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Male Fertility: सिर्फ सिगरेट नहीं, ये 7 वजहें भी कर सकती हैं स्पर्म काउंट जीरो! वक़्त रहते जान लें पूरी बात
Male Fertility: समय रहते सही जानकारी और जांच कराना बेहद जरूरी है।
Male Fertility
Male Fertility: आज के समय में पुरुषों में बांझपन (Male Infertility) और कम स्पर्म काउंट की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। अधिकांश लोग मानते हैं कि इसका सबसे बड़ा कारण केवल सिगरेट, तंबाकू या शराब का सेवन है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे कई अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। खराब लाइफस्टाइल, मोटापा, तनाव और कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पुरुषों की प्रजनन क्षमता (Fertility) को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में समय रहते सही जानकारी और जांच कराना बेहद जरूरी है।
कब माना जाता है स्पर्म काउंट कम?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जब वीर्य (Semen) में मौजूद शुक्राणुओं (Sperm) की संख्या सामान्य से कम हो जाती है, तो इस स्थिति को लो स्पर्म काउंट (Oligospermia) कहा जाता है। मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक यदि एक मिलीलीटर वीर्य में 1.5 करोड़ (15 मिलियन) से कम स्पर्म हों, तो इसे सामान्य से कम माना जाता है। वहीं यदि वीर्य में बिल्कुल भी स्पर्म मौजूद न हों, तो इस स्थिति को एजूस्पर्मिया (Azoospermia) कहा जाता है। ऐसी स्थिति में प्राकृतिक रूप से गर्भधारण की संभावना काफी कम हो जाती है।
किन संकेतों को नजरअंदाज न करें?
कम स्पर्म काउंट का सबसे प्रमुख संकेत यह है कि लंबे समय तक प्रयास करने के बाद भी गर्भधारण नहीं हो पाता। हालांकि कई मामलों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। कुछ पुरुषों में हार्मोन असंतुलन के कारण यौन इच्छा में कमी, इरेक्शन की समस्या, अंडकोष (टेस्टिकल) में दर्द, सूजन या गांठ जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं।
सिर्फ धूम्रपान ही नहीं, ये वजहें भी हैं जिम्मेदार
विशेषज्ञों के अनुसार कम स्पर्म काउंट के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें प्रमुख हैं -
मोटापा और बढ़ता वजन
लगातार मानसिक तनाव
अत्यधिक शराब का सेवन
नशीले पदार्थों का उपयोग
हार्मोनल असंतुलन
वैरिकोसील (Varicocele) जैसी बीमारी
थायरॉयड की समस्या
प्रजनन तंत्र से जुड़े संक्रमण
कुछ दवाओं का लंबे समय तक सेवन
इन सभी कारणों का असर स्पर्म की संख्या और गुणवत्ता दोनों पर पड़ सकता है।
कब करानी चाहिए जांच?
यदि किसी दंपति को बिना गर्भनिरोधक के नियमित संबंध बनाने के बावजूद एक वर्ष तक गर्भधारण नहीं होता, तो पुरुष और महिला दोनों को विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। जिन पुरुषों को पहले टेस्टिकल, प्रोस्टेट या यौन स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या रही हो, उन्हें बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर जांच से सही कारण का पता लगाकर उचित इलाज शुरू किया जा सकता है।
क्या कम स्पर्म काउंट का इलाज संभव है?
विशेषज्ञों का कहना है कि हर मामले में कम स्पर्म काउंट का मतलब स्थायी बांझपन नहीं होता। आधुनिक चिकित्सा, दवाओं, जीवनशैली में सुधार और फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की मदद से कई मामलों में पिता बनने की संभावना बढ़ाई जा सकती है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रित रखना, तनाव कम करना और धूम्रपान, तंबाकू व शराब से दूरी बनाना स्पर्म की गुणवत्ता और संख्या सुधारने में मददगार साबित हो सकता है।
Note: यह जानकारी विशेषज्ञों की राय और उपलब्ध शोध पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


