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Punjab Civic Elections में ‘AAP’ की आंधी! BJP-कांग्रेस साफ, विधानसभा चुनाव से पहले हो गया खेला?
Punjab Civic Elections Result: सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने इन चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी दलों को पीछे छोड़ दिया है।
Punjab Civic Elections Result
Punjab Civic Elections Result: पंजाब नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश दिया है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने इन चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी दलों को पीछे छोड़ दिया है। चार साल से अधिक समय से सत्ता में रहने के बावजूद पार्टी ने स्थानीय निकाय चुनावों में मजबूत जनसमर्थन हासिल किया, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उसका राजनीतिक आत्मविश्वास और बढ़ गया है।
नतीजों से बीजेपी को लगा तगड़ा झटका
राज्यभर में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों की कुल 1977 सीटों पर मतदान हुआ था। इनमें 8 नगर निगम, 75 नगर काउंसिल और 20 नगर पंचायतें शामिल थीं। अधिकांश राजनीतिक दलों ने अपने चुनाव चिन्ह पर उम्मीदवार उतारे थे, जिससे यह मुकाबला स्थानीय स्तर के साथ-साथ राजनीतिक दलों की लोकप्रियता की भी परीक्षा बन गया। चुनाव परिणामों में आम आदमी पार्टी ने सबसे अधिक 958 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को 397 सीटें मिलीं, जबकि अन्य उम्मीदवारों ने 251 सीटों पर सफलता हासिल की। शिरोमणि अकाली दल को 192 सीटें और भारतीय जनता पार्टी को 172 सीटों से संतोष करना पड़ा। बहुजन समाज पार्टी केवल 7 सीटें जीत सकी।
आठ नगर निगमों के परिणामों पर नजर डालें तो कपूरथला नगर निगम में कांग्रेस ने जीत हासिल की, जबकि अबोहर में भाजपा ने बाजी मारी। पठानकोट में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सकी। दूसरी ओर बठिंडा, मोगा, बरनाला, बटाला और मोहाली नगर निगमों में आम आदमी पार्टी ने अपना दबदबा कायम रखा। इन नतीजों में सबसे बड़ा झटका भाजपा को लगा है। पार्टी को कई क्षेत्रों में अपेक्षित समर्थन नहीं मिला और कई उम्मीदवारों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। आम आदमी पार्टी का दावा है कि भाजपा के बड़ी संख्या में उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। हालांकि भाजपा नेताओं का कहना है कि वे पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
भगवंत मान ने जनता का ऐतिहासिक जनादेश बताया
चुनाव परिणामों के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे जनता का ऐतिहासिक जनादेश बताया। उन्होंने कहा कि लोगों ने उनकी सरकार की नीतियों और विकास कार्यों पर भरोसा जताया है। वहीं पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इसे सरकार के कामकाज की स्वीकृति बताते हुए जनता का आभार व्यक्त किया। हालांकि विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल ने कई स्थानों पर धांधलीए नामांकन रद्द करने और प्रशासनिक पक्षपात के आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि बड़ी संख्या में उनके उम्मीदवारों के नामांकन खारिज किए गएए जिससे चुनावी मुकाबले प्रभावित हुए। विपक्ष का कहना है कि वह इन मुद्दों को लेकर आगे भी आवाज उठाता रहेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनाव परिणामों का असर आने वाले विधानसभा चुनावों में भी देखने को मिल सकता है और पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।


