TRENDING TAGS :
रिलायंस का सिंगापुर से तीन गुना बड़ा ग्रीन एनर्जी स्केल, मुकेश अंबानी की अगली बड़ी चाल!
रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले वित्त वर्ष में गुजरात के कच्छ में अपनी सबसे बड़ी ग्रीन एनर्जी परियोजना से इतिहास रचने जा रही है। 5,50,000 एकड़ में फैला यह सोलर एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स देश के ऊर्जा भविष्य को बदलने वाला है-क्या आप जानते हैं कब और कैसे यह शुरू होगा?
Reliance launches Mega Solar Project: रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में अपना बड़ा सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट ‘ऑपरेशन कच्छ’ शुरू करने जा रही है। यह प्रोजेक्ट भारत के क्लीन एनर्जी मिशन को नई गति देगा और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा। गुजरात के कच्छ क्षेत्र में बन रहा यह सौर ऊर्जा केंद्र आकार में सिंगापुर से तीन गुना बड़ा होगा। चार साल पहले रिलायंस ने इस प्रोजेक्ट के लिए 10 अरब डॉलर का निवेश करने की घोषणा की थी, और अब यह निवेश असलियत में बदल रहा है। इससे न केवल भारत में ग्रीन एनर्जी उत्पादन बढ़ेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
ऑपरेशन कच्छ की खास बातें और रिलायंस के लक्ष्य
रिलायंस का ऑपरेशन कच्छ प्रोजेक्ट लगभग 5,50,000 एकड़ में फैला हुआ है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ सौर ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रीन फ्यूल बनाने के लिए भी ऊर्जा देगा। भूमि विकास और इंजीनियरिंग की तैयारी सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है, जिससे यह प्रोजेक्ट अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में शुरू होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
रिलायंस का लक्ष्य है कि वह 20 गीगावाट सोलर पैनल बनाए और 100 गीगावाट घंटे की बैटरी गीगाफैक्ट्री स्थापित करे। इसके साथ ही कंपनी ने यह योजना बनाई है कि 2032 तक 30 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा। सोलर फोटोवोल्टिक (PV) गीगाफैक्ट्री में चार पीवी मॉड्यूल लाइनें पहले ही चालू हो चुकी हैं, और जल्द ही सोलर सेल उत्पादन लाइन भी शुरू होगी।
धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स
रिलायंस ने अपने संस्थापक धीरूभाई अंबानी के नाम पर एक बड़ी ग्रीन एनर्जी गीगा फैक्ट्री बनाई है। यह फैक्ट्री आकार में टेस्ला की गीगाफैक्ट्री से चार गुना बड़ी है। इस गीगा कॉम्प्लेक्स में सोलर पैनल, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और टिकाऊ एविएशन फ्यूल का निर्माण होगा। इसके साथ ही यहां नई और उन्नत तकनीकों का विकास और निर्माण भी किया जाएगा, जिससे भारत का क्लीन एनर्जी मिशन और मजबूत होगा।
सोलर पैनल और बैटरी निर्माण प्रक्रिया
रिलायंस की गीगा फैक्ट्री में सबसे पहले पॉलीसिलिकॉन का उत्पादन होगा। इसे पिघलाकर ठंडा किया जाएगा और फिर पिंड बनाया जाएगा। इसके बाद पिंड को पतले वेफर में काटा जाएगा। वेफर पर डोपिंग, सफाई, कोटिंग और लेजर स्क्राइबिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद कई सौर सेल्स को जोड़कर वाटरप्रूफ सोलर पैनल तैयार किया जाएगा। अंत में इन पैनलों को रैकिंग सिस्टम पर एरे में लगाया जाएगा ताकि ऊर्जा उत्पादन शुरू हो सके।
लगातार बिजली के लिए बैटरी स्टोरेज
सिर्फ दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी बिजली उपलब्ध हो इसके लिए रिलायंस बैटरी स्टोरेज गीगाफैक्ट्री को तेजी से विकसित कर रहा है। इससे चौबीसों घंटे ग्रीन एनर्जी मिल सकेगी।


