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ब्रांडेड आटे पर भी सवाल, जानिए घर में कैसे पहचानें मिलावटी आटा
Milawati Atta Ko Kaise Pehchane: ब्रांडेड आटे पर भी उठे सवाल, इन आसान तरीकों से करें मिलावट की पहचान
Milawati Atta Ko Kaise Pehchane
Milawati Atta Ko Kaise Pehchane: रोटी भारतीय खाने का सबसे अहम हिस्सा है। सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक लगभग हर घर में गेहूं के आटे की रोटी बनती है। लेकिन अगर यही आटा मिलावटी हो, तो यह आपकी सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। उत्तर प्रदेश की कुछ आटा मिलों में सामने आए कथित मिलावट के मामले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जांच में दावा किया गया कि कुछ फैक्ट्रियों में गेहूं की पिसाई के दौरान पत्थर का बारीक चूरा आटे में मिलाया जा रहा था। हालांकि यह मामला जांच के दायरे में है और इसे सभी ब्रांडों या सभी मिलों पर लागू नहीं माना जा सकता। लेकिन उपभोक्ताओं के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
अंडरकवर जांच में सामने आए चौंकाने वाले दावे
अंडरकवर जांच के मुताबिक, दावा किया गया कि यूपी की अलग-अलग आटा मिलों में मिलावटी आटा धड़ल्ले से तैयार हो रहा है। इन मिलों के एक विशेष कमरे में मशीनों के जरिए गेहूं के आटे में पत्थर का बारीक चूरा मिलाने का काम अंजाम दिया जाता है। कथित तौर पर मशीन में पहले से स्टोन डस्ट भरा रहता था और जरूरत के अनुसार उसकी मात्रा तय कर उसे आटे में मिला दिया जाता था।
कई जिलों में कार्रवाई के बाद बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में फिरोजाबाद, बुलंदशहर और अलीगढ़ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने आटा मिलों पर कार्रवाई की। जांच के दौरान कुछ जगहों से ऐसे नमूने मिले, जिनमें मिलावट की आशंका जताई गई। अधिकारियों ने संदिग्ध आटे के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे और संबंधित इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। प्रशासन का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
ब्रांडेड पैकेट होने से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं
जांच में यह भी दावा किया गया कि कथित तौर पर मिलावटी आटा केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं था, बल्कि कुछ बड़े ब्रांडों जैसे पैकेट में पैक होकर भी बाजार तक पहुंच रहा था। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी भी ब्रांड के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष केवल सरकारी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाएगा। इसलिए उपभोक्ताओं को केवल पैकेट देखकर आंख बंद कर भरोसा करने के बजाय गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए।
घर पर ऐसे करें आटे की शुरुआती जांच
अगर आपको अपने घर में इस्तेमाल हो रहे आटे पर संदेह है, तो कुछ आसान घरेलू तरीकों से उसकी प्राथमिक जांच की जा सकती है। एक गिलास पानी में एक चम्मच आटा डालने पर यदि भारी मात्रा में अशुद्धियां हों तो कुछ कण नीचे बैठ सकते हैं। इसी तरह थोड़े से आटे में नींबू का रस डालने पर ज्यादा बुलबुले बनना कुछ प्रकार की मिलावट का संकेत हो सकता है। कच्चे आटे को चबाने पर अगर दांतों के बीच किरकिरापन महसूस हो या आटा गूंथते समय सामान्य तरीके से पानी न सोखे, तो उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ सकते हैं। साथ ही यह जान लेना भी बेहद जरूरी है कि किसी भी तरह की मिलावट की अंतिम पुष्टि केवल लैब जांच से ही संभव है।
मिलावटी आटा सेहत के लिए क्यों खतरनाक हो सकता है
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार लंबे समय तक मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल सकता है। यदि आटे में रेत, पत्थर या अन्य अशुद्ध कण मौजूद हों तो इससे पेट दर्द, कब्ज, आंतों में जलन और दांतों को नुकसान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
आटा खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
उपभोक्ताओं को हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही आटा खरीदना चाहिए। पैकेट पर एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, निर्माण और समाप्ति तिथि, पैकिंग की स्थिति और ब्रांड की जानकारी जरूर जांचें। यदि आटे का रंग, गंध या स्वाद सामान्य से अलग लगे या उसमें बार-बार किरकिरापन महसूस हो, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें और संबंधित विभाग में शिकायत करें।
खाद्य सुरक्षा कानून मिलावट करने वालों पर सख्त
भारत में खाद्य पदार्थों में मिलावट करना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। यदि जांच में किसी उत्पाद में मिलावट साबित होती है तो दोषियों के खिलाफ भारी जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने और गंभीर मामलों में जेल तक की कार्रवाई की जा सकती है। खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर बाजार से नमूने लेकर उनकी जांच करता है और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई भी करता है।


