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Dengue Vaccine QDENGA: भारत में QDENGA को मंजूरी, 2027 में मिलेगी डेंगू वैक्सीन
Dengue Vaccine QDENGA; भारत में Takeda की QDENGA को मंजूरी मिल गई है। जानें किस उम्र के लोगों को लगेगी वैक्सीन, कितनी खुराक होंगी और 2027 में कब उपलब्ध होगी।
Dengue Vaccine QDENGA: Dengue Vaccine QDENGA Approved in India, Set for 2027 Launch
Dengue Vaccine QDENGA:भारत में हर साल बड़ी समस्या के तौर पर लोगों को डेंगू का सामना करना पड़ता है। मादा एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर के काटने से मुख्य रूप से फैलने वाली यह बीमारी जरा सी इलाज की देरी में जानलेवा भी साबित होती है। खासकर मानसून के दौरान मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के साथ डेंगू के मामले तेजी से बढ़ते हैं। ऐसे में इस बीमारी से बचाव को लेकर एक बड़ी उम्मीद जगी है। जापानी कंपनी टाकेडा की QDENGA (क्यूडेंगा) भारत में डेंगू से बचाव के लिए मंजूरी पाने वाली पहली वैक्सीन बन गई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने 21 जुलाई 2026 को इसे 4 से 60 साल की उम्र के लोगों के लिए मंजूरी दी। कंपनी की योजना इसे 2027 की पहली छमाही में भारत के निजी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कराने की है।
भारत में पहली बार डेंगू से बचाव का वैक्सीन विकल्प
QDENGA को TAK-003 के नाम से भी जाना जाता है। यह एक लाइव-अटेनुएटेड टेट्रावैलेंट वैक्सीन है। आसान भाषा में समझें तो इसमें डेंगू वायरस के कमजोर किए गए रूपों का इस्तेमाल किया गया है, ताकि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली वायरस के खिलाफ सुरक्षा विकसित कर सके। यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों प्रमुख सीरोटाइप यानी DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4 को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। भारत में इसकी मंजूरी को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अब तक डेंगू से बचाव के लिए देश में कोई स्वीकृत वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी। CDSCO के मुताबिक क्यूडेंगा की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया गया है।
पुरानी डेंगू वैक्सीन से कैसे अलग है QDENGA?
QDENGA की एक खास बात यह है कि इसे लगाने से पहले यह पता लगाने के लिए कि व्यक्ति को पहले डेंगू हुआ है या नहीं, प्री-वैक्सीनेशन ब्लड टेस्ट की जरूरत नहीं होती। यह इसे पहले इस्तेमाल की गई डेंगू वैक्सीन Dengvaxia से अलग बनाता है। QDENGA का इस्तेमाल व्यक्ति के पहले डेंगू संक्रमण की जानकारी के बिना भी किया जा सकता है। जबकि यह वैक्सीन किसे दी जानी है, इसका अंतिम फैसला डॉक्टर और भारत में लागू आधिकारिक दिशानिर्देशों के आधार पर होना चाहिए।
4 से 60 साल तक के लोगों के लिए मंजूरी
भारत में QDENGA को 4 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों में डेंगू की रोकथाम के लिए मंजूरी मिली है। लेकिन साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना है कि किस व्यक्ति को वैक्सीन की जरूरत है और उसके लिए इसका लाभ कितना होगा, यह डॉक्टर जोखिम और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए तय कर सकते हैं। WHO फिलहाल उच्च डेंगू संक्रमण वाले क्षेत्रों में 6 से 16 वर्ष के बच्चों में QDENGA के इस्तेमाल पर जोर देता है।
दो खुराक लगेंगी, तीन महीने का अंतर जरूरी
क्यूडेंगा की वैक्सीनेशन प्रक्रिया दो खुराकों वाली है। पहली खुराक के बाद दूसरी खुराक तीन महीने के अंतर पर दी जाती है। वैक्सीन को त्वचा के नीचे यानी सबक्यूटेनियस इंजेक्शन के रूप में लगाया जाता है।
क्लीनिकल ट्रायल में वैक्सीन ने कन्फर्म्ड डेंगू के खिलाफ करीब 80.2 प्रतिशत प्रभावकारिता और डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने के मामलों के खिलाफ करीब 90.4 प्रतिशत प्रभावकारिता दिखाई थी। साथ ही इस बात को भी नहीं भूलना चाहिए कि कोई भी वैक्सीन डेंगू से 100 प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं देती। इसलिए बचाव ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वालों के लिए खास सावधानी
QDENGA एक लाइव-अटेनुएटेड वैक्सीन है, इसलिए कुछ लोगों के लिए यह उपयुक्त नहीं है। WHO के अनुसार गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को यह वैक्सीन नहीं दी जानी चाहिए। कीमोथेरेपी या हाई-डोज सिस्टमेटिक कॉर्टिकोस्टेरॉइड जैसी इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं लेने वाले लोगों में भी इसे नहीं देने की सलाह है। इसलिए डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य बीमारी वाले व्यक्ति भी बिना डॉक्टर की सलाह के वैक्सीन लेने का फैसला न करें।
2027 में भारत में मिलेगी, कीमत अभी तय नहीं
भारत में QDENGA को मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन आम लोगों के लिए इसकी बिक्री तत्काल शुरू नहीं हुई है। टाकेडा ने इसे 2027 की पहली छमाही में निजी स्वास्थ्य सेवा केंद्रों के जरिए लॉन्च करने की योजना बताई है।
भारत में इसकी कीमत अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है। कंपनी ने भारतीय वैक्सीन निर्माता Biological E के साथ साझेदारी की है और भारत में हर साल करीब 5 करोड़ खुराक तक उत्पादन क्षमता विकसित करने की योजना है। बड़े पैमाने पर स्थानीय उत्पादन होने से भविष्य में इसकी कीमत को अपेक्षाकृत किफायती रखने में मदद मिल सकती है।
42 से ज्यादा देशों में इस्तेमाल
QDENGA को भारत से पहले यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, ब्राजील, इंडोनेशिया और अर्जेंटीना समेत 42 से अधिक देशों में मंजूरी मिल चुकी है। WHO ने भी इसे प्रीक्वालिफाई किया है। वहीं वैक्सीन आने के बाद भी मच्छरों की रोकथाम जरूरी रहेगी। WHO स्पष्ट करता है कि टीकाकरण डेंगू नियंत्रण की पूरी रणनीति का विकल्प नहीं है। घरों के आसपास पानी जमा न होने देना, मच्छर से बचाव करना और संक्रमण के लक्षण दिखने पर समय पर इलाज कराना अब भी बेहद जरूरी रहेगा।


