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बिहार के 73 लाख किसानों के खाते में आए 1,476 करोड़ रुपये, जानें किसे मिला लाभ
PM Kisan Samman Nidhi 24th Installment Bihar: पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के तहत बिहार के 73 लाख से अधिक किसानों के खातों में 1,476 करोड़ रुपये पहुंचे। सीएम सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी का आभार जताया।
PM Kisan Samman Nidhi 24th Installment Bihar: बिहार के लाखों किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी होने के साथ ही राज्य के 73 लाख से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में 1,476 करोड़ रुपये की सम्मान राशि पहुंच गई है। इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 30 अक्टूबर को पटना स्थित सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर के ज्ञान भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुजरात के बनासकांठा में आयोजित प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की।
किसानों को हर साल मिलते हैं 6,000 रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता मिल रही है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल तीन किस्तों में 6,000 रुपये दिए जाते हैं। पिछले सात वर्षों से लगातार किसानों को इसका लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार भी किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य में बाढ़ प्रभावित किसानों को प्रति किसान 7,000 रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा कृषि इनपुट सब्सिडी के माध्यम से 270 करोड़ रुपये भी दिए जा चुके हैं।
बेमौसम बारिश से फसल नुकसान का होगा आकलन
मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का आकलन कर किसानों को चिह्नित किया जाए और उन्हें मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान करना प्राथमिकता है।
टाल और दियारा क्षेत्रों में खेती को व्यवस्थित करने की पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में पहली बार टाल और दियारा क्षेत्रों में खेती को व्यवस्थित करने के लिए गाद प्रबंधन नीति के माध्यम से पहल की जा रही है। नेपाल की तराई से आने वाले पानी के साथ बड़ी मात्रा में गाद आने से किसानों को खेती में परेशानी होती है। इस समस्या के समाधान के लिए गाद हटाने की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग को बालू एवं गाद के कारण किसानों को होने वाली समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एमएसपी और बाजार से जोड़ी जाएगी किसानों की उपज
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की 76 प्रतिशत से अधिक आबादी की आजीविका कृषि पर निर्भर है। ऐसे में किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने और एथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही अनाज के छोटे-छोटे हिस्सों से भी एथेनॉल उत्पादन की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।
खेती के लिए 12 घंटे बिजली, सोलर ऊर्जा पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि फीडरों को पूरी तरह सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में भी काम हो रहा है। इसके लिए सरकार को हर साल करीब 5,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए जैविक खेती, ग्रीन एनर्जी और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
डेयरी उत्पादन बढ़ाकर 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए बताया कि बिहार में जीविका दीदियों ने 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का बाजार तैयार किया है। राज्य में 50 लाख महिलाओं को पशु सखी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 32 लाख पशु सखियां बनाई जा चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि बिहार में दूध का उत्पादन 25 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 32 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। अगले तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने जैविक खेती और ऑर्गेनिक फूड को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभावों से बचने के लिए जैविक खेती को प्रोत्साहित करना जरूरी है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा समेत कई मंत्री, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।


