भारत में तेजी से बढ़ रही Vitamin B12 और D की कमी! थकान से लेकर नसों के दर्द तक दिखते हैं ये संकेत

Vitamin B12 and Vitamin D Deficiency: विटामिन B12 शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह रेड ब्लड सेल्स बनाने, DNA synthesis और नर्वस सिस्टम को सामान्य रूप से काम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Priya Singh Bisen
Published on: 2 Sept 2026 9:50 PM IST
Vitamin B12 and Vitamin D Deficiency
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Vitamin B12 and Vitamin D Deficiency

Vitamin B12 and Vitamin D Deficiency: भारत में पोषण से जुड़ी चुनौतियां अब केवल कुपोषण तक सीमित नहीं रह गई हैं। बदलती लाइफस्टाइल, असंतुलित खान-पान और जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी के कारण विटामिन और मिनरल्स की कमी भी चिंता का विषय बनती जा रही है। इनमें विटामिन B12 और विटामिन D की कमी काफी आम मानी जाती है। रिसर्च में भी भारतीय आबादी के अलग-अलग समूहों में इन दोनों विटामिन्स की कमी के मामले सामने आए हैं।

Vitamin B12 की कमी क्यों होती है?

विटामिन B12 शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह रेड ब्लड सेल्स बनाने, DNA synthesis और नर्वस सिस्टम को सामान्य रूप से काम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक्सपर्ट के अनुसार, शरीर में B12 की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना जरूरी है।

भारतीय डाइट में विटामिन B12 के प्राकृतिक स्रोत सीमित होने के कारण कुछ लोगों में इसकी कमी का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर पर पूरी तरह vegetarian diet लेने वाले लोगों को पर्याप्त B12 मिलने पर ध्यान देना चाहिए।

B12 की कमी होने पर लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना, हाथ-पैर में झनझनाहट, याददाश्त और एकाग्रता से जुड़ी दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लंबे समय तक कमी बनी रहने पर एनीमिया और नर्वस सिस्टम से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।

Vitamin D की कमी भी बड़ी चिंता

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण, हड्डियों और मांसपेशियों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है। भारत में धूप पर्याप्त होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों में Vitamin D का स्तर कम पाया जाता है।

इसके पीछे घर या ऑफिस के अंदर ज्यादा समय बिताना, नियमित रूप से धूप में न निकलना, शरीर को पूरी तरह ढककर रखना और डाइट में Vitamin D के सीमित स्रोत जैसे कारण हो सकते हैं।

Vitamin D की कमी में हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी परेशानी, कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, इन लक्षणों का कारण हमेशा Vitamin D deficiency ही हो, यह जरूरी नहीं है।

भारतीयों में कितनी आम है कमी?

एक भारतीय मेटा-एनालिसिस में Vitamin D deficiency का अनुमान लगभग 61%, जबकि Vitamin B12 deficiency करीब 53% पाया गया। वहीं अलग-अलग रिसर्च में कमी की दर अलग-अलग रही है। कुछ रिपोर्ट्स में भारतीय आबादी के विभिन्न समूहों में B12 deficiency का स्तर इससे भी अधिक बताया गया है।

कब कराएं टेस्ट?

सिर्फ थकान, कमजोरी या शरीर में दर्द होने के आधार पर खुद से विटामिन की कमी मान लेना सही नहीं है। अगर ऐसे लक्षण लगातार बने हुए हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरत के अनुसार Vitamin B12 और Vitamin D blood tests कराए जा सकते हैं।

डाइट में दूध, दही, अंडे, मछली और अन्य पोषक खाद्य पदार्थ शामिल करना मददगार हो सकता है। Vitamin D के लिए सुरक्षित तरीके से धूप लेना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना बेहतर है।

कुल मिलाकर, सही खान-पान, पर्याप्त धूप, समय पर जांच और डॉक्टर की सलाह Vitamin B12 और Vitamin D की कमी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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