शरीर का सबसे ज्यादा काम करने वाला अंग कौन? Heart, Brain, Liver, Kidney या Lungs

Heart, Brain, Liver, Kidney और Lungs में सबसे ज्यादा काम कौन करता है? जानिए कौन सा अंग लगातार काम करता है, कौन सबसे ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है और शरीर के लिए किसकी भूमिका सबसे अहम है।

Yogesh Mishra
Published on: 12 Aug 2026 1:20 PM IST
Which Body Organ Works the Most
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Which Body Organ Works the Most 

Heart vs Brain: हमारा शरीर एक ऐसी मशीन है जो कभी छुट्टी नहीं लेती, कभी रुकती नहीं। हम सो रहे हों, टीवी देख रहे हों, खाना खा रहे हों या दौड़ रहे हों लेकिन शरीर के अंदर करोड़ों काम लगातार चलते रहते हैं। दिल धड़क रहा है। फेफड़े सांस ले रहे हैं। दिमाग शरीर को संभाल रहा है। लिवर खून और खाने से जुड़ा अपना काम कर रहा है। किडनी लगातार खून साफ कर रही है। लेकिन अगर सवाल पूछा जाए कि इनमें सबसे ज्यादा काम कौन करता है? तो जवाब इतना आसान नहीं होगा।

अगर लगातार काम करने की बात करें तो दिल (heart) सबसे आगे नजर आता है। अगर एनर्जी खर्च करने की बात करें तो दिमाग चौंका सकता है। अगर अलग-अलग तरह के कामों की संख्या देखें तो लिवर (liver) मुकाबले में आ जाता है। और अगर शरीर से गंदगी निकालने और अंदर का बैलेंस बनाए रखने की बात करें तो किडनी (kidney) की भूमिका बेहद अहम है।

यानी शरीर में सबसे ज्यादा काम करने वाला अंग चुनना इस बात पर निर्भर करता है कि हम काम को कैसे नाप रहे हैं। फिर भी इन पांचों को एक साथ समझने पर शरीर की पूरी मशीनरी की दिलचस्प तस्वीर सामने आती है।

सबसे पहले दिल (heart) की बात

काम करने में शायद दिल शरीर का सबसे आसान उम्मीदवार है क्योंकि यह काम बंद नहीं करता। आप सो रहे हैं, तब भी दिल धड़क रहा है। आप जाग रहे हैं, तब भी। दौड़ रहे हैं तो तेज धड़केगा और आराम कर रहे हैं तो धीमा हो जाएगा, लेकिन रुक नहीं सकता। दिल (heart) का मुख्य काम खून (blood) को पूरे शरीर में पहुंचाना है। खून के साथ ऑक्सीजन (oxygen), पोषक तत्व, हार्मोन (hormones) और दूसरी जरूरी चीजें शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचती हैं। खून वापस आता है तो उसमें मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड और दूसरी चीजों को बाहर निकालने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ती है। एक स्वस्थ वयस्क का दिल आराम की हालत में आम तौर पर करीब 60 से 100 बार प्रति मिनट धड़क सकता है। यानी एक दिन में धड़कनों की संख्या करीब एक लाख के आसपास पहुंच सकती है। एक साल में यह संख्या करोड़ों तक पहुंच जाती है। और पूरी जिंदगी में नापें तो अगर किसी व्यक्ति का दिल औसतन करीब 70 बार प्रति मिनट धड़के और वह 70 साल तक जिए, तो उसका दिल लगभग 2.6 अरब बार धड़क सकता है।

यानी दिल के पास सचमुच छुट्टी का विकल्प नहीं है। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि दिल ही शरीर का सबसे ज्यादा काम करने वाला अंग है? ये कतई जरूरी नहीं। क्योंकि अब मुकाबले में आता है दिमाग (brain)।

दिमाग: शरीर का छोटा लेकिन बेहद खर्चीला हिस्सा

हमारे शरीर के वजन में दिमाग (brain) की हिस्सेदारी करीब 2 प्रतिशत के आसपास होती है। लेकिन आराम की हालत में शरीर जितनी ऊर्जा खर्च करता है, उसका लगभग 20 प्रतिशत दिमाग इस्तेमाल कर सकता है। यह बात पहली बार सुनने में अजीब लगती है कि इतना छोटा अंग इतनी ज्यादा ऊर्जा क्यों खर्च करता है? वजह ये है कि दिमाग सिर्फ सोचने का काम नहीं करता। हमारे सांस लेने, शरीर का तापमान (temperature) बनाए रखने, दिल की धड़कन को नियंत्रित करने, देखने, सुनने, बोलने, चलने, याद रखने, सीखने और फैसले लेने जैसी अनगिनत प्रक्रियाओं में दिमाग की भूमिका है। यहां तक कि जब आप सो रहे होते हैं, तब भी दिमाग (brain) पूरी तरह बंद नहीं होता। वह नींद के दौरान भी शरीर के कई कामों को संभालता रहता है और यादों से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी भूमिका निभाता है। यानी अगर काम का मतलब शरीर के अंदर होने वाली जानकारी की प्रोसेसिंग और नियंत्रण से है, तो दिमाग बहुत मजबूत दावेदार है।

लिवर (liver): शरीर की सबसे बड़ी फैक्ट्री

लिवर (liver) यानी यकृत को अक्सर सिर्फ शराब या खाने से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन शरीर में इसका काम इससे कहीं ज्यादा बड़ा है। लिवर (liver) शरीर की एक तरह की बड़ी प्रोसेसिंग यूनिट है। यह खाने से मिले पोषक तत्वों को प्रोसेस करने में मदद करता है। ग्लूकोज (glucose) को स्टोर करने में भूमिका निभाता है। शरीर में जरूरी कई प्रोटीन बनाने में मदद करता है। पित्त (bile) बनाता है, जो वसा (fat) को पचाने में मदद करता है। दवाओं और कई दूसरे रसायनों को प्रोसेस करता है। खून में मौजूद कई पदार्थों के संतुलन में भूमिका निभाता है। यानी अगर शरीर को एक शहर मान लें तो लिवर वहां की फैक्ट्री, गोदाम, प्रोसेसिंग सेंटर और रासायनिक प्रयोगशाला का कुछ-कुछ काम एक साथ करता है। लिवर की खास बात यह भी है कि इसमें खुद को काफी हद तक ठीक करने की क्षमता होती है। इसी वजह से यह शरीर के सबसे खास अंगों में गिना जाता है। लिवर के काम बहुत ज्यादा और अलग-अलग तरह के हैं, लेकिन उसके काम को कितना मापें, इसका कोई एक आसान पैमाना नहीं है।

किडनी (kidney): दिन-रात शरीर की सफाई व्यवस्था

हमारे शरीर में आम तौर पर दो किडनी (kidney) होती हैं। इनका सबसे बड़ा काम खून को छानना और शरीर के अंदर पानी, नमक और दूसरे जरूरी पदार्थों का संतुलन बनाए रखना है। किडनी (kidney) खून को लगातार फिल्टर करती रहती है। शरीर को जिन चीजों की जरूरत है, उन्हें वापस बचाने की प्रक्रिया होती है और जिन चीजों को बाहर निकालना है, वे पेशाब (urine) के रास्ते बाहर जाती हैं। किडनी सिर्फ गंदा खून साफ करने वाली मशीन नहीं है। यह शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट (electrolyte) का संतुलन बनाए रखने, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने वाली प्रक्रियाओं में मदद करने और लाल रक्त कोशिकाओं (red blood cells) के बनने से जुड़ी प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दिल खून को घुमाता है और किडनी उसी खून को छानकर शरीर के अंदर का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। यानी दोनों का काम एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा है। दिल खून पहुंचाएगा ही नहीं तो किडनी काम नहीं कर पाएगी। किडनी काम नहीं करेगी तो शरीर में कई चीजों का संतुलन बिगड़ सकता है।

फेफड़ों (lungs) की भूमिका

हमारी हर सांस के साथ फेफड़े काम कर रहे होते हैं। हम हवा अंदर लेते हैं। उसमें मौजूद ऑक्सीजन फेफड़ों के अंदर पहुंचती है और खून में जाती है। दूसरी तरफ खून से कार्बन डाइऑक्साइड फेफड़ों (lungs) तक आती है और सांस छोड़ते समय बाहर निकलती है। यानी फेफड़े और दिल की साझेदारी भी बेहद जरूरी है। फेफड़े ऑक्सीजन खून में पहुंचाते हैं। दिल उस ऑक्सीजन वाले खून को शरीर के बाकी हिस्सों तक पहुंचाता है। इसलिए दोनों को अलग-अलग देखकर उनकी अहमियत समझना मुश्किल है। एक सांस लेने की प्रक्रिया को अकेले फेफड़े नहीं चला रहे होते। इसके पीछे दिमाग, सांस की मांसपेशियां, फेफड़े, खून और दिल, सब मिलकर काम कर रहे होते हैं।

सबसे ज्यादा काम कौन करता है?

अब तक की तुलना को एक लाइन में समझें तो तस्वीर कुछ ऐसी बनती है:

  1. दिल लगातार पंप करता है।
  2. फेफड़े लगातार गैसों का आदान-प्रदान करते हैं।
  3. किडनी लगातार खून को फिल्टर और शरीर का संतुलन बनाए रखने का काम करती है।
  4. लिवर लगातार शरीर के रासायनिक कामों और पोषक तत्वों की प्रोसेसिंग में लगा रहता है।
  5. दिमाग इन सबके ऊपर बैठकर शरीर की जानकारी लेता, उसे प्रोसेस करता और कई कामों को नियंत्रित करता है।
  6. इसलिए किसी एक को सबसे ज्यादा काम करने वाला” घोषित करना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा। लेकिन फिर भी हम अलग-अलग श्रेणियां बनाएं तो मुकाबला दिलचस्प हो जाता है।

लगातार काम करने में दिल आगे है क्योंकि दिल को रुकने की इजाजत नहीं है। दिमाग और फेफड़े भी आराम के समय बंद नहीं होते, लेकिन दिल की पंपिंग हर पल चलती रहती है। इसीलिए कौन सबसे ज्यादा लगातार काम करता है? पूछें तो दिल सबसे मजबूत दावेदार है।

ऊर्जा खर्च करने में दिमाग सबसे आगे

दिमाग शरीर के कुल वजन का छोटा हिस्सा है, लेकिन शरीर की कुल ऊर्जा खपत में उसकी हिस्सेदारी बहुत ज्यादा है। यही वजह है कि वैज्ञानिक अक्सर दिमाग को शरीर का बेहद ऊर्जा-खर्चीला अंग मानते हैं। और यह ऊर्जा सिर्फ हमारी सोच पर खर्च नहीं होती। दिमाग के अंदर अरबों न्यूरॉन्स (neurons) लगातार एक-दूसरे से संकेतों के जरिए बात कर रहे होते हैं। यानी आप कुछ नहीं कर रहे हों, तब भी आपका दिमाग सो नहीं रहा होता।

अलग-अलग कामों की विविधता में लिवर का मुकाबला मुश्किल

लिवर एक ही तरह का काम नहीं करता। खाने से मिले पोषक तत्वों की प्रोसेसिंग से लेकर शरीर में कई जरूरी पदार्थों के निर्माण और दवाओं समेत कई रसायनों के टूटने तक, इसका काम बहुत फैला हुआ है। इसीलिए अगर सवाल हो कि किस अंग के पास सबसे ज्यादा तरह के काम हैं? तो लिवर बहुत मजबूत दावेदार बन जाता है।

खून की सफाई और संतुलन में किडनी बेहद खास

किडनी का काम भी ऐसा है जिसके बिना शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है। शरीर को कितने पानी की जरूरत है, कौन-से लवण (salts) कितनी मात्रा में रहें और कौन-से पदार्थ बाहर निकलें—इन सबमें किडनी की बड़ी भूमिका है। यानी यह सिर्फ सफाई करने वाला अंग नहीं, बल्कि शरीर के अंदर का संतुलन बनाए रखने वाली व्यवस्था है।

फेफड़ों का काम

फेफड़ों का काम सुनने में सबसे सरल लगता है, सांस लेना और छोड़ना। लेकिन असल में यह शरीर के लिए सबसे जरूरी प्रक्रियाओं में से एक है। ऑक्सीजन के बिना हमारी कोशिकाएं सामान्य तरीके से ऊर्जा नहीं बना सकतीं। इसलिए हर सांस के साथ फेफड़े शरीर को उस ऑक्सीजन की सप्लाई में मदद कर रहे होते हैं जिसकी उसे जरूरत है।

असली जवाब: शरीर में कोई एक “बॉस” नहीं है

अगर इस पूरे मुकाबले का एक विजेता चुनना ही पड़े तो जवाब होगा - कोई एक नहीं। मानव शरीर एक ऐसी टीम है जिसमें हर अंग दूसरे पर निर्भर है। दिल को फेफड़ों से ऑक्सीजन मिला खून चाहिए। फेफड़ों को काम करने के लिए दिल और खून की जरूरत है। दिमाग को ऑक्सीजन और ग्लूकोज की लगातार सप्लाई चाहिए। किडनी को खून चाहिए ताकि वह उसे फिल्टर कर सके। लिवर को भी खून की सप्लाई चाहिए और उसका काम पूरे शरीर के मेटाबॉलिज्म से जुड़ा है। यानी अगर किसी एक बड़े अंग का काम गंभीर रूप से रुक जाए तो बाकी अंगों पर भी असर पड़ सकता है। इसीलिए शरीर को पांच अलग-अलग मशीनों का समूह समझना गलत होगा। यह एक जुड़ी हुई व्यवस्था है।

फिर भी दिल को “सबसे मेहनती” क्यों कहा जा सकता है? अगर सिर्फ एक मजेदार जवाब देना हो तो दिल को यह खिताब दिया जा सकता है। क्योंकि यह जन्म के बाद से लगातार धड़क रहा है और आम तौर पर जिंदगी के आखिरी पल तक अपना काम करता रहता है। लेकिन अगर सवाल हो कि सबसे ज्यादा ऊर्जा कौन खर्च करता है, तो दिमाग सामने आ जाएगा। सबसे ज्यादा तरह के काम कौन करता है, तो लिवर मजबूत दावेदार है। शरीर के पानी और रसायनों का संतुलन कौन संभालता है, तो किडनी की भूमिका सामने आती है। और शरीर को हर सांस में ऑक्सीजन कौन दिलाता है, तो फेफड़े जरूरी हो जाते हैं। यानी शरीर में कोई एक अंग ऐसा नहीं है जिसे बाकी सबका “बॉस” कहा जा सके।

दिल शरीर का पंप है, फेफड़े हवा और खून के बीच पुल हैं, किडनी शरीर की छंटाई और संतुलन व्यवस्था है, लिवर उसकी बड़ी रासायनिक फैक्ट्री है और दिमाग पूरे सिस्टम का सबसे जटिल कंट्रोल सेंटर है। और सबसे दिलचस्प बात यह है कि ये पांचों अपने-अपने काम में इतने जरूरी हैं कि इनमें से किसी एक को हटाकर बाकी चार की ताकत का कोई मतलब नहीं रह जाता। इसलिए शायद मानव शरीर का सबसे मेहनती अंग चुनने का सही जवाब यह है कि सबसे ज्यादा काम कोई एक अंग नहीं करता। असली कमाल यह है कि शरीर के लाखों हिस्से मिलकर हर सेकंड काम करते रहते हैं, और हमें इसका पता तक नहीं चलता।

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Yogesh Mishra

Founder & CEO Mail ID - mishrayogesh5@gmail.commishrayogesh5@gmail.com

Journalism for Yogesh Mishra is not a profession but a mission. In his career, spanning over 26 years, he has served just not as journalist but an educationist and literary as well. Looking at journalism as an instrument of change, he has also highlighted corruption and problems faced in various sectors like education, health, water, sanitation and agriculture. The exposes to his credit which deserve mention include largest tax evasion in the country by Hasan Ali and the fraud committed by 25 Indians, while he was working for the Outlook magazine as the UP Bureau Head. The amount involved was whopping Rs 18,000 crores. He was the first to report the PMO’s involvement in the ‘2G Spectrum Scam’, during the UPA regime. Another commendable work by him is exposing the Commonwealth Games Scam along with the video footage of a meeting before the beginning of the tournament. The issue of banning the video is sub judice. His news item, “Uttar Pradesh ke sau gaon bhi Nirmal Gram Pusaraskar ke layak nahi” exposed how the state government wrongly claimed prizes for 1,269 villages. It led to the cancellation of the prizes. Even UNICEF research testified and led to discontinuation of the NIRMAL GRAM AWARDS. He is, presently Member of Fee Review committee set up by the government of Uttar Pradesh to fight menace of arbitrary fee structure in private schools across the state. Many of his suggestions concerning electoral reforms have been adopted and implemented by the Election Commission of India. He was a member of the ‘Navoday Vidyalaya Samiti’, review committee constituted by Govt. of India for the implementation of Sarv Siksha Abhiyaan in UP. Besides writing in national and international newspapers and magazines, he has taken up teaching assignments and served as a visiting faculty in about a dozen universities. Author of ten books, he has also received prestigious Madhu Limaye and Yash Bharti awards. His new goal is to set up a new media house. A beginning has been already made as he has launched a multi-lingual news portal and a weekly magazine, Apna Bharat.

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