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Astronaut Shubhanshu Shukla Education: जानिए कौन हैं ISS में कदम रखने जा रहे पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला,यहां से की है पढ़ाई
Axiom-4 Mission: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में जाने वाले पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला ने लखनऊ से की है पढ़ाई,आइये जाने उनके करियर और मिश के बारे में
Astronaut Shubhanshu Shukla Education and Career: अंतरिक्ष यात्री के रुप में इतिहास रचने को तैयार शुभांशु शुक्ला इन दिनों सुर्खियों में बने हैं। भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु काफी टेलेंटेड स्टुडेंट रहे हैं। वो पहले भारतीय होंगे जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन(ISS) पर कदम रखेंगे। इसके साथ ही भारत के आंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में एक और अध्याय जुड़ जायेगा।
भारतीय समय के आनुसार 10 जून शाम 5.52 बजे उनका स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्रफ्ट Axiom-4 मिशन के तहत लॉन्च होगा जो 11जून रात 10 बजे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन(ISS) से जुड़ेगा। इस मिशन में उनके साथ अमेरिका की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोस्ज उज़नांस्की और हंगरी के टिबोर कापू भी शामिल होंगे।
लखनऊ से की है शुरूआती पढ़ाई
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु लखनऊ के त्रिवेणी नगर इलाके के रहने वाले हैं। उनका जन्म 10 अक्टूबर 1985 को हुआ। स्कूली पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की है।
NDA से की इंजीनियरिंग
बचपन से ही मेहनती और अनुशासन में रहे शुभांशु ने स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में दाखिला लिया और वहां से B.Tech की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) से M.Tech की डिग्री भी हासिल की है।
वायुसेना में रहा शानदार करियर
2006 में शुभांशु ने भारतीय वायु सेना ज्वाइन की। वह एक अनुभवी फाइटर पायलट हैं और अब तक Su-30 MKI, मिग-21, मिग-29, जैगुआर, हॉक, डॉर्नियर और AN-32 जैसे कई फाइटर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उड़ा चुके हैं। मार्च 2024 में उन्हें ग्रुप कैप्टन की रैंक मिली।
Axiom-4 मिशन में कर रहे भारत का प्रतिनिधित्व
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन(ISS) पर जाने वाले पहले भारतीय के तौर पर शुभांशु शुक्ला इतिहास रचने को तैयार हैं।Axiom-4 मिशन के दौरान शुभांशु ‘Shux’ कॉल साइन से जाने जाएंगे। इस मिशन में कुल 60 वैज्ञानिक प्रयोग किए जाएंगे, जिनमें से सात ISRO ने तैयार किए हैं। शुभांशु इनमें से पांच में सक्रिय रूप से भाग लेंगे जो NASA के मानव अनुसंधान कार्यक्रम से जुड़े हैं।
शुभांशु का मानना है कि यह सफर अकेले उनका नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करता है। वह अंतरिक्ष में भारत की सांस्कृतिक विविधता से जुड़ी चीजें ले जाने वाले हैं और योग को भी वहां प्रमोट करेंगे।


