Akshay Tritiya Kharidari : अक्षय तृतीया पर इस समय खरीदे सोना, जानिए इस दिन महिमा क्या है?

Akshay Tritiya 2025 :आज अक्षय तृतीया है इस दिन किया गया काम कभी क्षय नहीं होता है। जानिए इस दिन की महिमा..

Suman  Mishra
Published on: 30 April 2025 8:06 AM IST (Updated on: 30 April 2025 8:06 AM IST)
Akshay Tritya 2025, social media
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Akshay Tritya 2025 वैशाख मास शुक्ल पक्ष की तृतीया यानी अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान परशुराम का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाती है। भगवान परशुराम विष्णु भगवान के छठे अवतार है। कलयुग में आज भी ऐसे 8 चिरंजीव महापुरुष है जो जीवित हैं। इन्हीं 8 चिरंजीवियों में एक भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम भी हैं। अक्षय तृतीया के दिन ही इनकी जयंती मनाई जाती है।भगवान शिव के परमभक्त परशुराम न्याय के देवता हैं, परशुराम में अपने फरसे से वार कर भगवान गणेश के एक दांत को तोड़ दिया था जिसके कारण से भगवान गणेश एकदंत कहलाए जाते है। मत्स्य पुराण के अनुसार इस दिन जो कुछ दान किया जाता है वह अक्षय रहता है यानी इस दिन किए गए दान का कभी भी क्षय नहीं होता है। सतयुग का प्रारंभ अक्षय तृतीया से ही माना जाता है।


इस दिन शादी-विवाह और खरीददारी के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया को सर्वसिद्ध मुहूर्त जैसा शुभ माना गया है। जिस तरह से दीपावली के दिन को बहुत ही शुभ मुहूर्त माना जाता है और लक्ष्मी की कृपा प्राप्त के लिए इस दिन का विशेष महत्व होता है। अक्षय तृतीया के दिन लोगों में सोना, चांदी आदि खरीदने की विशेष परंपरा है।

अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त

अक्षय तृतीया पर बुधवार, 30 अप्रैल 2025 तृतीया तिथि प्रारंभ 30 अप्रैल को 05:41 से 12:18 (अवधि : 6 घंटे 36 मिनट) तक है। राहूकाल छोड़कर इस दिन किसी भी तरह के निवेश के लिए अच्छा है। कभी भी सोना या सोने के आभूषण खरीद सकते हैं।लेकिन इस बार अक्षय तृतीया पर विवाह का मुहूर्त नहीं रहेगा, क्योंकि इस दिन शुक्र और गुरु तारा दोनों ही अस्त होंगे।

अमृत काल - 01:25 PM – 02:51 PM

ब्रह्म मुहूर्त - 04:21 AM – 05:09 AM

सर्वार्थसिद्धि योग - Apr 30 04:18 PM - May 01 05:57 AM

सर्वार्थसिद्धि योग - Apr 30 05:58 AM - Apr 30 04:18 PM

सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त

अक्षय तृतीया पर सोना आदि खरीदने का समय मंगलवार 29 अप्रैल को शाम 5:31 से 30 अप्रैल को सुबह 05:29 तक रहेगा। बुधवार 30 अप्रैल को प्रात: 5:29 से दोपहर 2:12 बजे तक श्रेष्ठ है। सोनाा-चांदी नहीं खरीद सकते हैं तो मिट्टी का मटका या फिर पीतल की वस्तु, पीली सरसों, केसर, हल्दी की गांठ आदि भी खरीद सकते हैं।

अक्षय तृतीया का महत्व-दान

अक्षय तृतीया के दिन बद्रीनारायण के कपाट भी इसी दिन खुलते हैं। पौराणिक कहानियों के मुताबिक, इसी दिन महाभारत की लड़ाई खत्म हुई। द्वापर युग का समापन भी इसी दिन हुआ। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर के पूछने पर यह बताया था कि आज के दिन जो भी रचनात्मक या सांसारिक कार्य करोगे, उसका पुण्य मिलेगा। कोई भी नया काम, नया घर और नया कारोबार शुरू करने से उसमें बरकत और ख्याति मिलेगी। अक्षय तृतीया के दिन प्रातः पंखा, चावल, नमक, घी, शक्कर, साग, इमली, फल तथा वस्त्र का दान करके ब्राह्मणों को दक्षिणा भी देनी चाहिए।इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। इस दिन सत्तू अवश्य खाना चाहिए।इस दिन नये वस्त्र, शस्त्र, आभूषणादि बनवाना या धारण करना चाहिए।इस दिन नये स्थान, संस्था, समाज आदि की स्थापना या उद्घाटन भी करना चाहिए। इसी दिन से सतयुग और त्रेतायुग का आरंभ माना जाता है।इसी दिन श्री बद्रीनारायण के पट खुलते हैं। इसी दिन नर-नारायण ने भी अवतार लिया था। इसी दिन श्री परशुरामजी का अवतरण भी हुआ था।इसी दिन हयग्रीव का अवतार भी हुआ था। दिन स्नान, ध्यान, जप तप करना, हवन करना, स्वाध्याय पितृ तर्पण करना और दान पुण्य करने से पुण्य मिलता है ।

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Suman  Mishra
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Suman Mishra

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है

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