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SIR पर सड़कों पर संग्राम! लोक भवन मार्च पर पुलिस का ब्रेक, डाकबंगला पर क्या हुआ?
Patna Lok Bhawan March: पटना में SIR के विरोध में निकले लोक भवन मार्च को पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर रोक दिया। करीब डेढ़ घंटे में प्रदर्शन खत्म हो गया।
Patna Lok Bhawan March
Patna Lok Bhawan March: बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के विरोध में निकाला गया लोक भवन मार्च करीब डेढ़ घंटे में खत्म हो गया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) से जुड़े प्रदर्शनकारी गांधी मैदान के जेपी गोलंबर से मार्च निकालकर लोक भवन की ओर बढ़े। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें रोककर वहां से हटाया।
बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन को देखते हुए पटना में सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे समेत प्रमुख इलाकों में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से निर्धारित धरना स्थल गर्दनीबाग में ही विरोध दर्ज कराने की अपील की थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी लोक भवन तक मार्च निकालने पर अड़े रहे।
मार्च के दौरान जेपी गोलंबर के पास पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर प्रदर्शनकारी आगे बढ़े। इसके बाद डाकबंगला चौराहे पर भी पुलिस ने रास्ता रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। यहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें मौके से हटाया। इस दौरान चौराहे के आसपास यातायात भी प्रभावित हुआ।
SIR रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे थे। उनकी मांग है कि SIR प्रक्रिया रद्द की जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। प्रदर्शनकारी संगठनों ने मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर निर्वाचन आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई।
गर्दनीबाग में प्रदर्शन की अनुमति
पटना जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में धरना-प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग निर्धारित स्थल है। प्रशासन का कहना है कि अन्य स्थानों पर प्रदर्शन से यातायात, सार्वजनिक व्यवस्था और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। मंगलवार के मार्च के बाद अब देखना होगा कि प्रदर्शनकारी आगे अपनी मांगों को लेकर क्या रणनीति अपनाते हैं।


