Vitamin Deficiency Alert: शरीर में इन विटामिन्स की कमी बढ़ा सकती है डिमेंशिया का खतरा, रिसर्च में बड़ा खुलासा

Vitamin Deficiency Alert: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वक़्त रहते पोषण से जुड़ी कमियों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगामी वक़्त में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

Priya Singh Bisen
Published on: 12 Jun 2026 12:01 PM IST (Updated on: 12 Jun 2026 12:01 PM IST)
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Vitamin Deficiency Alert: आज की व्यस्तता भरी रोजमर्रा की जिंदगी में लोग अपने स्वास्थ्य और खानपान पर कम ध्यान दे रहे हैं, जिसका बड़ा प्रभाव सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि दिमाग पर भी पड़ रहा है। हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN) की एक महत्वपूर्ण रिसर्च में खुलासा हुआ है कि कुछ आवश्यक विटामिन्स की कमी भूलने की बीमारी यानी डिमेंशिया (Dementia) के खतरे को बढ़ा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वक़्त रहते पोषण से जुड़ी कमियों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगामी वक़्त में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

क्या है डिमेंशिया?

डिमेंशिया मस्तिष्क से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसमें व्यक्ति की याददाश्त धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। इसके अलावा सोचने-समझने की क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति और दैनिक कार्यों को करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। आमतौर पर यह बीमारी बढ़ती उम्र के साथ जुड़ी मानी जाती है, लेकिन अब कम उम्र के लोगों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं।

रिसर्च में क्या सामने आया?

यह रिसर्च "द लैंसेट रीजनल हेल्थ – साउथ ईस्ट एशिया" जर्नल में पब्लिश किया गया है। रिसर्च के दौरान तेलंगाना के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के 40-80 साल की आयु वर्ग के लगभग 570 लोगों को शामिल किया गया। शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों की मानसिक क्षमता, खानपान की आदतों और रक्त में मौजूद विभिन्न विटामिन्स के स्तर का विश्लेषण किया।

अध्ययन में यह भी सामने आया है कि लगभग 40% प्रतिभागियों में भविष्य में डिमेंशिया विकसित होने का जोखिम ज्यादा था। जिन लोगों में यह जोखिम अधिक पाया गया, उनके शरीर में विटामिन डी, विटामिन बी2, विटामिन बी6 और विटामिन बी12 का स्तर सामान्य से कम था।

खराब खानपान बन रहा बड़ा कारण

विशेषज्ञों के मुताबिक असंतुलित आहार, ज्यादा मात्रा में सैचुरेटेड फैट का सेवन और फल-सब्जियों की कमी शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी पैदा कर रही है। यही कमी धीरे-धीरे मस्तिष्क के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।

रिसर्च में यह भी पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करते थे, उनमें डिमेंशिया का खतरा अपेक्षाकृत कम था।

जेनेटिक कारण भी हैं जिम्मेदार

शोधकर्ताओं ने बताया कि डिमेंशिया का एक कारण आनुवंशिक (Genetic) भी हो सकता है। हालांकि, स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित आहार अपनाकर इस बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा मधुमेह, मोटापा, उच्च रक्तचाप, धूम्रपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी डिमेंशिया के खतरे को बढ़ाने वाले प्रमुख कारक हैं।

कैसे करें बचाव?

विशेषज्ञों का कहना है कि दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स से भरपूर संतुलित आहार लेना बेहद आवश्यक है। नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने से मस्तिष्क की कार्यक्षमता लंबे समय तक बेहतर बनी रह सकती है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा स्थिति जारी रही तो साल 2050 तक भारत में डिमेंशिया के मामलों में तेजी से वृद्धि हो सकती है। इसलिए वक़्त रहते जागरूकता बढ़ाना और पोषण पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। स्वस्थ खानपान और सक्रिय जीवनशैली न सिर्फ शरीर बल्कि मस्तिष्क को भी लंबे वक़्त तक स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Priya Singh Bisen
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Priya Singh Bisen

Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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