न दर्द, न कोई चेतावनी...बचपन की ये दुर्लभ बीमारी धीरे- धीरे ले जाती है मौत के करीब, लक्षण जान उड़ जाएंगे होश

CIP Disease Symptoms: CIP एक दुर्लभ जेनेटिक बीमारी है जिसमें इंसान को चोट, जलने या हड्डी टूटने पर भी दर्द महसूस नहीं होता, जिससे कई गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं।

Akriti Pandey
Published on: 9 March 2026 6:40 AM IST
CIP Disease Symptoms
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CIP Disease Symptoms

CIP Disease Symptoms: आमतौर पर जब किसी व्यक्ति को चोट लगती है, हड्डी टूटती है या शरीर में कोई बीमारी होती है तो दर्द का एहसास जरूर होता है। यही दर्द हमें यह संकेत देता है कि शरीर में कुछ गड़बड़ है और हमें इलाज की जरूरत है। लेकिन दुनिया में एक बेहद दुर्लभ बीमारी भी है जिसमें इंसान को दर्द बिल्कुल महसूस नहीं होता। चाहे उसे कितनी भी चोट लग जाए, हड्डी टूट जाए या वह जल जाए, फिर भी उसे दर्द का अहसास नहीं होता।

मेडिकल भाषा में इस बीमारी को कॉनजेनिटल इंसेंसिटिविटी टू पेन (Congenital Insensitivity to Pain – CIP) कहा जाता है। यह एक दुर्लभ आनुवंशिक (जेनेटिक) विकार है, जिसमें व्यक्ति को जन्म से ही दर्द महसूस करने की क्षमता नहीं होती।

क्यों खतरनाक है यह बीमारी

सुनने में भले ही ऐसा लगे कि बिना दर्द के जीवन आसान होगा, लेकिन वास्तव में यह बीमारी बेहद खतरनाक होती है। दर्द शरीर की एक चेतावनी प्रणाली की तरह काम करता है। जब दर्द ही महसूस नहीं होगा तो व्यक्ति को यह पता ही नहीं चलेगा कि शरीर में कोई चोट लगी है या कोई बीमारी बढ़ रही है।

इस वजह से कई बार मरीज को गंभीर चोट लगने या बीमारी बढ़ने का पता बहुत देर से चलता है। कई मामलों में अंदरूनी चोट या संक्रमण इतना बढ़ जाता है कि स्थिति गंभीर हो जाती है। दुनिया भर में यह बीमारी बेहद दुर्लभ मानी जाती है और अनुमान है कि करीब 10 करोड़ बच्चों में से किसी एक को यह समस्या होती है।

CIP क्यों होती है?

डॉक्टरों के अनुसार, CIP एक जेनेटिक बीमारी है जो जीन में बदलाव यानी म्यूटेशन के कारण होती है। खासतौर पर SCN9A जीन में बदलाव होने से यह समस्या पैदा होती है। इस जीन का काम शरीर में दर्द को पहचानकर दिमाग तक उसका संकेत पहुंचाना होता है। जब यह जीन ठीक से काम नहीं करता तो शरीर से दर्द का सिग्नल दिमाग तक नहीं पहुंच पाता। इसे ऑटोसोमल रिसेसिव जेनेटिक डिसऑर्डर भी माना जाता है, यानी यह बीमारी तब होती है जब माता और पिता दोनों के जीन में गड़बड़ी मौजूद हो।

जानें लक्षण और पहचान

इस बीमारी के लक्षण जन्म के तुरंत बाद स्पष्ट नहीं होते, लेकिन जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, संकेत दिखने लगते हैं। उदाहरण के तौर पर बच्चे को चोट लगने पर दर्द महसूस नहीं होता, वह अनजाने में जीभ या होंठ काट लेता है और चोट लगने पर भी प्रतिक्रिया नहीं देता।

क्या इसका इलाज संभव है?

फिलहाल मेडिकल साइंस में इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है। न ही इसके लिए कोई दवा या वैक्सीन मौजूद है। डॉक्टर आमतौर पर मरीज और परिवार को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। कई मामलों में इस बीमारी से पीड़ित लोग गंभीर चोट या बीमारी के कारण कम उम्र में ही जान गंवा देते हैं।

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Akriti Pandey

Former Content Writer Mail ID - akritipandey7897@gmail.comakritipandey7897@gmail.com

Akriti Pandey is a journalist with more than three years of experience in the media industry. She holds a degree in Mass Communication and Journalism and specializes in writing on education, lifestyle, health, and astrology-related topics. Known for her reader-focused approach and engaging storytelling, Akriti is passionate about creating informative and accessible content. In her free time, she enjoys writing, sports, and traveling.

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