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Benefit Of Daily 30-Minute Walk: रोज 30 मिनट की वॉक से क्या होता है फायदा? नई रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
Benefit Of Daily 30-Minute Walk: ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी और उसके सहयोगी संस्थानों के शोधकर्ताओं ने अपनी स्टडी में पाया कि 10 हफ्ते तक मध्यम स्तर की एरोबिक एक्सरसाइज करने वाले चूहों के दिल को नियंत्रित करने वाले नर्व सेल्स में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए। यह रिसर्च Autonomic Neuroscience जर्नल में पब्लिश हुई थी।
Benefit Of Daily 30-Minute Walk
Benefit Of Daily 30-Minute Walk: क्या प्रतिदिन केवल सिर्फ 30 मिनट पैदल चलने से दिल को स्वस्थ रखने में सहायता मिल सकती है? इसका जवाब है- हां, नियमित रूप से रोजाना वॉक करना पाके दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है। लेकिन अब ब्रिटेन की ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी (University of Bristol) के नेतृत्व में हुई एक रिसर्च ने व्यायाम के एक और दिलचस्प पहलू को सामने रखा है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, नियमित रूप से एरोबिक एक्सरसाइज (Aerobic Exercise) न केवल दिल की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में सहायता करती है, बल्कि दिल की धड़कन को नियंत्रित करने वाले नर्वस सिस्टम (Nervous System) में भी संरचनात्मक परिवर्तन ला सकती है।
मात्र 10 हफ्तों की एक्सरसाइज से नसों में दिखा परिवर्तन
ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी और उसके सहयोगी संस्थानों के शोधकर्ताओं ने अपनी स्टडी में पाया कि 10 हफ्ते तक मध्यम स्तर की एरोबिक एक्सरसाइज करने वाले चूहों के दिल को नियंत्रित करने वाले नर्व सेल्स में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए। यह रिसर्च Autonomic Neuroscience जर्नल में पब्लिश हुई थी।
अध्ययन में पाया गया कि व्यायाम करने वाले चूहों में शरीर के दाईं ओर मौजूद स्टेलेट गैन्ग्लिया (Stellate Ganglia) में न्यूरॉन्स की संख्या बाईं तरफ की तुलना में लगभग चार गुना थी। वहीं, बाईं तरफ के न्यूरॉन्स का आकार लगभग दोगुना हो गया, जबकि दाईं ओर की कोशिकाओं का आकार थोड़ा घटा।
स्टेलेट गैन्ग्लिया नर्व सेल्स के छोटे समूह होते हैं, जो ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम का अहम भाग हैं। ये दिल की धड़कन और उसकी गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले संकेतों में भूमिका निभाते हैं।
हालांकि, यह समझना आवश्यक है कि यह अध्ययन चूहों पर किया गया था। अभी यह साबित नहीं हुआ है कि इंसानों में भी व्यायाम से ठीक इसी तरह के बदलाव होते हैं।
क्या रोज 30 मिनट चलने से दिल मजबूत होता है?
प्रतिदिन पैदल चलना एक बेहद सरल और प्रभावी शारीरिक गतिविधि है। तेज गति से चलने यानी ब्रिस्क वॉक (Brisk Walking) से हृदय गति बढ़ती है और शरीर की ऑक्सीजन प्रयोग करने की क्षमता बेहतर हो सकती है। नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी सहायता कर सकती है।
हालांकि, सिर्फ 30 मिनट की वॉक से हर व्यक्ति को समान लाभ नहीं मिलता। इसका असर उम्र, मौजूदा स्वास्थ्य, चलने की गति और नियमितता पर निर्भर करता है।
स्वस्थ वयस्कों के लिए सामान्य तौर पर हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि की सलाह दी जाती है। इस लक्ष्य को प्रतिदिन 30 मिनट की तेज वॉक करके पांच दिन में पूरा किया जा सकता है।
एरिथमिया और एंजाइना के इलाज में कैसे मिलेगी सहायता?
शोधकर्ताओं का मानना है कि दिल को नियंत्रित करने वाली नसों में होने वाले इन बदलावों को बेहतर तरीके से समझने पर भविष्य में कुछ हृदय रोगों के इलाज को ज्यादा सटीक बनाया जा सकता है।
इसमें एरिथमिया (Arrhythmia), यानी दिल की धड़कन का अनियमित होना, एंजाइना (Angina), यानी दिल तक पर्याप्त रक्त न पहुंचने के कारण सीने में दर्द, और तनाव से जुड़ी ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम (Broken Heart Syndrome) जैसी स्थितियां शामिल हैं।
रिसर्च से मिली जानकारी भविष्य में डॉक्टरों को यह समझने में सहायता कर सकती है कि कुछ मरीजों में दिल की नसों के किस हिस्से को लक्षित करने वाले इलाज ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए इंसानों पर अतिरिक्त अध्ययन जरूरी हैं।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
दिल की सेहत बनाए रखने के लिए प्रतिदिन वॉक करने के साथ संतुलित खान-पान, पर्याप्त नींद और धूम्रपान से दूरी भी महत्वपूर्ण है। लंबे वक़्त तक बैठे रहने से बचें और अपनी क्षमता के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि करें।
यदि आपको पहले से हृदय रोग है या चलते समय सीने में दर्द, चक्कर अथवा असामान्य सांस फूलने जैसी समस्या होती है, तो व्यायाम की दिनचर्या शुरू करने या बढ़ाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
Note: रोजाना 30 मिनट की तेज वॉक दिल की सेहत के लिए एक अच्छी आदत हो सकती है। नई रिसर्च यह संकेत देती है कि व्यायाम दिल को नियंत्रित करने वाले नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है, लेकिन चूहों पर मिले निष्कर्षों को इंसानों पर सीधे लागू करना अभी जल्दबाजी होगी।


