क्या आरबीआई का नया चेक क्लियरेंस सिस्टम वाकई तेज़ है? ग्राहक देरी और तकनीकी गड़बड़ियों से परेशान!

अक्टूबर 2025 में RBI ने चेक क्लियरेंस को तेजी से आसान बनाने के लिए नया रियल-टाइम सिस्टम शुरू किया। हालांकि सुविधा तो बढ़ी है, लेकिन कुछ ग्राहकों को अब भी पैसे मिलने में देरी का सामना करना पड़ रहा है।

Sonal Girhepunje
Published on: 10 Oct 2025 5:30 PM IST
क्या आरबीआई का नया चेक क्लियरेंस सिस्टम वाकई तेज़ है? ग्राहक देरी और तकनीकी गड़बड़ियों से परेशान!
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Real-Time Cheque Update: अक्टूबर 2025 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सिस्टम में एक बड़ा सुधार किया और रियल-टाइम चेक क्लियरेंस सिस्टम शुरू किया। इस नए सिस्टम का उद्देश्य चेक क्लियरेंस को बहुत तेज़ और आसान बनाना है। पहले, चेक क्लियर होने में 1 से 3 दिन लगते थे, लेकिन अब चेक सिर्फ कुछ ही घंटों में क्लियर हो सकते हैं। इस सिस्टम में चेक की छवि इलेक्ट्रॉनिक रूप में तुरंत बैंक को भेजी जाती है और बैंक लगभग तुरंत चेक को मंजूर या रिजेक्ट कर देता है। इससे ग्राहकों को पैसे जल्दी मिलेंगे और व्यापारिक लेन-देन भी तेजी से हो सकेगा। हालांकि, शुरुआत में कुछ तकनीकी और प्रशिक्षण से जुड़ी समस्याएं आई हैं, जिन्हें बैंक और RBI मिलकर ठीक कर रहे हैं।

नई रियल-टाइम चेक क्लियरेंस प्रणाली क्या है?

RBI ने पुराने बैच-बेस्ड सिस्टम को छोड़कर एक Continuous Clearing and Settlement System शुरू किया है। इस सिस्टम से चेक की क्लियरेंस जल्दी हो सकती है और पैसे जल्दी आपके खाते में पहुँच सकते हैं।

समस्याएं और ग्राहक खफा

हालांकि यह सिस्टम तेज़ी लाने के लिए था, पर पहले ही दिन से कई शिकायतें सामने आई हैं। कई बैंक शाखाओं में चेक क्लियरेंस 48 घंटे या उससे ज्यादा समय ले रही है। ग्राहक सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी दर्ज कर रहे हैं। बैंक कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी नहीं होने के कारण स्कैनिंग और डेटा भेजने में दिक्कतें आ रही हैं।

बैंक स्टाफ की ट्रेनिंग की कमी

नई प्रणाली में चेक को स्कैन कर डिजिटल रूप में भेजना होता है। लेकिन कई बैंक कर्मचारियों को सही तरीका नहीं पता। इससे छवि खराब, अधूरी या अस्पष्ट आती है और चेक रिजेक्ट हो जाता है या पुराने तरीके से क्लियर किया जाता है। इससे ग्राहक सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे।

RBI का समर्थन और ग्राहक अनुभव

आरबीआई ने नई रियल-टाइम चेक क्लियरेंस प्रणाली में आने वाली समस्याओं को देखते हुए क्लियरेंस का समय रात 11 बजे तक बढ़ा दिया है। बैंक अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि कुछ हफ्तों में प्रशिक्षण और तकनीकी सुधार के बाद सिस्टम सामान्य रूप से काम करने लगेगा।

हालांकि, अभी भी कई ग्राहक अपनी रकम के बारे में अस्पष्टता और देरी का सामना कर रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि उनके चेक जमा हुए कई दिन हो गए हैं, लेकिन पैसे अभी तक खाते में नहीं आए। कुछ ग्राहकों को बैंक से सही जानकारी नहीं मिल रही, जिससे वे परेशान और असमंजस में हैं। आरबीआई और बैंक मिलकर इस समस्या को दूर करने के प्रयास कर रहे हैं ताकि सभी ग्राहक जल्दी और सुरक्षित रूप से अपने पैसे प्राप्त कर सकें।

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Sonal Girhepunje

Former Senior Writer Mail ID - sonalgirhepunje23@gmail.com

Sonal Girhepunje is a Former Senior Writer at Newstrack.com.

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