DU New Course Specially for Gen-Z: डीयू कबीर सिंह और टाइटैनिक जैसी फिल्मों से Gen-Z जेनेरेशन को सिखायेगी लव-ब्रेकअप से कैसे उबरें

DU New Course Specially for Gen-Z: दिल्ली यूनिवर्सिटी में Gen-Z जेनेरेशन के लिए शुरू हो रहे कुछ अनोखे कोर्स, सिलेबस में होंगे लव-ब्रेकअप, रिश्तों में रेड फ्लैग्स जैसे टॉपिक्स, देखें पूरी डिटेल

Sonal Verma
Published on: 11 Jun 2025 1:43 PM IST
DU New Course Specially for Gen-Z:  डीयू कबीर सिंह और टाइटैनिक जैसी फिल्मों से Gen-Z जेनेरेशन को सिखायेगी लव-ब्रेकअप से कैसे उबरें
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Negotiating Intimate Relationship Course in Delhi University: आज के बदलते सामाजिक परिवेश में जहां रिश्ते लिव इन से लेकर सिचुएशनशिप तक आ पहंचे हैं और ऑनलाइन रिलेशनशिप का बोलबाला है तो ऐसे में आने वाली जेनेरेशन को रिश्तों की अहमियत और रिश्तों में रही-गलत व्यवहारों की समझ होना जरुरी है। आज के Gen-Z युवा प्यार की गलत परिभाषा को सही समझने लगे हैं जिस कारण रिश्तों की उम्र छोटी होती जा रही है। रिश्तों में आने वाले ऊतार-चढ़ाव को हेंडल कर पाना इन युवाओं को आ ही नहीं रहा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी(DU Admission) ने नेगोशिएटिंग इनटिमेट रिलेशनशिप (Negotiating Intimate Relationship), मीडिया साइकोलॉजी (MediaPhycology), साइकोलॉजी ऑफ एडजेस्टमेंट (Phycology of Adjestment) जैसे कई कोर्सेज शुरु करने की तैयारी में है। एक्सपर्ट मान रहे हैं कि ये कोर्स आज के दौर की सबसे बड़ी चुनौती रिश्तों की जटिलताओं को समझने और सुलझाने के साथ साथ वर्कप्लेस से लेकर आम जिंदगी को संवारने में एक नया नजरिया देंगे।


मनोविज्ञानिक प्रोफेसर नवीन कुमार ने कहा(DU Phycology Professor Naveen Kumar)

दिल्ली यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर नवीन कुमार इस कोर्स की ज़रूरत को आज के सामाजिक परिवेश में बहुत जरूरी मानते हैं। वो कहते हैं कि आज वर्किंग पेरेंट्स की तादाद बढ़ गई है और डिजिटल पेरेंटिंग का ज़माना आ चुका है। लोग आज़ादी को समझते हैं लेकिन यह नहीं जानते कि इसकी बाउंड्रीज कहां तक हैं। यह आज़ादी कई बार दुख और तनाव का सबब बन जाती है।


इस सत्र से शुरू होगा कोर्स

इस डिजिटल दौर में रिश्तों में होने वाले बदलाव को समझने के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी(DU Admission) द्वारा नेगोशिएटिंग इनटिमेट रिलेशनशिप(Negotiating Intimate Relationship), मीडिया साइकोलॉजी(MediaPhycology), साइकोलॉजी ऑफ एडजेस्टमेंट(Phycology of Adjestment) जैसे आज के परिपेक्ष के हिसाब से बनाये गये कोर्स 2025-26 शैक्षणिक सत्र से शुरु होंगे।


प्रैक्टिकल और मजे़दार तरीके से पढ़ाया जायेगा

12वीं पास किसी भी स्ट्रीम के स्टुडेंट्स इन कोर्सेज में भाग ले सकते हैं। इनमें से कई कोर्स चार क्रेडिट के जनरल इलेक्टिव कोर्स हैं। इसमें सप्ताह में तीन लेक्चर और एक टयूटोरियल के ज़रिए पढ़ाया जायेगा। ट्यूटोरियल्स में पढ़ाई को मज़ेदार और प्रैक्टिकल बनाया जाएगा। एक खास कोर्स में छात्र कबीर सिंह जैसी फिल्मों में दिखाए गए हिंसक रिश्तों और टाइटैनिक जैसी फिल्मों में दिखाए गए हिंसक रिश्तों और टाइटैनिक जैसे रोमांटिक आदर्शों का विश्लेषण करेंगे। साथ ही डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया के प्रभाव को समझने के लिए ग्रुप डिबेट्स होंगे और स्टर्नबर्ग के लव स्केल जैसे टूल्स से छात्र अपने अनुभवों का आकलन करेंगे।





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Sonal Verma is a former Reporter at Newstrack.com.

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