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पटना MLC चुनाव में सियासी ड्रामा! अपने ही विधायक निरज के खिलाफ अनंत सिंह, खुली जीप में निकाला अनुज का काफिला
पटना स्नातक सीट पर जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह और जदयू के मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार के बीच मुकाबला है।
Patna MLC Election 2026: बिहार की सियासत में विधान परिषद चुनाव ने एक बार फिर अंदरूनी खींचतान को सुर्खियों में ला दिया है। पटना स्नातक सीट पर मुकाबला भले ही जदयू के नीरज कुमार और जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह के बीच है, लेकिन असली राजनीतिक गर्मी अनंत सिंह की एंट्री से बढ़ गई है।
गुरुवार को अनुज सिंह नामांकन दाखिल करने निकले तो अनंत सिंह भी उनके साथ नजर आए। खुली जीप में निकला काफिला, समर्थकों की भीड़ और नारेबाजी ने साफ कर दिया कि यह चुनाव अब सिर्फ दो उम्मीदवारों के बीच की लड़ाई नहीं रह गया है।
खास बात यह है कि अनंत सिंह खुद जदयू के विधायक हैं, जबकि नीरज कुमार उनकी ही पार्टी के उम्मीदवार हैं। इसके बावजूद अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान कर रखा है। ऐसे में पटना स्नातक सीट पर चुनावी मुकाबले के साथ जदयू के भीतर की खींचतान भी खुलकर सामने आ गई है।
नीरज कुमार के खिलाफ क्यों खुला मोर्चा?
पटना स्नातक सीट पर जदयू ने अपने मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को मैदान में उतारा है। अनुज के समर्थन में अनंत सिंह के आने के बाद चुनाव में पार्टी के अंदर का विवाद भी बड़ा मुद्दा बन गया है।
अनंत सिंह लगातार कहते रहे हैं कि उनका विरोध जदयू से नहीं, बल्कि नीरज कुमार से है। यानी वह अपने रुख को पार्टी विरोधी कदम के बजाय नीरज कुमार के साथ व्यक्तिगत विवाद के तौर पर पेश कर रहे हैं।
'नीतीश कुमार नीरज के साथ हैं' सवाल पर अनंत का जवाब
नामांकन के दौरान जब अनंत सिंह से पूछा गया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीरज कुमार के साथ हैं, तो उन्होंने अपने अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह किसी को नहीं जानते और उनके प्रत्याशी की जीत तय है।
उनका यह बयान इसलिए चर्चा में रहा क्योंकि नीरज कुमार जदयू के आधिकारिक उम्मीदवार हैं और अनंत सिंह उसी पार्टी के विधायक हैं। ऐसे में पार्टी के उम्मीदवार के मुकाबले दूसरे प्रत्याशी का समर्थन करने का उनका फैसला चुनावी माहौल को और गर्म कर रहा है।
50 हजार रसगुल्ले भी बने चुनावी चर्चा का हिस्सा
इस पूरे सियासी घटनाक्रम के बीच अनंत सिंह के यहां तैयार कराए गए 50 हजार रसगुल्ले भी चर्चा में आ गए हैं। बताया गया कि इन्हें अनुज सिंह के नामांकन में पहुंचने वाले समर्थकों और आम लोगों के बीच बांटा जाना था।
JDU के अंदर सुलह की कोशिशें भी हुईं
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रही तनातनी को खत्म करने की कोशिशें भी हुई हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से दोनों के बीच मतभेद सुलझाने की कोशिश की गई, लेकिन अनंत सिंह अपने रुख पर कायम दिखाई दे रहे हैं।
कौन हैं डॉ. अनुज सिंह?
डॉ. अनुज सिंह शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हैं और जन सुराज ने उन्हें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले वह 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में नवादा से जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं।
उनके चुनावी हलफनामे में संसाधन भूगोल में पीएचडी की जानकारी दी गई थी। अब विधान परिषद चुनाव में उन्हें जदयू के मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार के सामने उतारा गया है।
अब नजर चुनावी मुकाबले पर
पटना स्नातक सीट पर फिलहाल दो प्रमुख नाम सामने हैं- जदयू के नीरज कुमार और जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह। लेकिन इस मुकाबले को सबसे ज्यादा राजनीतिक रंग अनंत सिंह की सक्रियता ने दिया है।
एक तरफ जदयू का आधिकारिक उम्मीदवार है और दूसरी तरफ उसी पार्टी के विधायक अपने समर्थन वाले उम्मीदवार के लिए प्रचार करने की बात कह रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में अनंत सिंह का अभियान किस दिशा में जाता है और इसका चुनावी माहौल पर क्या असर पड़ता है, इस पर नजर रहेगी।
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। पटना स्नातक सीट पर अब मुकाबला उम्मीदवारों के साथ-साथ राजनीतिक समर्थन और अंदरूनी समीकरणों के लिहाज से भी दिलचस्प बन गया है।


