कोरोना के नए वेरिएंट 'Cicada BA.3.2' ने बढ़ाई दुनिया की धड़कन, वैक्सीन भी इसके आगे फेल! जानें कितना खतरनाक

Covid BA.3.2 Variant: कोरोना का नया BA.3.2 ‘सिकाडा’ वेरिएंट तेजी से फैल रहा है, WHO और CDC ने अलर्ट जारी किया, जानिए इसके लक्षण और खतरा।

Akriti Pandey
Published on: 31 March 2026 6:40 AM IST
Covid BA.3.2 Variant
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Covid BA.3.2 Variant

Covid BA.3.2 Variant: कोरोनावायरस ने साल 2020-21 में पूरी दुनिया को जिस तरह प्रभावित किया, वह किसी से छिपा नहीं है। कुछ ही महीनों में इस संक्रमण ने लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया और भारी जनहानि हुई। हालांकि वैज्ञानिकों ने तेजी से वैक्सीन विकसित कर स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया। पिछले एक साल में हालात सामान्य होते दिखे और लोगों ने भी राहत की सांस ली। लेकिन अब एक बार फिर कोविड-19 का नया वेरिएंट चिंता बढ़ा रहा है।

नया वेरिएंट ‘सिकाडा’ क्या है?

कोरोनावायरस का नया सब-वेरिएंट BA.3.2, जिसे ‘सिकाडा’ नाम दिया गया है, अब कई देशों में फैलता नजर आ रहा है। Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, इसके मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। वहीं World Health Organization (WHO) ने भी इसे ‘वैरिएंट ऑफ मॉनिटरिंग’ की सूची में शामिल किया है। अब तक यह करीब 20 से अधिक देशों में पाया जा चुका है।

क्यों बढ़ रही है चिंता?

विशेषज्ञों के मुताबिक, वायरस लगातार खुद को बदलता रहता है, जिसे म्यूटेशन कहा जाता है। BA.3.2 वेरिएंट भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ जगहों पर कोरोना के कुल मामलों में से 30% तक के लिए यही वेरिएंट जिम्मेदार हो सकता है। इसकी खास बात यह है कि यह लंबे समय तक बिना ज्यादा ध्यान में आए फैलता रहा और अब तेजी से सामने आ रहा है।

लक्षण क्या हैं?

इस नए वेरिएंट के लक्षण पहले के कोविड वेरिएंट्स जैसे ही बताए जा रहे हैं। इनमें खांसी, बुखार, ठंड लगना, गले में खराश, नाक बंद होना, सांस लेने में तकलीफ, स्वाद और गंध का चले जाना, थकान, सिरदर्द और पेट से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। यानी लक्षणों के आधार पर इसे पहचानना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

क्या वैक्सीन पर असर पड़ेगा?

शुरुआती अध्ययनों से संकेत मिले हैं कि यह वेरिएंट एंटीबॉडी से बच निकलने की क्षमता रख सकता है। इसका मतलब यह हो सकता है कि पहले संक्रमण या वैक्सीन से मिली इम्युनिटी पर इसका असर कम हो। हालांकि इस पर अभी शोध जारी है और वैज्ञानिक लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं।

सतर्क रहना जरूरी

स्वास्थ्य एजेंसियां लोगों को घबराने की बजाय सतर्क रहने की सलाह दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही लक्षण सामान्य हों, लेकिन संक्रमण के फैलाव को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है। समय रहते सतर्कता ही इस संभावित खतरे से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है।

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Akriti Pandey is a Education & job Desk Content Writer at Newstrack.com.

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