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Vivah Mein Deri ke Upay: क्या ग्रहों ने बंद कर दी है आपकी शादी की राह, बार-बार टूट जाता है रिश्ता? जानिए किस उपाय से मिलेगा सौभाग्य
Vivah Mein Deri ke Upay: अब तक नहीं हुआ आपका विवाह और विवाह में बार-बार आ रही रुकावटों से परेशान हैं? जे जानें विवाह के लिए सबसे असरदार ज्योतिषीय उपाय जो कुंडली के दोष दूर कर सकते हैं।
Vivah Mein Deri ke Upay विवाह में देरी?: शादी की एक उम्र होती है अगर उस उम्र में शादी न हो तो कई समस्याएं आ जाती है। इसलिए सही समय और उम्र में शादी कर लेनी चाहिए अगर किसी वजह से शादी नहीं हो पाती है तो उसके कई कारण होते हैं, कुछ सामाजिक, निजी और कुछ धार्मिक। क्या आप या आपके घर का कोई सदस्य विवाह में बार-बार रुकावटों का सामना कर रहा है? कई बार अच्छे रिश्ते मिलने के बावजूद बात नहीं बनती। कभी परिवारों में असहमति तो कभी अचानक रिश्ता टूट जाना — यह सब कुछ निराशाजनक हो सकता है। लेकिन वैदिक ज्योतिष के अनुसार, हर उम्र में विवाह पर ग्रहों का प्रभाव अलग होता है। अगर इन संकेतों को समझकर उपाय किए जाएं, तो विवाह के योग जल्द बन सकते हैं।
18 से 24 वर्ष की उम्र में विवाह की बाधा दूर करने के उपाय
यह उम्र पढ़ाई और करियर की शुरुआत की होती है, लेकिन कुछ लोग इस समय विवाह के लिए भी मानसिक रूप से तैयार रहते हैं। यदि इस उम्र में विवाह की बात बार-बार रुक रही है, तो गुरुवार की शाम पीले कपड़े पहनें। फिर शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करें, उन्हें एक ही माला अर्पित करें और 'ॐ गौरीशंकराय नमः' मंत्र का जाप करें। यह प्रक्रिया कम से कम तीन महीने करें।
25 से 30 वर्ष: सबसे अच्छा समय
यदि इस आयु में विवाह की संभावनाएं बन-बन कर बिगड़ रही हैं, तो हर गुरुवार पीले वस्त्र पहनें और शिवलिंग पर सुगंधित जल व दूध अर्पित करें। इसके बाद 'ॐ पार्वतीपतये नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। इस उपाय को लगातार नौ गुरुवार करें।
31 से 35 वर्ष की उम्र में विवाह के लिए प्रभावी उपाय
इस उम्र में सामाजिक और मानसिक दबाव अधिक होता है। यदि आपकी कुंडली में गुरु या शनि का प्रभाव रुकावट पैदा कर रहा है, तो घर के पिछले हिस्से में केले का पौधा लगाएं। हर गुरुवार उसकी छाया में या केले के पत्ते पर बैठकर 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र की तीन माला जाप करें और नमक का सेवन न करें। यह उपाय 11 गुरुवार तक करें।
35 वर्ष के बाद विवाह में आ रही बाधा दूर कैसे करें
यदि आपकी उम्र 35 के पार हो गई है और विवाह तय नहीं हो पा रहा, तो गुरुवार की सुबह या शाम 108 बेलपत्र लें। हर बेलपत्र पर चंदन से ‘राम’ लिखें और शिवलिंग पर अर्पित करें। हर बार ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। इस उपाय को तीन गुरुवार दोहराएं।
हर उम्र के लिए अचूक उपाय
इन उपायों को किसी भी उम्र में किया जा सकता है, खासकर तब जब कुंडली में कोई विशेष दोष न हो और फिर भी शादी में विलंब हो रहा हो।
शुक्रवार का विशेष उपाय
कुंवारी कन्याओं को खीर या मिष्ठान खिलाएं और सुहागन महिलाओं को सुहाग की वस्तुएं दें। यह उपाय 16 शुक्रवार तक करें।
शिव-पार्वती के अभिषेक से बनी बात
सोमवार को अपनी लंबाई जितनी मौली लेकर शिव-पार्वती की मूर्ति पर लपेटें और दूध से अभिषेक करें। विवाह की कामना करें।
पलंग के नीचे रखें विशेष ध्यान
अपने पलंग के नीचे किसी प्रकार का कबाड़, लोहे की वस्तु या खराब सामान न रखें। इससे ऊर्जा का प्रवाह रुकता है और विवाह बाधित होता है।
नारियल से करें विशेष उपाय
पांच नारियल लेकर 'ऊँ श्रीं वर प्रदाय श्री नमः' मंत्र की पांच माला जाप करें, फिर नारियल शिवलिंग पर अर्पित करें।
गाय को चढ़ाएं यह भोग
गुरुवार को आटे का पेड़ा, हल्दी, गुड़ और चने की दाल मिलाकर गाय को खिलाएं।
रोजाना शिव-पार्वती की पूजा करें
संयुक्त रूप से पूजा करने से विवाह योग मजबूत होते हैं। इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
हल्दी स्नान और केसर सेवन का लाभ
गुरुवार को स्नान करते समय पानी में हल्दी मिलाएं और भोजन में केसर का सेवन करें।
केले की जड़ से दूर होगी बाधा
केले की जड़ को पीले कपड़े में बांधकर दाहिने बाजू में पहनें और विष्णु भगवान की पूजा करें।
सिरहाने रखें जल, सुबह करें यह क्रिया
रात को तांबे के लोटे में जल भरकर सिरहाने रखें। सुबह सूरज निकलने से पहले उस जल से सिर धो लें और बिना पीछे देखे वापस सो जाएं।
विवाह में देरी केवल सामाजिक कारणों से नहीं, बल्कि ग्रहों के प्रभाव से भी हो सकती है। हर उम्र का अपना ग्रह योग होता है और उसी के अनुसार उपाय किए जाएं तो नतीजे भी जल्दी मिलते हैं। ज्योतिषीय उपायों को पूर्ण श्रद्धा और नियमितता के साथ करने से विवाह के मार्ग प्रशस्त हो सकते हैं। साथ ही जीवन में सकारात्मक सोच और संयम बनाए रखें, आपका सही जीवनसाथी निश्चित रूप से जल्द आपके जीवन में आएगा।
नोट: यह लेख सामान्य वैदिक उपायों पर आधारित है। इसकी newstrack.Com पुष्टि नहीं करता है।आजमाने से पहले व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार सटीक सलाह के लिए योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।


