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Krishna Janmashtami Puja Vidhi in Hindi:जन्माष्टमी पर पूजा विधि और नियमों को मानते हुए करें श्रीकृष्ण का ध्यान, दूर होंगे हर कष्ट
Krishna Janmashtami Puja Vidhi in Hindi: जन्माष्टमी आने में बस कुछ दिन बचें है, इसको लेकर तैयारी भी पूरा हो गई होगी,इस जन्माष्टमी कृष्ण की
Krishna Janmashtami Puja Vidhi in Hindi: इस बार 15 और 16 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी।इस बार की जन्माष्टमी पर कई योग बन रहें है। ऐसे में कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा के दौरान कुछ उपाय करने से भगवान कृष्ण का विशेष आशीर्वाद व कृपा होगी। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से सभी कष्ट दूर हो जायेंगे। उन्हें मनवांछित फल प्राप्त होगा। जानते है जन्माष्टमी की पूजा विधि, नियम और महत्व उपाय
जन्माष्टमी की पूजा विधि
जन्माष्टमी पर कृष्ण भगवान का श्रृंगार किया जाता है।श्री कृष्ण को पंचामृत और फिर गंगाजल से स्नान कराकर इस दिन कान्हा को चौकी पर स्थापित कर, भगवान के सामने दीपक धूपबत्ती जलाएं। पीले रंग के वस्त्र, गोपी चन्दन और चन्दन की सुगंध से इनका श्रृंगार करें।श्रृंगार करने के बाद कान्हा को अष्टगंध चन्दन, अक्षत और रोली का तिलक लगाएं। माखन मिश्री और अन्य भोग सामग्री अर्पण करें। श्री कृष्ण के विशेष मंत्रों का जाप करें। पूजा में काले या सफेद रंग का प्रयोग न करें। वैजयंती के फूल कृष्ण जी को अर्पित करना सर्वोत्तम होता है। अंत में प्रसाद बांटे और ग्रहण करें ।
जन्माष्टमी के प्रसाद में पंचामृत जरूर रखें। उसमे तुलसी दल भी डालें। मेवा, माखन और मिसरी का भोग भी लगाएं। धनिये की पंजीरी भी चढ़ा सकते है। पूर्ण सात्विक भोजन जिसमें तमाम तरह के व्यंजन हों, इस दिन श्री कृष्ण को अर्पित किए जाते हैं।
जन्माष्टमी के दिन करें ये उपाय
जन्माष्टमी के दिन घर पर गाय या बछड़े की मूर्ति लायें। इससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से निःसंतान दंपत्ति को संतान की प्राप्ति होगी
नौकरी और व्यापार में बढ़ोत्तरी होगी और आपकी आमदनी के लिए जन्माष्टमी के दिन सात कन्याओं को खीर खिलाएं। ऐसा जन्माष्टमी के बाद पांच शुक्रवार तक लगातार करें।
जन्माष्टमी पर पूजा के दौरान भगवान श्री कृष्ण को परिजात अपराजिता के फूल चढ़ाएं, इससे मां लक्ष्मी और भगवान कृष्ण जी का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण जी को चांदी की बांसुरी अर्पित करें। पूजा संपन्न होने के बाद इस बांसुरी को तिजोरी या पर्स में रखें। धन लाभ होगा।
जन्माष्टमी के दिन भगवान को 56 भोग लगाएं। घर में अन्न का भंडार भरा रहेगा।
जन्माष्टमी के दिन करें इन नियमो का पालन
जन्माष्टमी परसुबह जल्दी उठना चाहिए। जन्माष्टमी पर अगर आप व्रत रख रहें हैं तो अपने मानसिक और शारीरिक सेहत में सुधार के लिए जल्दी उठें।
कृष्ण जन्माष्टमी के दिन अगर आप व्रत रख रहें हैं तो अनाज और वस्त्र दान जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि यह आपकी जिंदगी में सकारात्मकता और समृद्धि लाता है।
जन्माष्टमी के दिन जानवरों को भोजन देना चाहिए और पक्षियों के लिए पानी रखें।
जन्माष्टमी के दिन लहसुन प्याज़ का सेवन नहीं करना चाहिए और अन्य तामसिक भोजन भी नहीं करें,जन्माष्टमी के दिन फलों और शाकाहारी आहार का सेवन करना चाहिए।
इस दिन किसी का अनादर नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान नाराज़ हो सकते हैं। साथ ही आपको आपकी पूजा और व्रत का फल भी नहीं मिलता है।
जन्माष्टमी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन न करने से भगवान श्रीकृष्ण नाराज़ हो सकते हैं। इसलिए जन्माष्टमी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन ज़रूर करना चाहिए और पूजा-अर्चना और भक्ति में ध्यान लगाना चाहिए। इससे कान्हा खुश होते हैं और मनचाहा वरदान देते हैं।
जन्माष्टमी के दिन गाय की सेवा करें, इससे श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है।


