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'सफेद जहर' नहीं है नमक, कम सोडियम शरीर को पहुंचा सकता है बड़ा नुकसान, जानिए क्यों जरूरी है सॉल्ट
Salt Benefits: बहुत कम नमक खाना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे किडनी, मांसपेशियां, और ब्लड प्रेशर पर असर पड़ सकता है।
Salt Benefits
Salt Benefits: नमक हमारे शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स में से एक है, लेकिन अधिक या अत्यधिक कम मात्रा में इसका सेवन दोनों ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। कई लोग हाई ब्लड प्रेशर के डर से नमक पूरी तरह छोड़ देते हैं, जबकि बहुत कम सोडियम का सेवन किडनी, हार्मोन, दिमाग और मांसपेशियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
कम सोडियम का असर शरीर पर
शरीर में नमक की कमी होने पर किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में शरीर पानी और नमक बचाने के लिए रेनिन, एंजियोटेंसिन और एल्डोस्टेरोन जैसे हार्मोन बढ़ा देता है। इससे ब्लड प्रेशर अस्थिर हो जाता है और नसों पर तनाव बढ़ता है। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
डायबिटीज मरीजों के लिए खतरा और बढ़ा
कम सोडियम डायबिटीज के मरीजों के लिए और भी हानिकारक होता है। नमक की कमी से इंसुलिन का स्तर बढ़ता है और ब्लड शुगर गिर जाता है। इस स्थिति में शरीर को नमक की तीव्र तलब महसूस होती है। लंबे समय तक ऐसा रहने से मेटाबॉलिज्म बिगड़ जाता है, जिससे डायबिटीज कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है।
हाइपोनेट्रेमिया का खतरा
लंबे समय तक बहुत कम नमक खाने से खून में सोडियम का स्तर घट जाता है, जिसे हाइपोनेट्रेमिया कहते हैं। इसके लक्षणों में थकान, सिरदर्द, भ्रम, ध्यान की कमी और मांसपेशियों में ऐंठन शामिल हैं। गंभीर मामलों में दौरे तक पड़ सकते हैं।
मांसपेशियों और नर्व सिस्टम पर असर
सोडियम नर्व सिग्नल्स और मांसपेशियों के संकुचन के लिए आवश्यक है। कम नमक के कारण जिम परफॉर्मेंस घटती है, ऐंठन बढ़ती है और स्ट्रेस हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है। इससे नसें और मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं।
कम नमक से हृदय रोग का खतरा
कई शोध बताते हैं कि बहुत कम नमक खाने से हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है, चाहे व्यक्ति को ब्लड प्रेशर की समस्या हो या न हो। इसलिए कम नमक वाला डाइट सभी के लिए फायदेमंद नहीं है।
संतुलन बनाए रखना जरूरी
एक्सपर्ट्स के अनुसार, घर पर मिनरल वाटर बनाना एक सरल उपाय है। 1 लीटर पानी में चुटकी भर सेंधा नमक मिलाएं। इससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है, मिनरल्स की पूर्ति होती है और थकान-ऐंठन से राहत मिलती है। हालांकि, किसी भी बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


