Instagram-Facebook Kids Rules: पर बच्चों के लिए नई पाबंदियां, रोज सिर्फ 2 घंटे चलेगा सोशल मीडिया

Instagram-Facebook Kids Rules: अमेरिका में Meta के समझौते के तहत नाबालिगों के लिए 2 घंटे की डेली लिमिट, रात में ब्लॉक और स्कूल टाइम नोटिफिकेशन म्यूट होंगे।

Jyotsana Singh
Published on: 27 Aug 2026 10:00 AM IST
Instagram-Facebook Kids Rules: 2-Hour Limit, Night Block and New Safety Changes
X

Instagram-Facebook Kids Rules: 2-Hour Limit, Night Block and New Safety Changes

Instagram-Facebook Kids Rules:सोशल मीडिया पर घंटों स्क्रॉल करने की आदत अब बच्चों के लिए आसानी से जारी नहीं रह पाएगी। अमेरिका में फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने बच्चों और किशोरों की सुरक्षा से जुड़े मुकदमों को खत्म करने के लिए बड़ा समझौता किया है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल की डिफॉल्ट समय सीमा तय होगी। रात में ऐप बंद रहेगा, स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन म्यूट होंगे और लगातार स्क्रॉलिंग रोकने के लिए बार-बार ब्रेक रिमाइंडर दिए जाएंगे। हालांकि, ये बदलाव फिलहाल अमेरिका के संबंधित राज्यों और क्षेत्रों में लागू होंगे और इनके लिए न्यायिक मंजूरी भी जरूरी है।

29 राज्यों के आरोपों के बाद हुआ समझौता

मेटा के खिलाफ अमेरिका के राज्यों और अन्य क्षेत्रों ने आरोप लगाया था कि फेसबुक और इंस्टाग्राम को इस तरह डिजाइन किया गया कि बच्चे और किशोर इनका ज्यादा इस्तेमाल करें और इनकी लत विकसित हो। कंपनी पर बच्चों के डेटा और उनकी ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठे थे। मेटा ने इन आरोपों से इनकार किया है और समझौते में किसी गलती या कानूनी जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं किया है।

इस समझौते की कुल कीमत 17.1 अरब डॉलर तक बताई गई है। रकम का भुगतान कई वर्षों में किया जाएगा। इसके साथ मेटा को फेसबुक और इंस्टाग्राम में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कई बदलाव करने होंगे। समझौते पर अदालत की मंजूरी अभी जरूरी है।

फेसबुक और इंस्टाग्राम पर रोज सिर्फ 2 घंटे

सबसे बड़ा बदलाव सोशल मीडिया की डेली टाइम लिमिट को लेकर है। 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम पर संयुक्त रूप से दो घंटे की डिफॉल्ट दैनिक सीमा तय की जाएगी। यानी अगर कोई किशोर एक घंटे इंस्टाग्राम और एक घंटे फेसबुक चलाता है तो उसकी दो घंटे की सीमा पूरी मानी जाएगी।

यह सीमा सिर्फ एक ऐप के लिए नहीं होगी। दोनों प्लेटफॉर्म पर बिताया गया समय जोड़कर देखा जाएगा। तय सीमा को हटाने के लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी।

एक खास स्थिति में यह सीमा और सख्त हो सकती है। अगर दूसरी बड़ी सोशल मीडिया कंपनियां भी इसी तरह के समझौते में शामिल होती हैं तो कुछ शर्तों के तहत दैनिक सीमा घटकर 60 मिनट तक जा सकती है।

रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऐप रहेगा बंद

किशोरों की देर रात सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की आदत पर भी रोक लगाने की तैयारी है। नए नियमों के तहत रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट मोड ब्लॉक रहेगा। इस दौरान न तो फेसबुक और इंस्टाग्राम की फीड देखी जा सकेगी और न ही पोस्ट या अन्य कंटेंट एक्सेस किया जा सकेगा।

इसका उद्देश्य बच्चों की नींद और रात के समय लगातार सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर बढ़ती चिंताओं को कम करना है।

स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन होंगे म्यूट

स्कूल के दौरान फोन पर बार-बार आने वाले सोशल मीडिया अलर्ट भी बच्चों का ध्यान भटका सकेंगे। इसलिए सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन डिफॉल्ट रूप से म्यूट रहेंगे।

हालांकि जरूरी डायरेक्ट मैसेज और अकाउंट की सुरक्षा से जुड़े अलर्ट इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।

हर 15 मिनट में मिलेगा ब्रेक लेने का रिमाइंडर

सिर्फ समय सीमा लगाना ही नहीं, मेटा लगातार इस्तेमाल के बीच ब्रेक लेने के लिए भी किशोरों को प्रेरित करेगा। फेसबुक या इंस्टाग्राम पर हर 15 मिनट के लगातार इस्तेमाल के बाद ब्रेक प्रॉम्प्ट दिखाई देगा। इसके अलावा 60 और 90 मिनट का इस्तेमाल पूरा होने पर भी रिमाइंडर मिलेगा। इसका मकसद लगातार स्क्रॉलिंग को तोड़ना और बच्चों को यह एहसास कराना है कि वे कितनी देर से ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं।

लाइक काउंट और ब्यूटी फिल्टर पर भी लगाम

नए नियमों में सोशल मीडिया पर होने वाली तुलना को कम करने की कोशिश भी की गई है। नाबालिग यूजर्स के लिए पोस्ट पर दिखने वाले लाइक और रिएक्शन काउंट डिफॉल्ट रूप से छिपाए जाएंगे। इसके अलावा कुछ ऐसे ब्यूटी और कॉस्मेटिक फिल्टर पर भी रोक होगी जिन्हें बच्चों और किशोरों के लिए अनुपयुक्त माना गया है।

मेटा बच्चों को ज्यादा सुरक्षित कंटेंट उपलब्ध कराने, बुलिंग और आत्म-हानि जैसे संवेदनशील कंटेंट से बचाने तथा संदिग्ध वयस्कों से संपर्क मुश्किल बनाने के लिए भी अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करेगा।

माता-पिता को मिलेंगे ज्यादा कंट्रोल

नए सिस्टम में पैरेंटल कंट्रोल को भी मजबूत किया जाएगा। माता-पिता को बच्चे के सोशल मीडिया इस्तेमाल से जुड़ी ज्यादा जानकारी और सेटिंग्स पर नियंत्रण मिलेगा। कंपनी उम्र की पुष्टि करने के लिए अपने एज-अश्योरेंस सिस्टम को भी मजबूत करेगी, ताकि कम उम्र के यूजर्स की पहचान बेहतर तरीके से की जा सके।

अभी भारत में लागू नहीं हुआ है यह नियम

यह समझौता फिलहाल अमेरिका के संबंधित राज्यों और क्षेत्रों में लागू होने वाली व्यवस्थाओं से जुड़ा है। इसलिए इसे भारत में फेसबुक और इंस्टाग्राम इस्तेमाल करने वाले बच्चों पर सीधे लागू हुआ नियम समझना सही नहीं होगा। समझौते के प्रावधान भी न्यायिक मंजूरी के अधीन हैं।

फिर भी इस फैसले का असर अमेरिका तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल, स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर दुनियाभर में बहस तेज है। मेटा ने भी कहा है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए दूसरे बड़े प्लेटफॉर्म, खासकर टिकटॉक और यूट्यूब, भी इसी तरह के उपाय अपनाएं तो इसका असर ज्यादा व्यापक हो सकता है।

Jyotsana Singh
ABOUT THE AUTHOR

Jyotsana Singh

Content Writer Mail ID - jyotsana.b.singh@gmail.comjyotsana.b.singh@gmail.com

Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

Next Story