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ये दो दुश्मन हुए साथ तो बिहार से बीजेपी हो जाएगी साफ! तेजस्वी की बहन के फॉर्मूले से हड़कंप, बोलीं- TJ + PK = BJP/NDA ZERO
आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर को साथ आने की सलाह देते हुए विपक्षी एकता पर जोर दिया है।
Bihar: बिहार की राजनीति में विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद अब विपक्षी दलों के बीच एकजुटता को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की नेता रोहिणी आचार्य ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को साथ आने की सलाह दी है। उनका मानना है कि अगर दोनों नेता मिलकर चुनाव लड़ते हैं और विपक्ष के वोटों का बिखराव रोकने में कामयाब होते हैं, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को चुनौती दी जा सकती है।
रोहिणी आचार्य ने दिया 'TJ + PK' वाला फॉर्मूला
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विपक्षी एकता को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए दावा किया कि भाजपा और एनडीए को हराने का रास्ता इन चुनावों में दिखाई दिया है।
उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'बिहार में हुए MLC चुनावों ने BJP/NDA को हराने का फार्मूला दे दिया है। TJ + PK = BJP/NDA ZERO।'
इस फॉर्मूले में TJ का मतलब तेजस्वी यादव और PK का मतलब प्रशांत किशोर माना जा रहा है। रोहिणी के इस बयान का संदेश साफ है कि अगर राजद और जन सुराज के बीच चुनावी तालमेल होता है, तो विपक्ष की ताकत बढ़ सकती है।
वोट जुड़ जाएं तो बदल सकता है चुनावी गणित?
रोहिणी आचार्य ने दावा किया कि विधान परिषद चुनाव में राजद और जन सुराज के उम्मीदवारों को मिले वोटों को जोड़कर देखा जाए, तो भाजपा और एनडीए को कई सीटों पर नुकसान हो सकता था। उन्होंने यहां तक कहा कि दोनों दलों के वोट एक साथ आते, तो भाजपा और एनडीए को सभी आठ सीटों पर पहले ही चरण में हार का सामना करना पड़ सकता था।
हालांकि, यह रोहिणी आचार्य का चुनावी नतीजों के आधार पर दिया गया आकलन है। अलग-अलग दलों को मिले वोट गठबंधन होने पर भी उसी अनुपात में मिलेंगे, इसकी गारंटी नहीं होती।
विपक्ष के बिखराव से BJP को फायदा मिलने का दावा
रोहिणी आचार्य ने अपने संदेश में विपक्षी दलों के बीच एकता की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि जब विपक्ष अलग-अलग चुनाव लड़ता है, तो इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष सही रणनीति, मजबूत जनाधार और बेहतर तालमेल के साथ चुनावी मैदान में उतरता है, तो भाजपा को हराना संभव है। उनके मुताबिक, विपक्ष के पास मजबूत सामाजिक और राजनीतिक समीकरण हैं, लेकिन वोटों का बंटवारा उसकी चुनावी संभावनाओं को कमजोर कर सकता है।
क्या तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर साथ आएंगे?
रोहिणी आचार्य के बयान के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर के बीच भविष्य में किसी तरह का राजनीतिक तालमेल देखने को मिलेगा। फिलहाल, दी गई जानकारी में दोनों नेताओं के साथ आने को लेकर किसी फैसले या औपचारिक घोषणा का जिक्र नहीं है।
रोहिणी आचार्य ने अपनी पोस्ट के आखिर में लिखा, 'आगे-आगे देखिए होता है क्या।' उनके इस बयान ने बिहार की राजनीति में विपक्षी एकता और संभावित चुनावी समीकरणों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।


