जाओ, मुझे सिर्फ यहूदी चाहिए... सिडनी अटैक में हमलावर की वो बात सुन कांप जाएगी रूह
इस हमले के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग अपनी जान बचाने के लिए बीच की रेत पर इधर-उधर भागते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो फुटेज में दोनों हमलावर काले कपड़ों में नजर आते हैं, जो बीच के पास बने एक ऊंचे फुटब्रिज (पैदल पुल) पर खड़े होकर हनुका उत्सव की भीड़ पर गोलियां चला रहे हैं। यह ब्रिज थोड़ी ऊंचाई पर होने की वजह से हमलावरों को निशाना साधने में आसानी हो रही थी, और वे वहां से लगातार फायरिंग करते रहे।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बोंडी बीच पर रविवार शाम हुए खौफनाक हमले में पिता-पुत्र की जोड़ी ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर 16 लोगों की जान ले ली और 40 से अधिक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह हमला उस वक्त हुआ जब यहूदी समुदाय के लोग हनुका उत्सव मना रहे थे।
चश्मदीदों के अनुसार, दोनों हमलावर 50 वर्षीय साजिद अकरम और उसका 24 वर्षीय बेटा नवीद अकरम काले कपड़ों में बीच के पास बने एक ऊंचे ब्रिज पर चढ़कर अंधाधुंध गोलियां बरसाने लगे। कई वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग अपनी जान बचाने के लिए बीच की रेत पर इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं, जबकि हमलावर निशाना बनाकर भीड़ पर फायरिंग कर रहे हैं।
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी के मोबाइल वीडियो में दिखता है कि साजिद ब्रिज से नीचे उतरते हुए फायरिंग करता है, जबकि नवीद पीछे खड़े कुछ लोगों को हटने का इशारा कर फिर पार्क की ओर गोलियां चलाने लगता है। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने साजिद को गोली मारकर गिरा दिया, लेकिन नवीद कुछ और देर तक भीड़ पर गोलियां चलाता रहा। उसे भी बाद में पुलिस की गोली लगी और वह ढेर हो गया।
करीब 10 मिनट तक चले इस हमले ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। मौके पर मौजूद सैकड़ों लोग जान बचाने के लिए रेत और आसपास की गलियों में बिखर गए। इमरजेंसी सर्विस को शाम 6:45 बजे के करीब सूचना मिली। दोनों शूटरों के घायल होने के बाद कुछ बहादुर लोगों ने आगे बढ़कर उनके हथियार छीन लिए और भीड़ ने उन्हें काबू करने की कोशिश की।
घटना के बाद पुलिस ने इलाके को घेर लिया और ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इसे आतंकी हमला घोषित कर दिया। इस हमले ने न केवल देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि यहूदी समुदाय पर निशाना साधने वाली घटनाएं दुनिया भर में अब भी जारी हैं।