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Pregnancy Summer Care: प्रेग्नेंसी में भीषण गर्मी बन सकती है खतरा! गर्भवती महिलाएं इन बातों का रखें खास ध्यान
Pregnancy Summer Care: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेग्नेंसी में शरीर पहले से ही कई हार्मोनल बदलावों से गुजरता है, ऐसे में गर्मी और लू का खतरा मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
Pregnancy Summer Care
Pregnancy Summer Care: जैसे की गर्मी का मौसम आता है, वैसे ही कई परेशानियां आ जाती हैं। आम लोगों से लेकर बीमार रहने वाले लोगों के लिए कई तरफ से दिक्कतें बढ़ जाती हैं। लेकिन आज हम गर्भवती महिलाओं के बारे में बात करेंगे। विशेषकर इनके लिए यह मौसम ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। तेज धूप, उमस और बढ़ता तापमान गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से प्रभाव डाल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेग्नेंसी में शरीर पहले से ही कई हार्मोनल बदलावों से गुजरता है, ऐसे में गर्मी और लू का खतरा मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। ज्यादा पसीना आने और शरीर में पानी की कमी होने से डिहाइड्रेशन, कमजोरी, चक्कर आना और थकान जैसी दिक्कतें तेजी से बढ़ सकती हैं। कई मामलों में अत्यधिक गर्मी से ब्लड प्रेशर और शरीर की ऊर्जा पर भी प्रभाव पड़ता है, जिससे गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
हल्के और आरामदायक कपड़े पहनना है जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में गर्भवती महिलाओं को सूती और ढीले कपड़े पहनने चाहिए। हल्के रंग के कपड़े शरीर को ठंडक देने में मदद करते हैं और पसीना जल्दी सूख जाता है। इससे त्वचा पर जलन और घबराहट जैसी समस्याएं कम होती हैं। सिंथेटिक और ज्यादा टाइट कपड़ों से बचने की सलाह दी जाती है।
शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत आवश्यक
गर्मी के मौसम में पानी की कमी सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ताजे फलों का सेवन शरीर में अवश्य मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी नहीं होने देता। डॉक्टर कैफीन और अधिक मीठे पेय पदार्थों से दूरी बनाने की सलाह देते हैं।
दोपहर की धूप से बचाव बहुत आवश्यक
विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर के वक़्त से शाम 4 बजे तक गर्मी और लू का प्रभाव सबसे ज्यादा रहता है। इस दौरान बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो छाता, टोपी, सनग्लासेस और स्कार्फ का इस्तेमाल करना बेहद लाभकारी होता है।
खानपान और आराम का रखें खासतौर से ध्यान
गर्भवती महिलाओं को गर्मियों में हल्का और संतुलित भोजन करना चाहिए। ताजे फल, हरी सब्जियां, दही और घर का बना पौष्टिक खाना शरीर को ऊर्जा देता है। वहीं अधिक तला-भुना और मसालेदार भोजन से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है। इसके साथ ही पर्याप्त नींद लेना और आराम भी बहुत आवश्यक होता है।
बता दे, यदि चक्कर, सिर में दर्द, उल्टी, पेट में दर्द, बेचैनी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो बिना देरी किये डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर गर्भवती महिलाएं गर्मियों में खुद और अपने होने वाले शिशु को सुरक्षित रख सकती हैं।


