जो गोल्ड ज्वेलरी आप खरीद रहे हैं, क्या उसमें मिलावट नहीं है? इसकी शुद्धता इस तरह जांचें

जब भी सोना खरीदें, तो उसकी शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी है ताकि मिलावट से बचा जा सके। आप घर बैठे आसान और भरोसेमंद तरीकों से अपनी गोल्ड ज्वेलरी की शुद्धता स्वयं चेक कर सकते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान से बचाव होगा और आपके निवेश की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

Sonal Girhepunje
Published on: 11 Oct 2025 7:28 PM IST (Updated on: 11 Oct 2025 7:30 PM IST)
जो गोल्ड ज्वेलरी आप खरीद रहे हैं, क्या उसमें मिलावट नहीं है? इसकी शुद्धता इस तरह जांचें
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Gold Purity Test: दिवाली और धनतेरस के समय सोना खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। लोग ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि यह माना जाता है कि सोना घर में खुशहाली, शांति और समृद्धि लाता है। इस समय बहुत से लोग सोने की ज्वेलरी खरीदते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो सोना आप खरीद रहे हैं, वह शुद्ध है या उसमें मिलावट है?

सोने की शुद्धता यानी प्यूरीटी बहुत महत्वपूर्ण होती है। शुद्ध सोना ही सबसे अच्छा और टिकाऊ होता है। अगर सोने में मिलावट होगी, तो न सिर्फ उसका मूल्य कम होगा, बल्कि उसकी सुंदरता और टिकाऊपन पर भी असर पड़ेगा।

मिलावट का पता लगाने के आसान तरीके

1. एसिड (नाइट्रिक) टेस्ट

नाइट्रिक एसिड टेस्ट सबसे भरोसेमंद तरीका है। इसमें सोने पर एसिड की बूंद डाली जाती है। अगर सोना असली है तो रंग नहीं बदलता, लेकिन मिलावटी सोने पर रंग बदल जाता है। इसे केवल प्रशिक्षित ज्वेलर के पास ही करवाएं।

2. इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड टेस्टर

यह आधुनिक यंत्र सोने की विद्युत चालकता को मापता है। इससे जल्दी और सुरक्षित तरीके से सोने की शुद्धता पता चल जाती है। छोटे ज्वेलर या घर पर भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है।

3. X-Ray Fluorescence (XRF) टेस्ट

यह अत्यंत सटीक और गैर-क्षतिकारक टेस्ट है। इसमें X-ray तकनीक से सोने की शुद्धता और मिलावट का पता लगाया जाता है। भारी और महंगी ज्वेलरी के लिए यह सबसे भरोसेमंद तरीका है।

4. मैगनेट टेस्ट

सोना चुंबकीय नहीं होता। अगर सोने की ज्वेलरी मैगनेट से चिपकती है, तो इसमें मिलावट या मिश्र धातु हो सकती है। यह सरल तरीका है, लेकिन मिलावट की सही मात्रा नहीं बताता।

5. वजन और सघनता (Density) टेस्ट

सोना भारी और घना होता है। ज्वेलरी का वजन और आकार देखकर इसकी सघनता मापी जा सकती है। अगर सघनता कम है, तो मिलावट हो सकती है। इस टेस्ट के लिए एक्सपर्ट की मदद लें।

6. फ्लोट टेस्ट (पानी में तैरना या डूबना)

शुद्ध सोना पानी में डूब जाता है। नकली या मिश्र धातु वाला सोना तैर सकता है। यह तरीका पूरी तरह भरोसेमंद नहीं है, लेकिन शुरुआती जांच के लिए उपयोगी है।

7. स्क्रैच टेस्ट

सोने को किसी कड़क सतह (जैसे सिरेमिक प्लेट) पर रगड़ें। असली सोना सुनहरा निशान छोड़ता है, जबकि नकली या मिलावटी सोना काला या फीका निशान छोड़ता है।

8. हॉलमार्किंग की जांच

BIS हॉलमार्क सोने की शुद्धता का सबसे भरोसेमंद प्रमाण है। हॉलमार्क में सोने की गुणवत्ता, ज्वेलर का कोड और हॉलमार्क सेंटर का चिन्ह होता है। दिवाली पर सोना खरीदते समय हमेशा हॉलमार्क चेक करें। ऑनलाइन भी BIS सर्टिफिकेट की वैधता जांची जा सकती है।

सोना खरीदते समय ध्यान रखने योग्य बातें

सोना खरीदते समय हमेशा विश्वसनीय और प्रमाणित ज्वेलर से ही खरीदारी करें। इससे आपको नकली या मिलावटी सोने से बचाव मिलेगा। जहाँ भी संभव हो, सोने की शुद्धता की जांच करवाएं। यह सुनिश्चित करता है कि आप असली और मूल्यवान सोना ही खरीद रहे हैं। छोटे आभूषण खरीदते समय भी हॉलमार्क जरूर देखें। हॉलमार्क सोने की गुणवत्ता और प्रमाणित होने का भरोसेमंद संकेत है। साथ ही, सोने के भाव और निवेश पर ध्यान दें।

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Sonal Girhepunje

Sonal Girhepunje is a Former Senior Writer at Newstrack.com.

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