TRENDING TAGS :
Fitness Tips: फिट रहने के लिए महंगे सप्लीमेंट जरूरी नहीं, प्रोटीन और ताकत की कसरत के साथ पूरी खुराक है असली आधार
Fitness Tips: फिट रहने के लिए हर व्यक्ति को महंगे प्रोटीन सप्लीमेंट की जरूरत नहीं। संतुलित भोजन, पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर और सप्ताह में कम से कम दो दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग फिटनेस की अहम बुनियाद हैं।
Fitness Tips (Image Credit-Social Media)
Fitness Tips: हर व्यक्ति को 1 से 1.5 ग्राम प्रति किलो प्रोटीन की जरूरत नहीं; सामान्य वयस्क, खिलाड़ी, बुजुर्ग और बीमारी वाले व्यक्ति की आवश्यकता अलग-अलग; WHO सप्ताह में कम से कम दो दिन मांसपेशियों की कसरत की देता है सलाह, फल-सब्जी और साबुत भोजन से फाइबर पर जोर
लखनऊ। फिटनेस बाजार में प्रोटीन पाउडर, बार, बिस्कुट, प्री-वर्कआउट मिश्रण और महंगे जिम उपकरणों की बढ़ती संख्या यह धारणा पैदा कर सकती है कि स्वस्थ और मजबूत शरीर के लिए इन उत्पादों की जरूरत है। जबकि सामान्य व्यक्ति के लिए फिटनेस का आधार अब भी अपेक्षाकृत साधारण है—पर्याप्त और संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, मांसपेशियों को मजबूत करने वाली कसरत, पर्याप्त नींद और लंबे समय तक निरंतरता। प्रशिक्षक राज गणपत ने प्रोटीन, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और फाइबर को फिटनेस की तीन बुनियादी चीजें बताया है। यह एक उपयोगी व्यावहारिक ढांचा है, लेकिन ‘इनसे 90 प्रतिशत फिटनेस लाभ मिल जाएंगे’ कोई स्थापित चिकित्सकीय प्रतिशत नहीं है।
हर भोजन में प्रोटीन अच्छा नियम, लेकिन 1-1.5 ग्राम प्रति किलो सबके लिए अनिवार्य नहीं
प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और निर्माण, शरीर के अनेक ऊतकों और एंजाइम-हार्मोन के निर्माण में महत्वपूर्ण है। इसे दिन के भोजन में बांटकर लेना व्यावहारिक हो सकता है। दाल, चना, राजमा, सोया, दूध-दही, पनीर, अंडे, मछली और मांस जैसे सामान्य खाद्य पदार्थों से बहुत से लोग अपनी जरूरत पूरी कर सकते हैं।
लेकिन रोज 1 से 1.5 ग्राम प्रति किलो शरीर वजन को हर व्यक्ति की अनिवार्य आवश्यकता कहना सही नहीं होगा। वास्तविक जरूरत उम्र, शारीरिक गतिविधि, प्रशिक्षण, कुल ऊर्जा सेवन, स्वास्थ्य और लक्ष्य पर निर्भर करती है। नियमित शक्ति प्रशिक्षण करने वाले व्यक्ति को सामान्य निष्क्रिय वयस्क की तुलना में अधिक प्रोटीन उपयोगी हो सकता है। किडनी या कुछ दूसरी बीमारियों में उच्च प्रोटीन सेवन चिकित्सकीय सलाह के बिना नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
इसलिए 70 किलो के प्रत्येक व्यक्ति को केवल गणना के आधार पर 70 से 105 ग्राम प्रोटीन खाना ही चाहिए—ऐसा सार्वभौमिक नियम नहीं है। महंगा प्रोटीन पाउडर भी तभी उपयोगी सुविधा है जब भोजन से जरूरत पूरी करना कठिन हो; वह अपने आप सामान्य भोजन से बेहतर प्रोटीन नहीं बन जाता।
ताकत के लिए जिम जरूरी नहीं
शक्ति प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत मांसपेशियों को नियमित रूप से ऐसा काम देना है जो उनकी सामान्य आदत से थोड़ा कठिन हो और क्षमता बढ़ने के साथ धीरे-धीरे चुनौती भी बढ़े। इसके लिए महंगी मशीनें जरूरी नहीं। शरीर के वजन से स्क्वाट, पुश-अप के अनुकूल रूप, हिप-हिंज, पुल या रो जैसी गतिविधियां, प्रतिरोध बैंड और उपलब्ध वजन का सुरक्षित इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
WHO वयस्कों को सप्ताह में 150 से 300 मिनट मध्यम तीव्रता की एरोबिक गतिविधि या 75 से 150 मिनट तेज गतिविधि तथा सभी प्रमुख मांसपेशी समूहों की शक्ति बढ़ाने वाली गतिविधि कम से कम दो दिन करने की सलाह देता है।
इसलिए सप्ताह में दो-तीन दिन शक्ति प्रशिक्षण की सलाह व्यापक स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों से मेल खाती है। लेकिन स्क्वाट, हिंज, पुश, पुल और वजन लेकर चलना एक उपयोगी प्रशिक्षण ढांचा है, कोई अनिवार्य चिकित्सकीय सूची नहीं। व्यक्ति की उम्र, चोट, गतिशीलता और स्वास्थ्य के अनुसार व्यायाम बदला जा सकता है।
फाइबर के लिए ‘फाइबर उत्पाद’ से पहले थाली देखें
फाइबर पाचन तंत्र, मल त्याग और तृप्ति में महत्वपूर्ण है। साबुत अनाज, दालें, बीन्स, फल, सब्जियां, मेवे और बीज इसके प्राकृतिक स्रोत हैं। WHO स्वस्थ भोजन में फल, सब्जियां, दालें, मेवे और साबुत अनाज को प्राथमिकता देता है तथा अत्यधिक प्रसंस्कृत, अधिक नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा वाले भोजन को सीमित रखने की सलाह देता है।
यानी फिटनेस के नाम पर ‘हाई-प्रोटीन’ लिखा बिस्कुट और ‘फाइबर बार’ खरीदना आवश्यक नहीं। कभी-कभी ऐसे उत्पाद सुविधा दे सकते हैं, लेकिन पैकेट पर फिटनेस संबंधी दावा होने से वह अपने आप संतुलित भोजन नहीं बन जाता।
फिटनेस की चौथी बुनियाद जिसे अक्सर विज्ञापन में जगह नहीं मिलती—निरंतरता
किसी सप्लीमेंट, मशीन या विशेष कसरत से कुछ दिनों में स्थायी फिटनेस नहीं बनती। मांसपेशी और हृदय-फेफड़े की क्षमता शरीर द्वारा नियमित प्रशिक्षण के अनुकूल होने से धीरे-धीरे विकसित होती है। इसी कारण WHO की सलाह भी किसी खास उपकरण या उत्पाद के बजाय पूरे सप्ताह की गतिविधि और नियमित मांसपेशी प्रशिक्षण पर आधारित है।
फिटनेस का सार किसी महंगे डिब्बे या मशीन में नहीं है। पर्याप्त प्रोटीन भोजन में नियमित रूप से शामिल करना, फल-सब्जियों और साबुत खाद्य पदार्थों से फाइबर लेना, सप्ताह में कम से कम दो दिन मांसपेशियों को चुनौती देना और इसे महीनों-वर्षों तक जारी रखना अधिकांश लोगों के लिए कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। सप्लीमेंट जरूरत पड़ने पर सुविधा हो सकता है, लेकिन वह खराब भोजन, कम नींद और अनियमित व्यायाम की भरपाई नहीं कर सकता।


