जन्माष्टमी व्रत में इन 5 चीजों को अधिक खाने से बचें, वरना गैस और एसिडिटी कर सकती है परेशान

Janmashtami vrat: अधिक मात्रा में इन चीजों के सेवन से गैस, एसिडिटी, पेट फूलना, भारीपन और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

Priya Singh Bisen
Published on: 1 Sept 2026 10:50 PM IST
Janmashtami vrat
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Janmashtami vrat: जन्माष्टमी का व्रत धार्मिक आस्था के साथ-साथ संयम और सात्विक भोजन से भी जुड़ा माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग फलाहार करते हैं और साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू, ड्राई फ्रूट्स और फल जैसी चीजों का सेवन करते हैं। हालांकि, व्रत के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों को जरूरत से ज्यादा खाना सेहत के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। अधिक मात्रा में इन चीजों के सेवन से गैस, एसिडिटी, पेट फूलना, भारीपन और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

ऐसे में जन्माष्टमी के व्रत में सिर्फ यह देखना जरूरी नहीं है कि कौन सी चीज फलाहार में शामिल है, बल्कि उसकी मात्रा पर भी ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं वे 5 चीजें जिन्हें व्रत के दौरान सीमित मात्रा में खाना बेहतर माना जाता है।

साबूदाना ज्यादा खाने से हो सकता है भारीपन

साबूदाना व्रत के दौरान सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल है। इससे खिचड़ी, खीर और वड़ा जैसे कई व्यंजन बनाए जाते हैं। साबूदाना मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है। इसे बहुत अधिक मात्रा में खाने से जरूरत से ज्यादा कैलोरी का सेवन हो सकता है और पेट लंबे समय तक भारी महसूस हो सकता है। साबूदाने के साथ मूंगफली, दही या अन्य संतुलित विकल्प लेना बेहतर हो सकता है।

आलू को भी सीमित मात्रा में खाएं

व्रत में आलू की सब्जी, चिप्स और फ्राई किए हुए आलू खूब खाए जाते हैं। लेकिन अधिक तेल में बने आलू ज्यादा खाने से कैलोरी बढ़ने के साथ पेट में भारीपन और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। इसलिए आलू को कम तेल में बनाकर सीमित मात्रा में खाना बेहतर विकल्प है।

कुट्टू और सिंघाड़े की तली चीजों से बचें

कुट्टू और सिंघाड़े का आटा व्रत में खूब इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इनसे बनी पूड़ी, पकौड़ी और अन्य डीप फ्राई चीजें अधिक मात्रा में खाने से पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। ज्यादा तेल के कारण सुस्ती और पेट भारी होने की शिकायत भी हो सकती है। इनकी जगह कम तेल में बनी रोटी या चीला लिया जा सकता है।

ड्राई फ्रूट्स भी जरूरत से ज्यादा न खाएं

बादाम, काजू, अखरोट और किशमिश पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी और फैट भी पर्याप्त मात्रा में होता है। इसलिए व्रत में इन्हें मुट्ठी भर मात्रा में लेना बेहतर है। बहुत ज्यादा ड्राई फ्रूट्स खाने से कुछ लोगों को पेट फूलने या पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।

अधिक मीठी चीजों से करें परहेज

जन्माष्टमी व्रत में साबूदाने की खीर, फलाहारी मिठाइयां और चीनी से बने पेय का सेवन बढ़ जाता है। जरूरत से ज्यादा मीठा खाने से शरीर में शुगर की मात्रा तेजी से बढ़ सकती है और कुछ समय बाद भूख या थकान महसूस हो सकती है। प्राकृतिक मिठास के लिए फल लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।

व्रत में मात्रा का रखें ध्यान

व्रत के दौरान लंबे समय तक भूखे रहने के बाद एक साथ बहुत ज्यादा खाना पाचन तंत्र पर दबाव डाल सकता है। इसलिए फलाहार में भी संतुलन और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज, पेट या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

Priya Singh Bisen
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Priya Singh Bisen

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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