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बिहार में आज कितने बजे निकलेगा चांद? पटना से पूर्णिया तक टाइम नोट कर लें
Karwa Chauth 2026 Moonrise Time: बिहार में करवा चौथ का चांद पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया में कितने बजे निकलेगा? जानें चंद्रोदय का समय, पूजा का शुभ मुहूर्त और मौसम से जुड़ी जानकारी।
Karwa Chauth Moonrise Time
Karwa Chauth 2026 Moonrise Time: करवा चौथ (Karwa Chauth) का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए दिनभर के निर्जला उपवास के बाद सबसे ज्यादा इंतजार चांद के दीदार का होता है। शाम को सोलह श्रृंगार करके पूजा की तैयारी शुरू होती है और फिर निगाहें आसमान पर टिक जाती हैं। ऐसे में अगर आप बिहार में रहती हैं और करवा चौथ का व्रत रख रही हैं, तो आपके लिए चंद्रोदय का समय जानना जरूरी है। इस साल गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को करवा चौथ मनाया जा रहा है। पटना (Patna) से लेकर गया (Gaya), मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) और पूर्णिया (Purnia) तक अलग-अलग शहरों में चांद निकलने के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।
पटना, गया और भागलपुर में कितने बजे दिखेगा चांद?
बिहार में करवा चौथ के चंद्रोदय (Moonrise Timing) का समय शहर के हिसाब से अलग-अलग बताया गया है। पटना में चांद रात 7 बजकर 52 मिनट पर निकलने की संभावना है। गया में चंद्रोदय का समय रात 7 बजकर 51 मिनट बताया गया है, जबकि मुजफ्फरपुर में रात 7 बजकर 47 मिनट पर चांद दिखाई देने का अनुमान है। भागलपुर में चंद्रमा रात 7 बजकर 44 मिनट पर और दरभंगा में रात 7 बजकर 46 मिनट पर निकल सकता है। वहीं, पूर्णिया में चंद्रोदय का संभावित समय रात 7 बजकर 40 मिनट है। आरा में भी पटना की तरह रात 7 बजकर 52 मिनट पर चांद निकलने का अनुमान है।
हालांकि, ये समय अनुमानित हैं और वास्तविक चंद्रोदय (Moonrise) में स्थानीय परिस्थितियों के कारण थोड़ा अंतर हो सकता है। आसमान में बादल छाए रहने या बारिश होने की स्थिति में चंद्रमा दिखाई देने में देरी भी हो सकती है।
करवा चौथ 2026 की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
हिंदू पंचांग (Hindu Panchang) के अनुसार, करवा चौथ का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि (Chaturthi Tithi) को मनाया जाता है। इस साल चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 6 मिनट पर शुरू होकर रात 10 बजकर 9 मिनट तक रहने की जानकारी दी गई है। करवा चौथ पूजा (Karwa Chauth Puja) का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से शाम 6 बजकर 56 मिनट तक बताया गया है।
इस दौरान व्रती महिलाएं भगवान शिव (Lord Shiva), माता पार्वती (Goddess Parvati), भगवान गणेश (Lord Ganesha) और करवा माता की पूजा करती हैं। परंपरा के अनुसार, महिलाएं करवा चौथ की कथा (Karwa Chauth Katha) सुनती हैं और चंद्रमा निकलने के बाद उसे अर्घ्य देकर अपने पति के हाथों जल ग्रहण करके व्रत का पारण करती हैं। धार्मिक मान्यताओं में इस व्रत को पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है।
बादल और बारिश बढ़ा सकते हैं चांद का इंतजार
करवा चौथ के दिन मौसम (Weather) भी चंद्र दर्शन के लिए अहम भूमिका निभाता है। दी गई जानकारी के मुताबिक, बारिश और तूफान के प्रभाव से कुछ इलाकों में बादल छाने या मौसम बदलने की संभावना जताई गई है। ऐसे में निर्धारित समय पर चंद्रोदय होने के बावजूद बादलों के कारण चंद्रमा के दर्शन में परेशानी हो सकती है।
इसलिए बिहार में करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को अपने शहर के चंद्रोदय समय के साथ स्थानीय मौसम पर भी नजर रखनी चाहिए। चांद दिखने के बाद ही परंपरा के अनुसार व्रत का पारण किया जाता है।


