बिहार के दूध, सब्जी और मछली को ग्लोबल बाजार तक पहुंचाएगी सरकार, किसानों को मिले 68.51 करोड़

Bihar News: बिहार में 1.06 लाख दुग्ध उत्पादकों के खातों में 68.51 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए। सरकार सुधा ब्रांड और फ्रेश कैच के जरिए दूध, सब्जी व मछली का बाजार बढ़ाएगी।

Newstrack Network
Published on: 1 Nov 2026 3:40 PM IST
बिहार के दूध, सब्जी और मछली को ग्लोबल बाजार तक पहुंचाएगी सरकार, किसानों को मिले 68.51 करोड़
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Bihar News: बिहार के किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ उनके उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को कॉम्फेड, पटना में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की 5,832 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के माध्यम से 1,06,063 दुग्ध उत्पादकों के बैंक खातों में 68.51 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की।


यह भुगतान किसानों को 1,46,66,061 लीटर दूध की आपूर्ति के एवज में किया गया है। मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित कॉल सेंटर 'सुधा संपर्क' का भी उद्घाटन किया। सरकार का उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों को बिचौलियों से मुक्त कर पारदर्शी तरीके से भुगतान सुनिश्चित करना और कृषि एवं पशुपालन आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।


हर गांव में दुग्ध उत्पादक समिति बनाने का लक्ष्य

कार्यक्रम के दौरान डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच राज्य में 4,804 नई दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों का गठन किया गया है। फिलहाल बिहार में कुल 33,897 समितियां सक्रिय हैं।

वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 23.90 लाख किलोग्राम दूध का संग्रहण हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर प्रतिदिन 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए राज्य के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति गठित करने की योजना है।


दूध संग्रहण और परिवहन व्यवस्था की रियल टाइम निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। वहीं, पशुपालकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 18003456199 पर 'सुधा संपर्क' कॉल सेंटर भी शुरू किया गया है।

सुधा ब्रांड का दूसरे राज्यों और विदेशों तक होगा विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की पहचान बन चुका सुधा ब्रांड अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करेगा। इसके लिए दूध प्रसंस्करण, उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और विपणन व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

सुधा की इकाइयों का बिहार से बाहर भी विस्तार किया जा रहा है। असम के तेजपुर में प्रतिदिन 20 हजार लीटर क्षमता वाली इकाई शुरू हो चुकी है। असम में ही 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता की एक अन्य इकाई और कोलकाता में 10 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाली इकाई स्थापित करने की योजना है।


मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादकों को यूनिक फार्मर आईडी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। इसके माध्यम से दूध की गुणवत्ता, फैट और एसएनएफ की मात्रा तथा भुगतान की डिजिटल निगरानी की जा सकेगी।

महिलाओं को मिलेगा रोजगार, 3,200 सुधा सखियों का लक्ष्य

पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है। इसके तहत 3,200 'सुधा सखी' तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।


जीविका के सहयोग से 31 मार्च 2027 तक राज्य की सभी 8,053 पंचायतों में 'जीविका-सुधा बिक्री केंद्र' स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा महिलाओं को पशु औषधि बिक्री केंद्रों के संचालन के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

पशुओं की नस्ल में सुधार, बेहतर पोषण और दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के उपयोग, डुमरांव में बछिया पालन केंद्र, मुंगेर में सीमेन स्टेशन और 12 टोटल मिक्स्ड राशन (TMR) संयंत्र स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

100 फ्रेश कैच कियोस्क से बढ़ेगी मछली कारोबार की पहुंच

मुख्यमंत्री ने पटना के गेट नंबर-02 स्थित जैविक उद्यान में सुधा कैफेटेरिया और सब्जी दुकान का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मीठापुर स्थित मीन भवन में फ्रेश कैच कियोस्क और सुधा पार्लर का भी उद्घाटन किया।

इस दौरान बक्सर से सिलीगुड़ी के लिए फ्रेश कैच वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 100 फ्रेश कैच कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। इनके माध्यम से बिहार की ताजी मछलियों को 'Fresh Catch (Fish of Bihar)' ब्रांड के तहत बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे मछली पालकों की आय बढ़ने के साथ उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सकेंगे।


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि और पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार किसानों और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने, उन्हें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके उत्पादों को बेहतर बाजार देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि राज्य का संकल्प है कि गांव, किसान, पशुपालक, महिलाएं और युवा सभी बिहार की विकास यात्रा के भागीदार बनें। दुग्ध उत्पादन, मत्स्यपालन, सहकारिता और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर बिहार को आर्थिक रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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