Weight Loss Tips: वजन घटाने के लिए Water Fasting या Intermittent Fasting? जानें कौन-सा तरीका है सुरक्षित और असरदार

Weight Loss Tips: सवाल यह उठता है कि वजन घटाने के लिए कौन-सा तरीका अधिक लाभकारी और सुरक्षित माना जाता है?

Priya Singh Bisen
Published on: 25 Jun 2026 7:00 AM IST
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Weight Loss Tips: आज कल देखा जाये तो लोगों में तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके कारण देश लगभग हर घर में लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं। वजह घटाने के लिए लोग कई तरह के अलग-अलग डाइट प्लान अपना रहे हैं। इनमें वॉटर फास्टिंग (Water Fasting) और इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले तरीके हैं। हालांकि, दोनों का उद्देश्य वजन कम करना है, लेकिन इनके काम करने का तरीका, सुरक्षा और लंबे वक़्त तक अपनाने की क्षमता एक-दूसरे से बहुत अलग है। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि वजन घटाने के लिए कौन-सा तरीका अधिक लाभकारी और सुरक्षित माना जाता है?

क्या होती है Water Fasting?

एक्सपर्ट के मुताबिक, वॉटर फास्टिंग में व्यक्ति 24 घंटे से लेकर कई दिनों तक सिर्फ पानी का सेवन करता है। इस दौरान कोई ठोस भोजन, जूस, चाय, कॉफी या कैलोरी युक्त पेय नहीं लिया जाता। कैलोरी का सेवन अचानक बंद होने पर शरीर ऊर्जा के लिए जमा फैट का इस्तेमाल करना शुरू कर देता है, जिससे शुरुआती दिनों में वजन तेजी से कम होता नज़र आने लगता है।

हालांकि, विशेषज्ञ बताते हैं कि शुरुआती वजन में होने वाली कमी का बड़ा हिस्सा शरीर में मौजूद पानी और मांसपेशियों के कम होने के कारण भी हो सकता है, इसलिए इसे पूरी तरह फैट लॉस नहीं माना जा सकता।

Water Fasting के क्या हैं जोखिम?

एक्सपर्ट का कहना है कि बिना चिकित्सकीय निगरानी के वॉटर फास्टिंग करना कई लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे कमजोरी, चक्कर आना, डिहाइड्रेशन, सिर में दर्द, ब्लड शुगर का स्तर कम होना और शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।

डायबिटीज, लो ब्लड प्रेशर, ईटिंग डिसऑर्डर या किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहे लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के इस तरह की फास्टिंग बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।

Intermittent Fasting क्यों मानी जाती है बेहतर?

इंटरमिटेंट फास्टिंग एक ज्यादा सुरक्षित और लंबे वक़्त तक अपनाई जा सकने वाली जीवनशैली है। इसमें खाने का वक़्त तय किया जाता है। सबसे लोकप्रिय 16:8 पैटर्न में व्यक्ति 16 घंटे तक उपवास रखता है और बाकी 8 घंटे के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक भोजन करता है।

इस दौरान शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी मिलते रहते हैं, जिससे ऊर्जा का स्तर बना रहता है। यदि इसे संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ अपनाया जाए, तो यह वजन कम करने के साथ-साथ इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने और बार-बार खाने की आदत को नियंत्रित करने में भी सहायता कर सकता है।

कौन-सा तरीका है अधिक फायदेमंद ?

एक्सपर्ट का मानना है कि ज्यादातर लोगों के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग, वॉटर फास्टिंग की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, व्यावहारिक और टिकाऊ विकल्प है। यह न सिर्फ वजन नियंत्रित करने में सहायता करता है बल्कि शरीर को ज़रूरी पोषण भी उपलब्ध कराता है। वहीं वॉटर फास्टिंग केवल विशेष परिस्थितियों में और डॉक्टर की निगरानी में ही की जानी चाहिए।

स्वस्थ तरीके से करें वजन कम

वजन कम करने के लिए किसी भी तरह की फास्टिंग शुरू करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेना आवश्यक है। संतुलित आहार, नियमित रूप से व्यायाम, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और स्वस्थ जीवनशैली ही लंबे वक़्त तक वजन नियंत्रित रखने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जल्दबाजी में अपनाए गए कठोर डाइट प्लान की बजाय वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से वजन कम करना ही बेहतर विकल्प है।

Priya Singh Bisen
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Priya Singh Bisen

Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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