गर्मी में लोग क्यों खो रहे हैं अपना आपा, Psychological First Aid क्या है ? WHO के इस 'इलाज' से खुद को रखें शांत और पॉजिटिव

Psychological First Aid: गर्मी में तनाव और चिंता बढ़ सकती है। ऐसे में साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड मानसिक सहारा देकर व्यक्ति को शांत और सुरक्षित महसूस कराने में मदद करता है।

Akriti Pandey
Published on: 25 April 2026 6:20 AM IST
Psychological First Aid
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Psychological First Aid

Psychological First Aid: गर्मी का मौसम केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालता है। तेज तापमान, नींद की कमी, डिहाइड्रेशन और रोजमर्रा की परेशानियां कई लोगों में चिड़चिड़ापन, तनाव, चिंता और उदासी बढ़ा देती हैं। ऐसे समय में Psychological First Aid (PFA) एक सरल और प्रभावी उपाय साबित हो सकता है।

क्या है साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड

World Health Organization (WHO) के अनुसार, साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड(Psychological First Aid) एक ऐसी सहायक प्रक्रिया है, जिसके जरिए संकट या तनाव से गुजर रहे व्यक्ति को तुरंत भावनात्मक सहारा दिया जाता है। यह किसी दवा या औपचारिक थेरेपी की तरह नहीं है, बल्कि सुनने, समझने और भावनात्मक सहयोग देने पर आधारित है। इसका उद्देश्य व्यक्ति को सुरक्षित, शांत, जुड़ा हुआ और आशावान महसूस कराना होता है।

गर्मी में क्यों बढ़ती हैं मानसिक समस्याएं

गर्मियों में शरीर पर पड़ने वाला असर मानसिक स्थिति को भी प्रभावित करता है। नींद पूरी न होना, अत्यधिक गर्मी और थकान के कारण लोगों में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, काम में मन न लगना और पारिवारिक तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में PFA तुरंत राहत देने के साथ-साथ लंबे समय में मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

क्यों जरूरी है PFA

जब कोई व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान होता है, तो उसे सबसे पहले सुरक्षा, सहारा और समझ की जरूरत होती है। साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड इन जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। यह व्यक्ति को शांत करता है, उसकी भावनाओं को स्वीकार करता है और उसे आगे बढ़ने के लिए तैयार करता है।

कैसे दें साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड

PFA देने के लिए किसी विशेष विशेषज्ञता की जरूरत नहीं होती, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले व्यक्ति की बुनियादी जरूरतों जैसे पानी, छाया और आराम का ध्यान रखें। इसके बाद उसकी बात ध्यान से और बिना टोके सुनें। उसकी भावनाओं का सम्मान करें और उसे यह महसूस कराएं कि वह अकेला नहीं है। जरूरत पड़ने पर उसे सही मदद या सेवाओं से जोड़ें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खुद शांत रहें, ताकि सामने वाले व्यक्ति को भी स्थिरता का अनुभव हो सके।

हर कोई कर सकता है मदद

साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड(Psychological First Aid) कोई जटिल प्रक्रिया नहीं है। थोड़ी समझ और संवेदनशीलता के साथ परिवार के सदस्य, दोस्त, शिक्षक या पड़ोसी भी इसे आसानी से अपना सकते हैं। गर्मी के मौसम में अगर कोई व्यक्ति परेशान दिखे, तो उसकी बात सुनना और उसे सहारा देना ही सबसे बड़ी मदद हो सकती है।

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Akriti Pandey is a Education & job Desk Content Writer at Newstrack.com.

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