TRENDING TAGS :
गुड न्यूज़! इंजीनियरिंग कॉलेजों में इस साल भी नहीं बढ़ेगी फीस, जारी किए गए निर्देश
No Fee Hike in Engineering Degree Diploma Courses2025: इंजीनियरिंग करने वाले स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी है। इंजीनियरिंग संस्थानों में इस साल भी फीस नहीं बढ़ेगी।
No Fee Hike in Engineering Degree, Diploma Courses 2025
No Fee Hike in Degree Diploma Courses 2025: उत्तर प्रदेश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है। यहां डिग्री व डिप्लोमा इंजीनियरिंग संस्थानों में इस साल भी फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। शासन की ओर से इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इससे बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग में नए प्रवेश लेने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। बता दें कि इस साल प्रवेश व फीस नियमन समिति की ओर से मानक शुल्क में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव रखा गया था लेकिन प्राविधिक शिक्षा विभाग ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। प्राविधिक शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव प्रभाकर चंद्र मिश्र की ओर से किसी भी तरह की फीस बढ़ोत्तरी न किए जाने का आदेश जारी किया है। इस निर्णय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को बड़ी राहत मिली है और अभिभावकों को ने भी राहत की सांस ली है।
प्राविधिक शिक्षा विभाग का निर्देश
इंजीनियरिंग संस्थानों में इस साल भी फीस न बढ़ाने को लेकर प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि, '2025-26 में निजी क्षेत्र की डिग्री, डिप्लोमा, सहायता प्राप्त डिप्लोमा इंजीनियरिंग संस्थानों में चल रहे पाठ्यक्रम में मानक शुल्क पूर्व की भांति ही रखने का निर्णय लिया गया है। जनहित में निजी क्षेत्र के डिग्री, डिप्लोमा, सहायता प्राप्त डिप्लोमा इंजीनियरिंग संस्थानों में चल रहे पाठ्यक्रमों के लिए पहले से चल रहे मानक शुल्क को बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि इसकी वजह से ग्रामीण और निर्धन पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र-छात्राएं प्रभावित होंगे।'
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने बताया कि, "पिछले चार साल से फीस नहीं बढ़ाई गई है। इस साल भी छात्रहित में फीस न बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।" बता दें कि डिग्री व डिप्लोमा इंजीनियरिंग संस्थानों में वर्तमान में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में यह फैसला प्रवेश लेने वाले नए छात्रों के लिए बड़ी राहत भरा होगा। इसके साथ ही सरकारी संस्थानों में पहले से ही शुल्क न बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।


