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क्या 26 तारीख है ‘मनहूस’? नेपाल बाढ़ से 2004 सुनामी और 26/11 तक, बड़ी त्रासदियों की पूरी सूची
26 तारीख को दुनिया में हुई बड़ी त्रासदियों की पूरी सूची। नेपाल फ्लैश फ्लड, 2004 सुनामी, गुजरात भूकंप, मुंबई आतंकी हमला और चर्नोबिल जैसी घटनाओं का इतिहास जानिए।
26 Date Disasters: क्या किसी तारीख को ‘मनहूस’ कहा जा सकता है? विज्ञान इस तरह की किसी धारणा को स्वीकार नहीं करता। किसी खास तारीख पर बार-बार बड़ी आपदाओं का होना सामान्यतः संयोग और घटनाओं के सांख्यिकीय संकेंद्रण का परिणाम माना जा सकता है। हालांकि, इतिहास के पन्नों पर नजर डालें तो 26 तारीख को दुनिया में कई भीषण प्राकृतिक और मानव-निर्मित त्रासदियां दर्ज हुई हैं।
26 अगस्त 2026 को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और इससे पहले 26 दिसंबर 2004 की हिंद महासागर सुनामी, 26 जनवरी 2001 का गुजरात भूकंप, 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमले और 26 अप्रैल 1986 की चर्नोबिल परमाणु दुर्घटना जैसी घटनाएं इस तारीख को लेकर एक विचित्र ऐतिहासिक संयोग जरूर सामने लाती हैं।
26 अगस्त 2026: नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड
नेपाल के रासुवा जिले और आसपास के इलाकों में 26 अगस्त 2026 को अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। भोटे कोशी नदी तंत्र में अचानक पानी और मलबे का प्रवाह बढ़ने से कई बस्तियां प्रभावित हुईं।
बाढ़ के कारण सड़कें और पुल बह गए तथा हाइड्रोपावर परियोजनाओं सहित कई अहम ढांचों को नुकसान पहुंचा। उपलब्ध रिपोर्टों में मृतकों और लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ती बताई गई है।
हालांकि, नेपाल में इस आपदा से जुड़ी मौतों और लापता लोगों के आंकड़े लगातार अपडेट हुए हैं। इसलिए किसी एक अंतिम संख्या को आधिकारिक अंतिम आंकड़ा मानने से पहले नेपाल सरकार या नेपाल पुलिस के नवीनतम आंकड़ों की पुष्टि जरूरी है।
26 तारीख को हुईं बड़ी प्राकृतिक आपदाएं:
26 अक्टूबर 2015: हिंदूकुश भूकंप
26 अक्टूबर 2015 को 7.5 तीव्रता का भूकंप हिंदूकुश क्षेत्र में आया। इसका असर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में महसूस किया गया। इस आपदा में करीब 400 लोगों की मौत हुई।
26 मई 2006: योग्याकार्ता भूकंप
इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर योग्याकार्ता के पास 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। बड़े पैमाने पर मकान और इमारतें तबाह हुईं और 5,700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
26 जुलाई 2005: महाराष्ट्र बाढ़
26 जुलाई 2005 को महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश ने खासकर मुंबई को बेहाल कर दिया। मुंबई में करीब 944 मिमी बारिश 24 घंटे में दर्ज की गई थी। सड़कें, रेलवे लाइनें और घर पानी में डूब गए और जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया। महाराष्ट्र में इस आपदा से 1,094 लोगों की मौत हुई।
26 दिसंबर 2004: हिंद महासागर भूकंप और सुनामी
26 दिसंबर 2004 को सुमात्रा के तट के पास 9.1 तीव्रता का शक्तिशाली समुद्री भूकंप आया। इसके बाद हिंद महासागर में उठी विशाल सुनामी ने इंडोनेशिया, श्रीलंका, भारत और थाईलैंड समेत कई देशों में भारी तबाही मचाई।
करीब 2.28 लाख लोग मारे गए या लापता हुए और मृत मान लिए गए। यह आधुनिक इतिहास की सबसे घातक प्राकृतिक आपदाओं में से एक है।
26 दिसंबर 2003: ईरान का बाम भूकंप
ईरान के ऐतिहासिक शहर बाम में 26 दिसंबर 2003 को 6.6 तीव्रता का भूकंप आया। बड़ी संख्या में इमारतें ढह गईं और करीब 31,000 लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई।
26 जनवरी 2001: गुजरात भूकंप
भारत में 26 जनवरी 2001 का दिन गणतंत्र दिवस के साथ-साथ एक भीषण प्राकृतिक आपदा के लिए भी याद किया जाता है। गुजरात के कच्छ क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई।
इस आपदा में करीब 20,000 लोगों की मौत हुई और 1.66 लाख से ज्यादा लोग घायल हुए।
26 अप्रैल 1990: गोंघे भूकंप
चीन के चिंगहाई प्रांत में 26 अप्रैल 1990 को करीब 7 तीव्रता का भूकंप आया। गोंघे क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ और 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
26 नवंबर 1987: इंडोनेशिया भूकंप और सुनामी
26 नवंबर 1987 को इंडोनेशिया के पंतर क्षेत्र में 6.5 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद सुनामी भी आई, जिसमें 125 लोगों की मौत हुई।
26 मई 1983: जापान भूकंप और सुनामी
उत्तरी जापान के तट के पास 26 मई 1983 को 7.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद आई सुनामी ने अकिता और आओमोरी प्रांत के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित किया। इस आपदा में 104 लोगों की मौत हुई।
26 जुलाई 1963: स्कोप्जे भूकंप
तत्कालीन यूगोस्लाविया के स्कोप्जे में 26 जुलाई 1963 को 6.1 तीव्रता का भूकंप आया। शहर का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया और करीब 1,070 लोगों की मौत हुई, जबकि दो लाख से ज्यादा लोग बेघर हुए।
26 नवंबर 1943: लाडिक भूकंप
तुर्किये के लाडिक-सैमसन-हव्जा क्षेत्र में 26 नवंबर 1943 को 7.5 तीव्रता का भूकंप आया। इसमें करीब 4,020 लोगों की मौत हुई।
26 दिसंबर 1939: एरजिनकान भूकंप
तुर्किये में 26 दिसंबर 1939 को 7.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया। उत्तरी अनातोलियन फॉल्ट के आसपास बड़े पैमाने पर तबाही हुई और करीब 32,700 लोगों की मौत हुई।
26 सितंबर 1932: ग्रीस का लेरिसोस भूकंप
ग्रीस के चाल्किडिकी प्रायद्वीप में 26 सितंबर 1932 को शक्तिशाली भूकंप आया। लेरिसोस और आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों मकान तबाह हुए और सुनामी भी दर्ज की गई। अलग-अलग ऐतिहासिक अनुमानों में मृतकों की संख्या करीब 160 से 500 तक बताई गई है।
सिर्फ प्राकृतिक आपदाएं नहीं, मानव-निर्मित त्रासदियां भी
26 तारीख का यह संयोग केवल भूकंप, बाढ़ और सुनामी तक सीमित नहीं है। कई बड़ी मानव-निर्मित त्रासदियां भी इसी तारीख को हुईं।
26 सितंबर 2023: इराक वेडिंग हॉल आग
इराक के कराकोश में 26 सितंबर 2023 को एक शादी समारोह के दौरान आग लग गई। रिपोर्टों के अनुसार, इनडोर आतिशबाजी से ज्वलनशील सजावटी सामग्री ने आग पकड़ ली। हादसे में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
26 अगस्त 2021: काबुल एयरपोर्ट हमला
अफगानिस्तान से अमेरिकी नेतृत्व वाले निकासी अभियान के दौरान 26 अगस्त 2021 को काबुल एयरपोर्ट के पास आत्मघाती विस्फोट हुआ। हमले में कम से कम 183 लोगों की मौत हुई, जिनमें 170 अफगान नागरिक और 13 अमेरिकी सैनिक शामिल थे।
26 नवंबर 2008: मुंबई आतंकी हमले
भारत के इतिहास की सबसे भयावह आतंकी घटनाओं में से एक 26 नवंबर 2008 को मुंबई में शुरू हुई। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 10 आतंकवादियों ने कई स्थानों को निशाना बनाया।
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और ताज महल पैलेस होटल समेत कई जगहों पर हमले हुए। करीब तीन दिन चले इस आतंकी हमले में 166 लोगों की मौत हुई, जबकि नौ हमलावर भी मारे गए और 300 से अधिक लोग घायल हुए।
26 मई 1991: Lauda Air Flight 004 हादसा
26 मई 1991 को बैंकॉक से वियना जा रहा Lauda Air का बोइंग 767 विमान थाईलैंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार सभी 223 लोगों की मौत हुई।
26 अप्रैल 1986: चर्नोबिल परमाणु दुर्घटना
26 अप्रैल 1986 को तत्कालीन सोवियत यूक्रेन स्थित चर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र के रिएक्टर नंबर 4 में सुरक्षा परीक्षण के दौरान विस्फोट हुआ। बड़ी मात्रा में रेडियोधर्मी पदार्थ वातावरण में फैल गया।
इस हादसे की तत्काल आधिकारिक मौतों की संख्या 31 बताई गई थी, जबकि विकिरण से लंबे समय में हुई मौतों का अनुमान अलग-अलग वैज्ञानिक अध्ययनों में अलग-अलग रहा है।
26 अप्रैल 1942: बेनशिहू कोलियरी हादसा
चीन के लियाओनिंग प्रांत की बेनशिहू कोयला खदान में 26 अप्रैल 1942 को गैस और कोयले की धूल के विस्फोट के बाद जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड के कारण 1,549 खनिकों की मौत हुई। इसे इतिहास की सबसे घातक खनन दुर्घटनाओं में गिना जाता है।
क्या सच में 26 तारीख ‘मनहूस’ है?
इतनी घटनाओं को एक साथ देखने पर 26 तारीख को लेकर अंधविश्वास पैदा होना स्वाभाविक है, लेकिन विज्ञान के पास इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि 26 तारीख अपने आप में ज्यादा खतरनाक है।
किसी खास तारीख पर कई बड़ी घटनाओं का होना संयोग, आबादी के आकार, घटनाओं की विशाल संख्या और चयनात्मक स्मृति जैसे कारकों से समझाया जा सकता है। दुनिया में हर दिन हजारों प्राकृतिक और मानव-निर्मित घटनाएं होती हैं, लेकिन जब किसी एक तारीख से जुड़ी कई बड़ी त्रासदियां सामने आती हैं तो हमारा दिमाग उनके बीच पैटर्न तलाशने लगता है।
इसलिए नेपाल की 26 अगस्त की त्रासदी को इतिहास में दर्ज एक और भयावह घटना जरूर कहा जा सकता है, यह दोहराव लोगों को सोचने पर मजबूर करता है, लेकिन इसे 26 तारीख के ‘मनहूस’ होने का वैज्ञानिक प्रमाण कहना सही नहीं होगा।


