Bihar में सरकारी कर्मचारियों की जांच से पहले CBI को लेनी होगी सम्राट सरकार की मंजूरी, जारी हुई नई गाइडलाइन

Bihar CBI Rules: गृह विभाग की आरक्षी शाखा के प्रधान सचिव पंकज कुमार की तरफ से जारी अधिसूचना में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के अंतर्गत CBI की जांच शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को साफ़ कर दिया गया है।

Priya Singh Bisen
Published on: 5 Sept 2026 12:40 PM IST
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Bihar CBI Rules: बिहार सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI की जांच को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। गृह विभाग की तरफ से जारी अधिसूचना के बाद अब बिहार सरकार के कर्मचारियों और राज्य सरकार के नियंत्रण वाली संस्थाओं से संबंधित मामलों में CBI सीधेतौर से जांच शुरू नहीं कर सकेगी। ऐसे मामलों में जांच आगे बढ़ाने से पहले बिहार सरकार की पूर्व सहमति लेना आवश्यक होगा।

गृह विभाग की आरक्षी शाखा के प्रधान सचिव पंकज कुमार की तरफ से जारी अधिसूचना में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के अंतर्गत CBI की जांच शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को साफ़ कर दिया गया है।

किन मामलों में अनिवार्य होगी राज्य सरकार की अनुमति?

नई व्यवस्था के अंतर्गत बिहार सरकार के कार्य से जुड़े लोक सेवकों के खिलाफ CBI जांच शुरू करने के लिए राज्य सरकार की पूर्व सहमति अनिवार्य होगा। इसके अलावा बिहार सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाली कंपनियों, निगमों, बैंकों और राज्य से वित्तीय सहायता प्राप्त संस्थानों से संबंधित मामलों में भी CBI को जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी।

इसका अर्थ है कि राज्य सरकार के प्रशासनिक दायरे में आने वाले किसी कर्मचारी या संस्था के खिलाफ जांच की कार्रवाई शुरू करने से पहले CBI को बिहार सरकार के पास औपचारिक प्रस्ताव भेजना होगा।

पहले भेजना होगा जांच का प्रस्ताव

अधिसूचना के मुताबिक, CBI की तरफ से जांच की अनुमति के लिए प्रस्ताव मिलने के बाद बिहार सरकार संबंधित मामले की गंभीरता से समीक्षा करेगी। इसके बाद सरकार यह तय करेगी कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना को उस मामले में जांच की शक्ति और अधिकार क्षेत्र दिया जाए या नहीं।

राज्य सरकार से अनुमति मिलने के बाद ही CBI संबंधित मामले में अपनी जांच आगे बढ़ा सकेगी। इस प्रकार अब राज्य सरकार से जुड़े मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई के लिए एक औपचारिक मंजूरी प्रक्रिया लागू होगी।

केंद्र सरकार के कर्मचारियों को रखा गया अलग

नई गाइडलाइन में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और केंद्र के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अलग रखा गया है। बिहार में काम करने वाले केंद्रीय कर्मचारियों या भारत सरकार के नियंत्रण वाले सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े मामलों में इस तरह की राज्य सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य नहीं होगा।

इसी तरह केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण से जुड़े अपराधों में शामिल निजी व्यक्तियों के मामलों पर भी यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। ऐसे मामलों में CBI अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत जांच कर सकेगी।

किन संस्थानों पर पड़ेगा प्रभाव ?

नई व्यवस्था का प्रभाव बिहार सरकार के नियंत्रण या स्वामित्व वाले निगमों, कंपनियों, बैंकों और वित्तीय सहायता प्राप्त संस्थानों पर भी पड़ेगा। इनसे जुड़े मामलों में CBI को सीधे जांच शुरू करने के बजाय पहले राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त करनी होगी।

सरकार की तरफ से जारी इस व्यवस्था को राज्य के प्रशासनिक तंत्र के लिए आवश्यक परिवर्तन माना जा रहा है। इससे राज्य सरकार के कर्मचारियों और उसके नियंत्रण वाली संस्थाओं से जुड़े मामलों में CBI जांच की प्रक्रिया में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका बढ़ जाएगी।

अब आगामी वक़्त में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई गाइडलाइन के अंतर्गत CBI और बिहार सरकार के बीच जांच संबंधी मामलों में अनुमति और अधिकार क्षेत्र की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है।

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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