Finance Minister Nirmala Sitharaman: बीमा क्षेत्र में 100% विदेशी निवेश की मंज़ूरी - क्या यह भारत के बीमा सेक्टर को नई ऊंचाई देगा?

Finance Minister Nirmala Sitharaman: बीमा क्षेत्र में 100% FDI की पहल से निवेश, प्रतिस्पर्धा और बीमा पहुंच को मिलेगा बढ़ावा, सरकार ने उठाया बड़ा कदम।

Sonal Girhepunje
Published on: 28 July 2025 5:34 PM IST (Updated on: 28 July 2025 7:00 PM IST)
Finance Minister Nirmala Sitharaman: बीमा क्षेत्र में 100% विदेशी निवेश की मंज़ूरी - क्या यह भारत के बीमा सेक्टर को नई ऊंचाई देगा?
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Finance Minister Nirmala Sitharaman: भारत में बीमा क्षेत्र लंबे समय से विकास की राह देख रहा है। लेकिन इसमें अब एक बड़ा मोड़ आने वाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में जानकारी दी कि बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को 74% से बढ़ाकर 100% करने का प्रस्ताव है। इस कदम से बीमा सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी, जिससे यह क्षेत्र अगले 5 वर्षों में औसतन 7.1% वार्षिक दर से बढ़ सकता है, जो वैश्विक औसत से कहीं ज्यादा होगा। सरकार का मानना है कि यह बदलाव न सिर्फ निवेशकों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि बीमा के दायरे को भी देश भर में व्यापक रूप से फैलाने में मदद करेगा।

बीमा क्षेत्र में 100% FDI की अनुमति: क्या है सरकार की सोच? :

वित्त मंत्री ने लोकसभा में लिखित उत्तर में कहा कि बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत FDI की अनुमति देने से विदेशी निवेशकों को भारत में भागीदारी स्थापित करने के लिए भारतीय साझेदार खोजने की आवश्यकता नहीं रह जाएगी। इससे उनके लिए व्यवसाय शुरू करना आसान हो जाएगा और देश में बीमा कंपनियों की संख्या में इजाफा होगा।

इसके अतिरिक्त, इससे स्थिर और दीर्घकालिक विदेशी निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, नई तकनीकों का आगमन होगा और बीमा की पहुंच ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक होगी। सरकार को उम्मीद है कि इन तमाम पहलों से भारत में बीमा जागरूकता और भागीदारी में बड़ा सुधार आएगा।

बीमा कंपनियों में FDI बढ़ाने का निर्णय पूरी तरह कंपनी के प्रमोटरों पर निर्भर करेगा। यह निर्णय उनके व्यवसायिक लक्ष्यों, पूंजी की आवश्यकता, सॉल्वेंसी जरूरत और भविष्य की योजना पर आधारित होता है।

जनसुरक्षा योजनाओं की पहुँच बढ़ाने की मुहिम :

बीमा योजनाओं के साथ-साथ सरकार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) के कवरेज को भी बढ़ाने के प्रयास कर रही है।

वित्त मंत्री ने बताया कि इन योजनाओं को अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए बैंकों और स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी के साथ ज़मीनी स्तर पर लगातार प्रचार अभियान चलाए जा रहे हैं। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में शिविर लगाकर इन योजनाओं की जानकारी दी जा रही है और नामांकन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

1 जुलाई 2025 से शुरू हुआ "वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान" देश के 2.70 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य PMJJBY, PMSBY और APY में अधिक से अधिक नामांकन सुनिश्चित करना है। बैंकों द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर शिविरों का आयोजन कर सीधे लोगों को जानकारी और सहायता दी जा रही है।

वित्तीय साक्षरता के लिए RBI की पहल :

सिर्फ बीमा योजनाएं शुरू करना ही पर्याप्त नहीं होता, लोगों को इनकी जानकारी और उपयोगिता के बारे में समझाना भी उतना ही ज़रूरी है। इसी उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वर्ष 2017 में सेंटर फॉर फाइनेंशियल लिटरेसी (CFL) की शुरुआत की थी।

इस परियोजना का मकसद था - सामुदायिक भागीदारी के ज़रिए लोगों में वित्तीय जानकारी को फैलाना। मार्च 2025 तक देशभर में कुल 2,421 CFL केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। औसतन एक CFL तीन ब्लॉक को कवर करता है।

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Sonal Girhepunje

Sonal Girhepunje is a Former Senior Writer at Newstrack.com.

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