Dhoodh Wali Chai Se Acidity: दूध वाली चाय पीने के बाद क्यों होती है एसिडिटी? जानें वजह और गैस न बनने के उपाय

Dhoodh Wali Chai Se Acidity: दूध वाली चाय आखिर क्यों कुछ लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

Priya Singh Bisen
Published on: 11 Jun 2026 1:52 PM IST (Updated on: 11 Jun 2026 1:52 PM IST)
Dhoodh Wali Chai Se Acidity
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Dhoodh Wali Chai Se Acidity

Dhoodh Wali Chai Se Acidity: भारत में सुबह उठते ही दिन की शुरुआत हमेशा एक कप गर्म चाय से होती है। लेकिन कई लोगों के लिए यही चाय गैस, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी समस्याओं का कारण बन जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पाचन से जुड़ी तमाम परेशानियां देश में तेजी से बढ़ रही हैं और लाखों लोग नियमित रूप से गैस और एसिडिटी से जूझ रहे हैं। ऐसे में यह समझना बहुत आवश्यक है कि दूध वाली चाय आखिर क्यों कुछ लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि एसिडिटी तब होती है जब पेट की ग्रंथियां भोजन को पचाने के लिए जरूरत से ज्यादा हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनाने लगती हैं। यह अतिरिक्त एसिड पेट और भोजन नली की परत को प्रभावित करता है, जिससे सीने में जलन, खट्टी डकार और गैस जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।

दूध वाली चाय और लैक्टोज इंटॉलरेंस का संबंध

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विशेषज्ञों के मुताबिक, कई लोगों को दूध पचाने में कठिनाई होती है। इसका मुख्य कारण लैक्टोज इंटॉलरेंस (Lactose Intolerance) हो सकता है। शरीर में मौजूद लैक्टेज एंजाइम दूध में पाए जाने वाले लैक्टोज को पचाने में सहायता करता है। जब इस एंजाइम की कमी होती है तो दूध ठीक से पच नहीं पाता और गैस, पेट फूलना, एसिडिटी तथा कभी-कभी दस्त जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

अगर चाय पीने के बाद बार-बार पेट खराब होने या गैस बनने की शिकायत रहती है तो इसकी जांच कराना फायदेमंद हो सकता है।

खाली पेट चाय पीना बन सकता है परेशानी का बड़ा कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह खाली पेट चाय पीना भी एसिडिटी का बड़ा कारण बन सकता है। चाय में मौजूद कैफीन पेट में एसिड के उत्पादन को बढ़ा सकती है। इससे एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन और गैस की समस्या बढ़ने लगती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चाय पीने से पहले हल्का नाश्ता या कोई हेल्दी स्नैक जरूर लेना चाहिए। इससे पेट पर चाय का नकारात्मक प्रभाव कम होता है।

चाय पीने का वक़्त और मात्रा भी है महत्वपूर्ण

सिर्फ चाय पीना ही नहीं, बल्कि उसका वक़्त और मात्रा भी स्वास्थ्य पर प्रभाव डालती है। पूरे दिन में बार-बार चाय पीने से पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। सुबह अत्यधिक चाय पीना या देर शाम बार-बार चाय का सेवन करना भी एसिडिटी को बढ़ावा दे सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, सीमित मात्रा में चाय पीना और सही वक़्त का ध्यान रखना जरूरी है। साथ ही खाली पेट चाय पीने की आदत से बचना चाहिए।

खराब दिनचर्या भी बढ़ा रही है समस्या

विशेषज्ञ बताते हैं कि एसिडिटी की सबसे बड़ा कारण सिर्फ चाय नहीं, बल्कि बिगड़ती जीवनशैली भी है। शारीरिक गतिविधियों की कमी, लंबे वक़्त तक बैठे रहना, तला-भुना भोजन, फास्ट फूड और मैदे से बनी चीजों का ज्यादा सेवन पाचन तंत्र को कमजोर बना देता है।

स्वस्थ पाचन के लिए रोज कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीना बहुत आवश्यक है। सही खानपान और बेहतर जीवनशैली अपनाकर गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

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Priya Singh Bisen

Priya Singh Bisen is a Content Writer at Newstrack.com.

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