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Bihar बाढ़ के बीच CM सम्राट का बड़ा ऐलान, 1 महीने की पूरी सैलरी की दान; नितिन नबीन ने भी दिए 6.35 लाख
Bihar Flood 2026: मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सक्षम सदस्यों की भागीदारी से राहत और सहायता के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
Bihar Flood
Bihar Flood 2026: बिहार (Bihar) में बाढ़ (Flood) की गंभीर स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री ने अपनी लगभग 1 महीने की सैलरी मुख्यमंत्री राहत कोष (Chief Minister Relief Fund) में दान कर दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष में 2 लाख 70 हजार रुपये का योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में चेक सौंपा।
इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्यवासियों से भी मुख्यमंत्री राहत कोष में दान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए राहत कोष महत्वपूर्ण साधन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सक्षम सदस्यों की भागीदारी से राहत और सहायता के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
नितिन नबीन ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया योगदान
इससे पहले शुक्रवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बिहार में आई भीषण बाढ़ की स्थिति पर चिंता जताई थी। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई, केंद्र सरकार के समर्थन और अपने व्यक्तिगत योगदान के बारे में जानकारी दी थी।
नितिन नबीन ने बताया कि प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता (Financial Assistance), राहत शिविरों और फसल क्षति के आकलन के जरिए हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संकट के दौरान पूरी सरकार जनता के साथ मजबूती से खड़ी है।
3 महीने के वेतन के बराबर 6.35 लाख रुपये किए दान
नितिन नबीन ने राज्यसभा सांसद के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए तीन महीने के वेतन के बराबर 6 लाख 35 हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में दान किए। उन्होंने बताया कि सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों को 7 हजार रुपये प्रति परिवार की दर से 550 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि बिहार में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित लोगों तक समय पर राहत और जरूरी मदद पहुंचाने के लिए सरकार पूरी तत्परता से काम कर रही है।
राहत शिविरों में भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था
नितिन नबीन के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर (Relief Camps), सामुदायिक रसोई (Community Kitchen), चिकित्सा सुविधाओं और पशुओं के चारे की उचित व्यवस्था की गई है। बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी एनडीआरएफ (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल यानी एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें पूरी तैयारी के साथ तैनात हैं।
वहीं, बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने और किसानों को जरूरी सहायता देने की प्रक्रिया भी जारी है।
केंद्र की मदद का भी किया गया जिक्र
केंद्र सरकार की ओर से दी गई मदद का जिक्र करते हुए नितिन नबीन ने बताया कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। बाद में उन्होंने बिहार के सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रहने का आश्वासन दिया।
Bihar के 15 जिले बाढ़ से प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, बिहार के 15 जिलों में बाढ़ से 49.67 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगुसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं।
बाढ़ की इस स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी करीब एक महीने की सैलरी मुख्यमंत्री राहत कोष में देकर राज्यवासियों से भी राहत कार्यों में सहयोग करने की अपील की है। वहीं, सरकार की ओर से राहत शिविरों, भोजन, चिकित्सा, पशु चारा और बचाव कार्यों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।


