Tuberculosis Risk: भूलकर भी न करें टीबी के इन लक्षणों को नजरअंदाज, जानिए किन लोगों को है इसका सबसे अधिक जोखिम?

Tuberculosis Risk: टीबी एक गंभीर संक्रामक बीमारी है। एनएचएम के अनुसार कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है, इसलिए समय पर जांच और बचाव बेहद जरूरी है।

Akriti Pandey
Published on: 8 Jun 2026 3:35 PM IST (Updated on: 8 Jun 2026 3:36 PM IST)
Tuberculosis Risk
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Tuberculosis Risk: तपेदिक (टीबी) आज भी भारत की प्रमुख संक्रामक बीमारियों में से एक मानी जाती है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है और समय पर पहचान न होने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टीबी पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है, लेकिन इसकी शुरुआती पहचान और समय पर उपचार बेहद जरूरी होता है। यदि इलाज में देरी हो जाए तो यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है।

किन लोगों को ज्यादा है टीबी का खतरा? (Tuberculosis Risk)

नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार कुछ खास वर्गों के लोगों में टीबी संक्रमण का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में काफी अधिक होता है। ऐसे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी जाती है।

टीबी मरीज के संपर्क में आने वाले लोग

अगर किसी व्यक्ति के घर या आसपास टीबी का मरीज है तो संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे लोगों को तुरंत जांच करानी चाहिए।

कुपोषण से पीड़ित लोग

कमजोर शरीर और पोषक तत्वों की कमी के कारण इम्युनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे टीबी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

पहले टीबी से ठीक हो चुके मरीज

जो लोग पहले टीबी से संक्रमित रह चुके हैं, उनमें दोबारा संक्रमण होने की संभावना बनी रहती है।

एचआईवी मरीज

एचआईवी से पीड़ित लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिससे टीबी उनके लिए अधिक खतरनाक हो सकती है।

डायबिटीज के मरीज

ब्लड शुगर नियंत्रित न रहने पर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, जिससे टीबी का खतरा बढ़ जाता है।

बुजुर्ग व्यक्ति

60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में इम्युनिटी कमजोर होने के कारण संक्रमण का जोखिम अधिक रहता है।

धूम्रपान और शराब का सेवन करने वाले लोग

लंबे समय तक सिगरेट, बीड़ी या शराब का सेवन फेफड़ों और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है, जिससे टीबी का खतरा बढ़ जाता है।

भीड़भाड़ और स्लम क्षेत्रों में रहने वाले लोग

जेल, वृद्धाश्रम, अनाथालय और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में संक्रमण फैलने की संभावना अधिक होती है।

लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच (Tuberculosis Symptoms)

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना और लगातार थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बचाव ही सबसे बड़ा उपाय (Tuberculosis Treatment)

टीबी से बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, पौष्टिक आहार, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना भी बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही टीबी मरीज के संपर्क में आने पर डॉक्टर की सलाह अनुसार तुरंत जांच और इलाज शुरू करना चाहिए।

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Akriti Pandey is a Education & job Desk Content Writer at Newstrack.com.

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