आपकी Diet में Fiber क्यों जरूरी है? जानें शरीर को मिलने वाले फायदे, किन चीजों से मिलता है और कैसे बढ़ाएं सेवन

Fiber Benefits: डाइट में पर्याप्त फाइबर शामिल करने से पाचन तंत्र बेहतर रखने, कब्ज से राहत, पेट को लंबे समय तक भरा रखने और ब्लड शुगर व कोलेस्ट्रॉल मैनेज करने में मदद मिलती है। जानें फाइबर के स्रोत और सेवन का सही तरीका।

Priya Singh Bisen
Published on: 14 Aug 2026 2:57 PM IST (Updated on: 14 Aug 2026 2:57 PM IST)
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Fiber Benefits: आजकल बदलती लाइफस्टाइल (Lifestyle) और गलत खानपान की वजह से कई लोगों की डाइट (Diet) में फाइबर (Fiber) की मात्रा जरूरत से कम रह सकती है। शरीर को स्वस्थ तरीके से काम करने के लिए कई तरह के पोषक तत्वों (Nutrients) की जरूरत होती है और फाइबर भी इन्हीं में से एक है। डाइट में फाइबर की कमी होने पर कब्ज (Constipation), पेट फूलना (Bloating) और पाचन से जुड़ी दूसरी परेशानियां हो सकती हैं।

फाइबर पौधों से मिलने वाला एक तरह का कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) है, जिसे हमारा शरीर पूरी तरह पचा नहीं पाता। यह पाचन तंत्र (Digestive System) से गुजरते हुए आंतों तक पहुंचता है और शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। रोज की डाइट में सही मात्रा में फाइबर लेना ओवरऑल हेल्थ (Overall Health) के लिए जरूरी माना जाता है। हालांकि, हर व्यक्ति की फाइबर की जरूरत अलग हो सकती है।

उम्र और लिंग के हिसाब से कितने फाइबर की जरूरत

एक्सपर्ट के मुताबिक, 50 साल या उससे कम उम्र की महिलाओं को रोज करीब 25 ग्राम और पुरुषों को करीब 38 ग्राम फाइबर लेना चाहिए। वहीं, 50 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं के लिए करीब 21 ग्राम और पुरुषों के लिए करीब 30 ग्राम फाइबर की जरूरत बताई गई है।

हालांकि, फाइबर की जरूरत व्यक्ति की उम्र, खानपान और अन्य परिस्थितियों के आधार पर अलग हो सकती है। इसलिए डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाते समय इसे धीरे-धीरे बढ़ाना और पर्याप्त पानी (Water) पीना जरूरी है।

फाइबर लेने से पाचन तंत्र को मिलता है फायदा

फाइबर पाचन तंत्र (Digestive Health) को बेहतर रखने में मदद कर सकता है। चूंकि शरीर फाइबर को पूरी तरह पचा नहीं पाता, इसलिए यह आंतों तक पहुंचकर मल को नरम और भारी बनाने में मदद करता है। इससे मल आसानी से बाहर निकल सकता है और कब्ज की समस्या से राहत मिल सकती है।

डाइट में पर्याप्त फाइबर होने से आंतों का काम भी बेहतर तरीके से चलने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि रोजाना खाने में फाइबर वाली चीजों को शामिल करना पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है।

पेट ज्यादा देर तक भरा रखने में मदद

फाइबर का एक फायदा यह भी है कि यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। इससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है और वजन मैनेजमेंट (Weight Management) में मदद मिल सकती है।

जो लोग अपनी डाइट को संतुलित रखना चाहते हैं, उनके लिए फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और अन्य फाइबर युक्त चीजों को खाने में शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल के लिए भी फायदेमंद

कुछ तरह का फाइबर पानी में घुलकर जेल जैसा बन जाता है। इससे पाचन की प्रक्रिया धीमी हो सकती है और ब्लड शुगर (Blood Sugar) बढ़ने की रफ्तार कम करने में मदद मिल सकती है। इसी तरह कुछ घुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को कम करने में भी मदद कर सकते हैं।

इस तरह सही मात्रा में फाइबर लेना पाचन के साथ-साथ ब्लड शुगर और हार्ट हेल्थ (Heart Health) के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।

किन चीजों से मिलता है फाइबर

फाइबर मुख्य रूप से पौधों से मिलने वाली चीजों में पाया जाता है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज (Whole Grains), दालें, बीन्स, मटर, नट्स (Nuts) और सीड्स (Seeds) फाइबर के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।

सेब और नाशपाती को छिलके के साथ खाने से भी फाइबर मिलता है। इसके अलावा रास्पबेरी, मटर और दाल को भी डाइट में शामिल किया जा सकता है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, एक मध्यम नाशपाती में करीब 5.5 ग्राम, एक मध्यम सेब में करीब 4.4 ग्राम और एक कप रास्पबेरी में करीब 8 ग्राम फाइबर हो सकता है। वहीं, एक कप पकी हुई दाल में करीब 15.6 ग्राम फाइबर मिल सकता है।

साबुत अनाज खरीदते समय पैकेट पर दी गई न्यूट्रिशन जानकारी (Nutrition Information) में फाइबर की मात्रा जरूर देखनी चाहिए।

फाइबर बढ़ाते समय इन बातों का रखें ध्यान

डाइट में फाइबर की मात्रा अचानक बढ़ाने से गैस (Gas), पेट फूलना और पेट में ऐंठन (Stomach Cramps) जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए फाइबर वाली चीजों को अपनी डाइट में धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए।

फाइबर का सेवन बढ़ाने के साथ पर्याप्त पानी पीना भी बेहद जरूरी है। पानी पाचन तंत्र में फाइबर को सही तरह से काम करने में मदद करता है। रोजाना फलों और सब्जियों को डाइट में शामिल किया जा सकता है और जहां संभव हो, फलों को छिलके के साथ खाना फायदेमंद हो सकता है।

साबुत अनाज, दाल और बीन्स को भी रोज के खाने का हिस्सा बनाया जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति को आंतों से जुड़ी कोई बीमारी (Intestinal Disease) है या डॉक्टर ने कम फाइबर लेने की सलाह दी है, तो डाइट में बदलाव खुद से करने के बजाय डॉक्टर या डाइटिशियन (Dietitian) की सलाह से ही करना चाहिए।

कुल मिलाकर, संतुलित मात्रा में फाइबर का सेवन पाचन तंत्र को बेहतर रखने, कब्ज से राहत पाने, पेट को लंबे समय तक भरा रखने और ब्लड शुगर व कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने में मदद कर सकता है। इसलिए रोज की डाइट में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को उचित मात्रा में शामिल करना ओवरऑल हेल्थ के लिए उपयोगी हो सकता है।

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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