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नीतीश को धूल चटाएंगे राहुल-प्रियंका, बिहार फतेह का मास्टरप्लान तैयार, 15 रैलियों से बदलेंगे चुनावी हवा
बिहार चुनाव में कांग्रेस ने पूरा दम लगा दिया है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मिलकर 15 बड़ी रैलियां करेंगे। इन रैलियों के जरिए कांग्रेस महागठबंधन के पक्ष में माहौल बनाकर नीतीश कुमार को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में है।
Rahul Gandhi rallies in Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, कांग्रेस पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अब खुद चुनावी मोर्चा संभालेंगे और पार्टी सूत्रों के अनुसार, दोनों नेता मिलकर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 15 बड़ी रैलियां करेंगे। इन रैलियों के जरिए कांग्रेस का लक्ष्य साफ है: मतदाताओं के दिल तक पहुँचना, महागठबंधन (RJD, कांग्रेस और वाम दल) के पक्ष में जबरदस्त माहौल बनाना, और उन 'कमजोर इलाकों' में पार्टी के प्रति समर्थन पैदा करना जहाँ इसकी पकड़ ढीली रही है। कांग्रेस को उम्मीद है कि गांधी परिवार की सक्रियता से बिहार की चुनावी पिच पर पार्टी की मौजूदगी मजबूत होगी और यह गठबंधन के लिए निर्णायक बढ़त साबित होगी।
राहुल-तेजस्वी की जोड़ी ने भरी सियासी हुंकार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को मुजफ्फरपुर और दरभंगा से अपने चुनाव अभियान की धमाकेदार शुरुआत कर दी है। इन रैलियों में उनके साथ महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव भी मंच पर मौजूद रहे। इस युवा और गतिशील जोड़ी ने एनडीए (NDA) सरकार पर तीखे हमले किए और जनता से 'भ्रष्ट और सांप्रदायिक ताकतों' को उखाड़ फेंकने की अपील की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर उत्साह व्यक्त करते हुए लिखा कि, "सकरा और दरभंगा की रैलियों ने चुनावी माहौल गरमा दिया है, जनता बदलाव चाहती है।" मंच पर दोनों युवा नेताओं की जुगलबंदी ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नया जोश भर दिया है। राहुल और तेजस्वी का एक साथ आना यह दिखाता है कि महागठबंधन पूरी एकजुटता से चुनाव लड़ रहा है और यह जोड़ी बिहार में युवाओं के बीच एक मजबूत संदेश देने में सफल रही है।
प्रियंका गांधी का होगा 'महिला वोटर्स' पर खास ध्यान
कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान में नई ऊर्जा भरने के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा भी जल्द ही बिहार पहुंचेंगी। फिलहाल वह वायनाड में हैं, लेकिन इस हफ्ते के अंत तक बिहार में उनकी कई बड़ी जनसभाएं तय की गई हैं। पार्टी की रणनीति के तहत, प्रियंका गांधी महिला मतदाताओं और युवाओं पर खास ध्यान केंद्रित करेंगी।
कांग्रेस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रियंका की रैलियों से न केवल चुनावी अभियान में नई जान आए, बल्कि महिलाओं के मुद्दे प्रमुखता से चर्चा में लौटें। माना जाता है कि प्रियंका गांधी में भीड़ को आकर्षित करने और भावनात्मक स्तर पर लोगों से जुड़ने की अद्भुत क्षमता है, जिसका लाभ पार्टी महिला वोटरों के बीच उठाना चाहती है। उनका 'जनसंवाद' कार्यक्रम महिलाओं के रोजमर्रा के जीवन और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की कोशिश करेगा।
खड़गे समेत दिग्गज नेता भी मैदान में
गांधी परिवार के अलावा, कांग्रेस के अन्य बड़े नेता भी बिहार के चुनावी रण में उतर रहे हैं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जो हाल ही में एक मेडिकल प्रक्रिया से गुजरे हैं, भी अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद बिहार में तीन रैलियां और कुछ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इनके अलावा, पार्टी के कई अन्य बड़े और लोकप्रिय चेहरे भी प्रचार अभियान में शामिल होंगे। इनमें सोनिया गांधी, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, युवा नेता सचिन पायलट और स्थानीय दिग्गज पप्पू यादव जैसे नेता शामिल हैं। इन नेताओं की सक्रियता से विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के मतदाताओं तक पहुँचने में मदद मिलेगी।
आगे की राह: मतदान और परिणाम
बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए 6 और 11 नवंबर को वोटिंग होगी, जबकि नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। महागठबंधन की ओर से युवा चेहरा तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। कांग्रेस को पूरा भरोसा है कि राहुल और प्रियंका गांधी की आक्रामक सक्रियता से राज्य में पार्टी की पकड़ मजबूत होगी और महागठबंधन को एनडीए के खिलाफ एक निर्णायक बढ़त मिलेगी। गांधी परिवार की सामूहिक ताकत अब बिहार की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


