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Long Covid: कोरोना से बच्चों पर मंडरा रहा है लॉन्ग कोविड का खतरा, बड़े अध्ययन में हुआ खुलासा
Long Covid Risk in Kids: बच्चों में COVID-19 का दोबारा संक्रमण लॉन्ग COVID का खतरा दोगुना कर देता है, शोध में खुलासा।
Long Covid
Long Covid: द लेंसेट इन्फेक्शियस डिजीज पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में अमेरिका के 40 बच्चों के अस्पतालों से 4 लाख 60 हजार से अधिक बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड की जांच की गई। इस शोध में पाया गया कि बच्चों में कोविड-19 का दोबारा संक्रमण होने पर लॉन्ग कोविड होने का खतरा दोगुना से भी ज्यादा हो जाता है।
पहली और दूसरी बार संक्रमण के बाद लॉन्ग कोविड की संख्या
जब बच्चे पहली बार कोविड-19 से संक्रमित होते हैं, तो हर लाख में लगभग 904 बच्चों को छह महीने के अंदर लॉन्ग कोविड की समस्या होती है। वहीं दोबारा संक्रमण के बाद यह संख्या बढ़कर प्रति दस लाख बच्चों में लगभग 1,884 हो जाती है।
लॉन्ग कोविड क्या है?
लॉन्ग कोविड एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चे संक्रमण के बाद लंबे समय तक बीमार रहते हैं या उनके शरीर में कई तरह की जटिलताएं बनी रहती हैं। शोध में यह भी सामने आया कि दोबारा संक्रमण के बाद बच्चों को मायोकार्डिटिस (दिल की सूजन), खून के थक्के, गुर्दे की समस्याएं, सोचने-समझने में कठिनाई, थकान और सांस लेने में दिक्कत जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ये समस्याएं दुर्लभ जरूर हैं, लेकिन गंभीर हो सकती हैं।
शोधकर्ताओं का क्या कहना है?
पेंसिल्वेनिया, आयोवा और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने कहा कि कोविड-19 सिर्फ एक सामान्य जुकाम या सर्दी नहीं है। यह बीमारी बच्चों के कई अंगों को प्रभावित करती है और लंबे समय तक उनकी सेहत पर प्रभाव डाल सकती है। इसलिए बच्चों को कोविड-19 से बचाने के लिए वैक्सीनेशन को बढ़ावा देना आवश्यक है। साथ ही इस बीमारी को बेहतर समझने और इलाज खोजने के लिए और रिसर्च की जरूरत है।
अध्ययन की अवधि और ओमिक्रॉन का प्रभाव
यह अध्ययन जनवरी 2022 से अक्टूबर 2023 के बीच किया गया, जब कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट तेजी से फैल रहा था। इस वजह से बच्चों में दोबारा संक्रमण के मामले भी बढ़े। शोधकर्ताओं ने पहले और दूसरे संक्रमण के बाद बच्चों की सेहत का तुलनात्मक विश्लेषण किया।
टीकाकरण और सुरक्षा उपायों की अहमियत
शोध टीम ने जोर दिया कि टीके और अन्य सुरक्षा उपाय पूरी तरह कोविड को रोक नहीं सकते, लेकिन ये बच्चों में संक्रमण और दोबारा संक्रमण की संभावना को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका हैं। इससे न केवल कोविड से बचाव होता है, बल्कि लॉन्ग कोविड जैसी लंबी और गंभीर समस्याओं का खतरा भी कम होता है।
IANS इनपुट के साथ


