Crisis on India EV Industry: भारत की EV इंडस्ट्री पर संकट: रेयर अर्थ एलिमेंट्स क्या हैं? चीन के निर्यात नियंत्रण से भारत की EV इंडस्ट्री में हड़कंप

Crisis on India EV Industry: भारत की EV इंडस्ट्री इन तत्वों के लिए चीन पर काफी निर्भर है, क्योंकि चीन दुनिया के लगभग 70% रेयर अर्थ उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला पर नियंत्रण रखता है।

Newstrack Network
Published on: 2 Jun 2025 7:36 PM IST (Updated on: 2 Jun 2025 7:37 PM IST)
Crisis on India EV Industry (Social Media)
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Crisis on India EV Industry (Social Media)

Crisis on India EV Industry: चीन द्वारा रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REEs) के निर्यात पर नियंत्रण कड़ा करने से भारत की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) इंडस्ट्री पर बड़ा संकट आ गया है। ये दुर्लभ धातुएँ EV मोटर और बैटरी समेत कई हाई-टेक उपकरणों में जरूरी हैं। भारत की EV इंडस्ट्री इन तत्वों के लिए चीन पर काफी निर्भर है, क्योंकि चीन दुनिया के लगभग 70% रेयर अर्थ उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला पर नियंत्रण रखता है।

क्या हैं रेयर अर्थ एलिमेंट्स?

• रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REEs) कुल 17 रासायनिक रूप से मिलती-जुलती धातुएँ हैं, जिनमें नियोडिमियम, प्रेजियोडिमियम, डिस्प्रोसियम और टर्बियम प्रमुख हैं।

• इनका उपयोग इलेक्ट्रिक मोटर, बैटरी, स्मार्टफोन, विंड टरबाइन और सैन्य उपकरणों में होता है।

• नाम के बावजूद, ये पृथ्वी की सतह में प्रचुर मात्रा में हैं, लेकिन इनका आर्थिक रूप से खनन और प्रोसेसिंग करना मुश्किल और महंगा है।

चीन की भूमिका

• चीन दुनिया के 60-80% रेयर अर्थ उत्पादन और प्रोसेसिंग पर हावी है।

• चीन ने हाल में निर्यात कोटा घटा दिए हैं और सख्त नियम लागू किए हैं, जिससे भारत में आपूर्ति बाधित हो रही है और लागत बढ़ने का खतरा है।

भारत की स्थिति

• भारत इन तत्वों का उपभोक्ता और संभावित उत्पादक दोनों है, लेकिन अभी भी चीन से भारी आयात पर निर्भर है।

• देश में खनन और प्रोसेसिंग की क्षमता शुरुआती चरण में है।

• भारत अब ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका जैसे देशों से आयात बढ़ाने और घरेलू माइनिंग व प्रोसेसिंग पर निवेश बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

संभावित असर

• आपूर्ति बाधित होने से उत्पादन लागत बढ़ सकती है और EV अपनाने की रफ्तार धीमी हो सकती है, जिससे भारत का 2030 तक 30% EV लक्ष्य प्रभावित हो सकता है।

निष्कर्ष

चीन के निर्यात नियंत्रण ने भारत की EV इंडस्ट्री के लिए गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। इससे निपटने के लिए भारत को आपूर्ति श्रृंखला में विविधता और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है।

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Ramkrishna Vajpei

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